Rajasthan

9 साल से खुद हाथों से संवार रहे ऐतिहासिक बावड़ियां और झालरे

Last Updated:October 17, 2026, 10:55 IST

Jodhpur Irish Elder Cleaning Stepwells: 80 साल के आयरिश बुजुर्ग कैरेन रॉन्सले पिछले 9 साल से जोधपुर की ऐतिहासिक बावड़ियों और झालरों को अपने हाथों से साफ कर रहे हैं. महिला बाग झालरे की बदहाली देखकर उन्होंने यह बीड़ा उठाया था. वे बिना किसी स्वार्थ के कचरा साफ करने के साथ-साथ स्कूलों में बच्चों को जल संरक्षण और पर्यावरण की सीख दे रहे हैं. उनके अनुसार पैसा पर्यावरण नहीं खरीद सकता, इसलिए जल स्रोतों को बचाने के लिए हर नागरिक को आगे आना चाहिए.

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जोधपुर: राजस्थान का ‘नी ब्लू सिटी’ यानी जोधपुर अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए पूरी दुनिया में विख्यात है. यहां की शान केवल इसके भव्य किले और महल ही नहीं हैं, बल्कि यहां की प्राचीन बावड़ियां और झालरे भी इसकी समृद्ध जल विरासत का अहम हिस्सा हैं. कभी जो जल स्रोत पूरे शहर की प्यास बुझाते थे, आज वे कई जगहों पर उपेक्षा और भारी गंदगी का शिकार हो रहे हैं. ऐसे में 80 वर्ष की उम्र में एक आयरिश बुजुर्ग कैरेन रॉन्सले उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आए हैं. पिछले नौ वर्षों से भारत में रहकर कैरेन ने जोधपुर की इन ऐतिहासिक बावड़ियों और झालरों को अपने हाथों से स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठाया है. वे बिना किसी स्वार्थ के खुद अपने हाथों से और अपने द्वारा तैयार किए गए विशेष जाल की मदद से जल स्रोतों में जमा कचरा निकाल रहे हैं.

मूल रूप से आयरलैंड के रहने वाले कैरेन रॉन्सले यूरोप और पाकिस्तान सहित दुनिया के कई देशों की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन जोधपुर से उनका जुड़ाव सबसे गहरा और अनोखा रहा है. वे इस शहर को अपना वास्तविक घर और खुद को भारतीय मानते हैं. भारत से उनके परिवार का नाता भी बहुत पुराना है. ब्रिटिश काल में उनके दादाजी डोरेन एक रेलवे इंजीनियर के रूप में भारत आए थे और देश की आजादी के बाद भी लंबे समय तक यहीं सेवा देते रहे. यूरोप में प्रदूषण की बढ़ती गंभीर समस्या को बेहद करीब से देखने वाले कैरेन नहीं चाहते कि भारत को भी कभी ऐसी भयावह स्थिति का सामना करना पड़े. इसी गहरी सोच और पर्यावरण प्रेम के साथ वे लगातार जल संरक्षण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं.

महिला बाग झालरे की बदहाली देख लिया खुद सफाई का संकल्पजोधपुर के प्रसिद्ध महिला बाग झालरे में पसरे कचरे के ढेरों को देखकर कैरेन को गहरा मानसिक आघात और दुख हुआ था. लेकिन उन्होंने किसी के आने या इंतजार करने के बजाय खुद ही झालरे की सफाई करने का बड़ा फैसला किया. उनके विचारों के अनुसार, किसी भी देश की वास्तविक सेहत और विकास का अंदाजा वहां के कचरे के प्रबंधन तथा जल स्रोतों की स्थिति से लगाया जा सकता है. प्रदूषित पानी और औद्योगिक कचरा मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत बड़ा खतरा है. उनका मानना है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर शिकंजा कसना चाहिए और शहर की सफाई में जुटी महिला सफाई कर्मचारियों को विशेष सम्मान व पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि उनकी मेहनत ही शहर को खूबसूरत रखती है.

पैसे नहीं, लोगों की भागीदारी है असली इनामकैरेन का कहना है कि जब लोग उनके इस निष्काम सेवा कार्य को देखते हैं, तो वे उनकी प्रशंसा करते हैं और कई बार आर्थिक मदद या उपहार देकर सम्मानित करने की कोशिश करते हैं. लेकिन उनके लिए असली इनाम और संतुष्टि कुछ और ही है. वे चाहते हैं कि शहर का हर आम नागरिक जल स्रोतों को साफ रखने की अपनी नैतिक जिम्मेदारी को स्वयं समझे. उनका साफ मानना है कि पैसा कभी भी बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों का सुरक्षित भविष्य नहीं खरीद सकता. इन अनमोल चीजों को बचाने के लिए केवल प्रेम, देखभाल और सामूहिक जनभागीदारी की आवश्यकता होती है.

बच्चों को जल संरक्षण की सीख और स्वच्छ भारत अभियान की सराहनाकैरेन अब केवल सफाई तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्कूलों में जाकर बच्चों को जल संरक्षण, स्वच्छता और स्वच्छ वायु के प्रति जागरूक करने का नेक काम भी कर रहे हैं. उनका दृढ़ विश्वास है कि बच्चों के मन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना ही भविष्य को सुरक्षित रखने का सबसे असरदार तरीका है. वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को एक बेहतरीन पहल मानते हैं, साथ ही उनका यह भी जोर है कि सफाई के बाद उसके निरंतर रखरखाव के लिए मजबूत कार्ययोजना होनी चाहिए. कैरेन का यह संदेश पूरे देश के लिए एक बड़ी मिसाल है कि ऐतिहासिक धरोहरों को बचाना केवल प्रशासन या सफाई कर्मियों का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक का पवित्र कर्तव्य है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Jodhpur,Jodhpur,Rajasthan

First Published :

October 17, 2026, 10:55 IST

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