Rajasthan

देसी जुगाड़ का कमाल… कबाड़ से बना दी ऐसी बाइक जो 30 हजार में दौड़ती है 70 KM, CM भी कर चुके हैं तारीफ

Last Updated:May 14, 2026, 10:29 IST

Jaipur Scrap Bike Innovation: जयपुर के चार दोस्तों ने अपनी रचनात्मकता और तकनीकी समझ का उपयोग करते हुए कबाड़ और जुगाड़ से एक अनोखी बाइक तैयार की है. इस बाइक को बनाने में मात्र 30 हजार रुपये की लागत आई है, लेकिन यह बाइक लगभग 70 किलोमीटर तक आसानी से चल सकती है. खास बात यह है कि इस इनोवेशन की सराहना स्वयं मुख्यमंत्री तक कर चुके हैं, जिससे इन युवाओं का हौसला और बढ़ गया है. यह बाइक पुराने और बेकार पड़े सामान को रीसायकल करके बनाई गई है, जो न केवल किफायती है बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है. इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य कम लागत में टिकाऊ और उपयोगी वाहन तैयार करना है, जो आम लोगों के लिए भी सुलभ हो सके.

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जयपुर: जयपुर के युवा टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर दिन नई-नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं. जिनमें ख़ासतौर पर जयपुर टेक्नोलॉजी और इंजिनियर कॉलेज के छात्र जो अपने तकनीकी ज्ञान और हुनर से टेक्नोलॉजी के आगे बढ़ रहें. ऐसे हालही में नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर आयोजित कार्यक्रम में 1200 स्टूडेंट्स ने अपने स्टार्टअप्स और इंवेंशन को पेश किया. इस ‘रेस्पॉसिबल इनोवेशन फॉर इंक्लूसिव ग्रोथ’ थीम पर रखें इस कार्यक्रम में जयपुर के युवाओं ने भी अपने टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया.

जिसमें जयपुर के झालाना डूंगरी स्थिति राम चंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज के चार दोस्तों ने कबाड़ से जुगाड़ लगाकर बेहतरीन इलेक्ट्रिक बाइक तैयार की जिसकी सराहना मुख्यमंत्री तक कर चुके हैं कॉलेज के चार छात्र नवीन, सारांश यादव, अवधेश प्रजापत और सौरभ चौधरी ने मिलकर एक ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक तैयार की है जो 1 लाख की ई-बाइक्स को टक्कर दे देती हैं. यह बाइक बाजारों में चलने वाली इलेक्ट्रिक बाइक की तरह हैं जिसकी कीमत लाखों नहीं बल्कि मात्र 30 हजार रुपए हैं. इन चार दोस्तों द्वारा बनाई गई यह बाइक ‘आत्मनिर्भर भारत’ का बेहतरीन उदाहरण है जो अन्य युवाओं को भी प्रेरित करती हैं.

कबाड़ के सामान से कैसे बनाईं बाइक लोकल-18 ने कबाड़ से बाइक बनाने वाले इन चार दोस्तों से बात की तो वह बताते हैं कि उन्हें इस बाइक को पूरी तरह स्क्रेप मटेरियल से तैयार की हैं जो पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड़ पर चलती हैं. बाइक के अंदर लगाई गई बैटरी लिथियम की हैं जो 3 घंटे में 80 किलोमीटर तक का सफ़र तय करने में सक्षम हैं. छात्र नवीन का कहना हैं कि कॉलेज के प्रोजेक्ट के तरह उन्होंने इस बाइक को तैयार किया था जिसकी अब लोग खूब तारिफ करते हैं. बाइक को तैयार करने के लिए उन्होंने जयपुर के अलग-अलग बाइक्स के मार्केट में जाकर कबाड़ और पुराने हो चुके अलग-अलग पूर्जो को इक्ट्ठा किया और फिर अपनी डिजाइन के हिसाब से इसे बनाया हैं जो हूबहू एक सामान्य बाइक की तरह ही चलती हैं.

छात्रों का कहना हैं बाइक दिखने में भले ही पूरानी दिखाई देते हैं. लेकिन चलने में बेहतरीन हैं. बाइक बनाने वाले छात्रों का कहना हैं कि यह बाइक बस एक प्रोजेक्ट के रूप में तैयार की थी लेकिन ऐसी ही बाइक नए पूर्जो के साथ तैयार की जाए तो यह अन्य बाइक कंपनियों की बाइक की तरह ही बन सकती हैं.‌

कबाड़ से प्रदूषण को कंट्रोल करने वाली बाइक लोकल-18 से बात करते हुए बाइक बनाने वाले छात्रों का कहना हैं कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की तर्ज पर बनाई गई हैं जो स्वदेशी होने के साथ ई व्हील्स के फिल्ड में प्रदूषण मुक्त भविष्य की ओर एक बड़ा हैं. छात्रों का कहना हैं कि इस बाइक को हम चार दोस्तों ने मिलकर बनाया हैं लेकिन इसके लिए कॉलेज के हर्ष परनामी सर ने उन्हें मार्गदर्शन दिया हैं.

इस बाइक में हर्ष परनामी सर के टेक्निकल गाइडेंस की वजह से ही हम कबाड़ की दुकान से लिए हुए चेसिस को एक हाई-टेक इलेक्ट्रिक बाइक में बदल पाए हैं, उन्होंने हमें 900W BLDC मोटर और 1000W कंट्रोलर के परफेक्ट इंटीग्रेशन जैसी तकनीक जानकारी दी जिसके चलते यह बाइक तैयार हुई. छात्रों का कहना हैं ई व्हीकल की किसी भी कंपनी ने अब तक ऐसी बाइक नहीं बनाई जो 30 हजार रुपए में 70 से 80 किलोमीटर का सफर तय कर सकें.

About the AuthorJagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें

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