Health Tips: थायरॉइड से हैं परेशान? करें ब्रिज पोज से उज्जायी तक 5 प्राणायाम, मिलेगी राहत। Yoga for Thyroid

Last Updated:September 16, 2026, 15:16 IST
Best Yoga Poses for Thyroid: थायरॉइड से आप परेशान हैं? तो योग शिक्षिका पूजा ने थायरॉइड के लिए 5 आसान योगासन बताए हैं. इसमें ब्रिज पोज, हलासन, ऊंटासन, मत्स्यासन और उज्जायी प्राणायाम शामिल है. ये आसन तनाव कम कर शरीर को आराम देते हैं. और थायरॉइड की समस्याओं में मदद करते हैं. तो आप भी घर बैठे इन आसनों को कर इस समस्या को कम कर सकते हैं.
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नई दिल्ली: आजकल तनाव, बिगड़ती दिनचर्या और हार्मोनल बदलाव के कारण थायरॉइड से जुड़ी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं. थायरॉइड शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और हार्मोन के संतुलन में अहम भूमिका निभाता है. ऐसे में दवाओं और डॉक्टर की सलाह के साथ योग और प्राणायाम को भी दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है. महादेवन योग स्टूडियो की योग शिक्षिका पूजा ने थायरॉइड से जुड़ी परेशानियों में शरीर और सांसों को संतुलित रखने वाले कुछ आसान योगाभ्यास बताए. उनका कहना है कि नियमित अभ्यास से शरीर को आराम देने और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है.
ब्रिज पोज से करें शुरुआतसबसे पहले मैट पर पीठ के बल लेट जाएं. घुटनों को मोड़कर पैरों को जमीन पर रखें और हाथों से एड़ियों को पकड़ें. अब धीरे-धीरे कूल्हों और छाती को ऊपर उठाएं. इस स्थिति में गर्दन और गले के आसपास हल्का खिंचाव महसूस हो सकता है. अपनी सांसों पर ध्यान देते हुए 10 से 20 सेकंड तक इस मुद्रा में रुकें.
हलासन में पैरों को सिर के पीछे ले जाएंब्रिज पोज के बाद धीरे-धीरे पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाएं और संभव हो तो पंजों को जमीन से छुआएं. इसे हलासन कहा जाता है. इस मुद्रा में जल्दबाजी न करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही रुकें। योग शिक्षिका के अनुसार, इस स्थिति में करीब 20 से 30 सेकंड तक अभ्यास किया जा सकता है.
ऊंटासन से गले और छाती पर खिंचावइसके बाद ऊंटासन यानी कैमल पोज किया जाता है. घुटनों के बीच थोड़ा अंतर रखें और धीरे-धीरे हाथों को पीछे ले जाकर एड़ियों को पकड़ें. छाती को ऊपर उठाते हुए शरीर को पीछे की ओर झुकाएं. इस दौरान सांस सामान्य रखें और 20 से 30 सेकंड तक मुद्रा में रहने का प्रयास करें.
मत्स्यासन में रखें सांसों पर ध्यानमत्स्यासन के लिए पीठ के बल लेटकर शरीर को आराम दें. इसके बाद छाती को ऊपर उठाते हुए सिर के ऊपरी हिस्से यानी क्राउन एरिया को मैट से टिकाने की कोशिश करें. हाथों को शरीर के पास या ऊपर की ओर रखा जा सकता है. इस मुद्रा में भी 20 से 30 सेकंड तक रुकने की सलाह दी गई.
अंत में करें उज्जायी प्राणायामआसनों के बाद कुछ देर आराम करें. इसके बाद उज्जायी प्राणायाम किया जा सकता है. इसमें मुंह बंद रखते हुए नाक से सांस अंदर-बाहर ली जाती है और गले से हल्की ह जैसी आवाज निकलती है. इस दौरान सांसों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. योग एक्सपर्ट पूजा के अनुसार, यह अभ्यास तनाव कम करने और सांसों को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
About the AuthorAmit Ranjan
अमित रंजन वर्तमान में में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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New Delhi,Delhi
First Published :
September 16, 2026, 15:16 IST



