Australia Racism Poster: ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ पोस्टरबाजी मचा हंगामा सांसद बोले- नफरत के लिए जगह नहीं

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ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों के खिलाफ पोस्टरबाजी, सांसद बोले- नफरत के लिए जगह नहीं
Last Updated:October 17, 2026, 10:31 IST
Anti Indian Racist Poster in Australia: ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के सेसनॉक शहर में ऐसी घटना हुई है, जिसने नस्लीय भेदभाव को एक बार फिर से उजागर कर दिया है. यहां भारतीयों और प्रवासियों के खिलाफ भद्दे मैसेज लिखकर पोस्टर चिपकाए गए, जिसके बाद यहां के सांसद को बचाव में उतरना पड़ा.
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ऑस्ट्रेलिया में नस्लीय पोस्टर लगे, सांसद ने किया विरोध.
सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य के सेसनॉक शहर में भारतीय समुदाय को निशाना बनाकर लगाए गए नस्लवादी पोस्टरों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सिडनी से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर में लगाए गए पोस्टरों में भारतीयों और प्रवासियों के खिलाफ आपत्तिजनक संदेश लिखे गए थे. मामले पर स्थानीय भारतीय समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है. वहीं ऑस्ट्रेलिया के एक सांसद ने इन पोस्टरों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें हटाने की अपील की है.
न्यू साउथ वेल्स के हंटर निर्वाचन क्षेत्र से सांसद डैन रेपाचोली ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इन पोस्टरों को बेहद घृणित बताया. उन्होंने कहा कि नफरत फैलाने वाले लोग स्थानीय समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करते. उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं ऐसे पोस्टर दिखाई दें, तो उनकी जानकारी दें, ताकि उन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की जा सके.
पोस्टर में भारतीयों को बनाया गया निशाना
विवादित पोस्टर में एक व्यक्ति को सड़क पर शौच करते हुए दिखाया गया है. इस तस्वीर के साथ लिखा था- ‘क्या यही आपकी संस्कृति है? हमें यह पसंद नहीं है.’ पोस्टर में ऑस्ट्रेलिया की आबादी से जुड़े आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया गया था. इतना ही नहीं दावा किया गया कि देश की 32 प्रतिशत आबादी विदेश में जन्मी है और इस सूची में भारत सबसे ऊपर है. प्रवासियों को देश से वापस भेजने की मांग करते हुए रीमाइग्रेशन नाउ यानी तत्काल वापसी का नारा लिखा गया था. इस तरह के संदेशों को भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने और उन्हें उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर निशाना बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.
सांसद ने कहा- नस्लवाद बर्दाश्त नहीं होगा
सांसद डैन रेपाचोली ने कहा कि सेसनॉक और हंटर क्षेत्र में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों का विरोध किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज में नफरत और विभाजन फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोगों की सोच पूरे समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं करती. उन्होंने स्थानीय लोगों से पोस्टरों की जानकारी देने और उन्हें हटाने में मदद करने की अपील की है. इतना ही ये भी कहा है कि ऐसे लोगों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी. रेपाचोली वर्ष 2022 में पहली बार हंटर क्षेत्र से ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के लिए चुने गए थे. साल 2025 में वह दोबारा निर्वाचित हुए. वह देश की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के सदस्य हैं.
ऑस्ट्रेलिया में कितने भारतीय?
न्यू साउथ वेल्स ऑस्ट्रेलिया का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है. इसकी राजधानी सिडनी देश का प्रमुख आर्थिक, व्यावसायिक और शैक्षणिक केंद्र है. यहां भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है. सिडनी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अनुसार, न्यू साउथ वेल्स और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की संख्या करीब 1.75 लाख है. यह ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय समुदाय का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा है. इतना ही नहीं ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों की आबादी इंग्लिश मूल के लोगों की आबादी से ज्यादा हो चुकी है. इन सबके बीच इस घटना ने एक बार फिर प्रवासियों के प्रति भेदभाव और नस्लवादी व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
About the AuthorPrateeti Pandey
में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…
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October 17, 2026, 10:31 IST



