Anushka Pareek UPSC: बेटी बनी अफसर तो छलक पड़े पिता के आंसू, पहली पोस्टिंग पर अनुष्का ने संभाली कमान

Last Updated:September 16, 2026, 16:03 IST
Anushka Pareek Administrative Officer: बचपन से प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखने वाली बीकानेर की अनुष्का पारीक ने अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर मुकाम हासिल किया. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में पहली पोस्टिंग पर कार्यभार संभालते समय पिता घनश्याम पारीक भी साथ रहे. बेटी को अधिकारी की जिम्मेदारी संभालते देख पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
बीकानेर. अपनी लगन, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर बीकानेर की बेटी अनुष्का पारीक ने प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है. उनकी सफलता केवल परिवार की खुशी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बीकानेर के लिए गर्व का विषय बन गई है. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अपनी पहली पोस्टिंग पर कार्यभार संभालने के दौरान उनके पिता घनश्याम पारीक भी साथ रहे. बेटी को अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालते देखकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े.
घनश्याम पारीक और मीनाक्षी पारीक की पुत्री अनुष्का बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं. उन्होंने कक्षा दसवीं और बारहवीं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया. पढ़ाई के प्रति गंभीरता और प्रशासनिक सेवा में जाने के लक्ष्य ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. अनुष्का ने अपने सपने को साकार करने के लिए दिल्ली जाकर संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी की. परिवार से दूर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने चुनौतियों से हार मानने के बजाय उन्हें अपनी ताकत बनाया. नियमित अध्ययन, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने प्रशासनिक सेवा में स्थान हासिल किया.
बेटी की उपलब्धि देख भावुक हुए पितारुद्रप्रयाग में पहली पोस्टिंग पर अनुष्का के कार्यभार संभालने का क्षण उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा. इस विशेष अवसर पर उनके पिता घनश्याम पारीक भी उनके साथ मौजूद रहे. जिस बेटी को बचपन से पढ़ते, मेहनत करते और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते देखा, उसे अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर जिम्मेदारी संभालते देख वह अपनी भावनाएं नहीं रोक सके.
बेटी की सफलता पर उनकी आंखों से छलके खुशी के आंसू वर्षों की मेहनत, संघर्ष और उम्मीदों की कहानी बयां कर रहे थे. यह पल केवल एक पिता के लिए भावुक करने वाला नहीं था, बल्कि उन सभी माता-पिता के लिए प्रेरणादायी था, जो अपनी बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.
मेहनत को बनाया सफलता का आधारपरिवार के अनुसार अनुष्का ने बचपन से ही अपने लक्ष्य के प्रति गंभीरता दिखाई. उन्होंने अनुशासन और निरंतर मेहनत को सफलता का आधार बनाया. कठिन परिस्थितियों और प्रतियोगी परीक्षा के दबाव के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से नजर नहीं हटाई. उनकी सफलता ने साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, सही दिशा और लगातार प्रयास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. अनुष्का की उपलब्धि विशेष रूप से उन युवाओं और छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो प्रशासनिक सेवाओं में जाकर देश और समाज की सेवा करने का सपना देखते हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bikaner,Rajasthan
First Published :
September 16, 2026, 16:03 IST



