आसाराम की न्याय की दौड़, जानें राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कब-कब क्या-क्या हुआ?

जयपुर. अपने ही आश्रम की शिष्या के साथ रेप केस में राजस्थान की जोधपुर की सेंट्रल जेल में जीवन की अंतिम सांस तक जेल की सजा भुगत रहे 85 वर्षीय आसाराम को आज फिर से बड़ा झटका लगा है. सु्प्रीम कोर्ट ने उनकी बीमारी को लेकर दायर याचिका पर एम्स की रिपोर्ट आधार पर फिलहाल अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है. कोर्ट की ओर से कहा गया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है. लेकिन उसे ट्रेंड केयरगिवर्स की चौबीसों घंटे मदद की जरूरत है. आसाराम को 25 अप्रैल 2018 जोधपुर एससी-एसटी कोर्ट ने नाबालिग से रेप के मामले में दोषी करार देते हुए जीवन की अंतिम सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रखने की सजा सुनाई थी.
उसके बाद आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल में रखा जा रहा है. यहां से बाहर निकलने के लिए आसाराम कई जतन कर चुका है. वह नीचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के अलावा अलग-अलग कारणों के आधार पर जोधपुर हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक के कई चक्कर लगा चुका है. लेकिन उसकी यह मंशा पूरी नहीं हो पाई है. ट्रायल के दौरान उसकी 10 से अधिक बार जमानत अर्जियां खारिज हुईं.
कई बार जोधपुर एम्स में भर्ती भी कराना पड़ासजा सुनाए जाने के बाद वह कई बार इलाज के लिए जोधपुर एम्स और देश के दूसरे हिस्से में भर्ती हो चुका है. लेकिन हर बार वह कोर्ट की कड़ी निगरानी में ही रहा है. बीते दिनों आसाराम को अतंरिम जमानत मिली थी. लेकिन बाद में आसाराम को फिर से सरेंडर करना पड़ा था. हालांकि इस दौरान आसाराम को कई स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते जोधपुर एम्स में भर्ती भी कराना पड़ा था.
आसाराम का कोर्ट से नाता कुछ यूं रहा है
25 अप्रैल 2018 – नाबालिग लड़की से रेप केस में दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.
जुलाई 2018 – आसाराम ने सजा के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट अपील दायर की.
सितंबर 2019 – हाईकोर्ट ने केस की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया.
जनवरी 2024 – उसके बाद भी आसाराम अलग-अलग तर्कों के साथ सजा निलंबन की मांग करता रहा. हाईकोर्ट ने जनवरी 24 में चौथी बार मांग खारिज की.
मार्च 2024 – आसाराम का स्वास्थ्य खराब होने पर राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से पुलिस निगरानी में आयुर्वेदिक उपचार की अनुमति मिली.
अप्रैल-जुलाई 2024 – आसाराम को इलाज के लिए परिस्थितियों के अनुसार समय-समय पर राहत और सुरक्षा संबंधी शर्तों में संशोधन किया जाता रहा.
अगस्त 2024 – आसाराम को पहली बार राजस्थान हाईकोर्ट से हृदय उपचार के लिए उसकी 7 दिन की आपात पैरोल मंजूर की गई.
जनवरी 2025 – उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए अंतरिम जमानत मंजूर की.
जनवरी 2025 – इसे पहले 31 मार्च 2025 तक मंजूर किया गया. बाद में उसकी अवधि बढ़ाई गई.
अक्टूबर 2025 – राजस्थान हाईकोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर उसकी 6 महीने की अंतरिम जमानत दी.
मई 2026 – राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बैंच ने अंतरिम राहत समाप्त करते हुए उसे सरेंडर करने का आदेश दिया. आसाराम ने फिर सरेंडर किया.
अगस्त 2026 – सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अंतरिम जमानत की मांग पर सुनवाई की. AIIMS से उसकी रिपोर्ट मंगाई गई. लेकिन अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया.
अगस्त 2026 – राजस्थान हाईकोर्ट ने पहली बार 20 दिन की नियमित पैरोल मंजूर की.
6 अगस्त 2026 – सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है. याचिका को अभी लंबित रखा है.



