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611 सरकारी स्कूलों के पास भवन और हजारों में शौचालय नहीं; राजस्थान सरकार ने खुद मानी बात

Last Updated:August 22, 2026, 21:50 IST

Rajasthan Government School Report : राजस्थान विधानसभा में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सरकार के जवाब ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सवाल पर सरकार ने बताया कि प्रदेश के 611 राजकीय विद्यालय भवन विहीन हैं. इसके अलावा 2,047 सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है, जबकि 1,049 स्कूलों में पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई है. राजस्थान में कुल 64,484 राजकीय विद्यालय हैं. सरकार ने इन कमियों को दूर करने के लिए स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार पर 550 करोड़ रुपए तथा भवन विहीन और जर्जर स्कूलों के निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपए का प्रावधान करने की जानकारी दी है.

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611 स्कूलों के पास भवन और हजारों में शौचालय नहीं; राजस्थान सरकार ने खुद मानाZoom611 सरकारी स्कूलों के पास भवन नहीं, 2000 से ज्यादा में शौचालय नहीं

जयपुर. राजस्थान में सरकारी स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर विधानसभा में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. राजस्थान सरकार ने अपने जवाब में माना है कि प्रदेश में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन नहीं है. वहीं बड़ी संख्या में स्कूल ऐसे भी हैं, जहां बच्चों के लिए शौचालय और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं.

यह जानकारी राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के सवाल के जवाब में सरकार की ओर से दी गई. जूली ने सरकार से स्कूलों में भवन, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाओं को लेकर सवाल पूछा था. सरकार के जवाब के बाद प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं.

64 हजार से ज्यादा स्कूल, फिर भी कई जगह जरूरी सुविधाओं की कमीसरकार की ओर से दिए गए जवाब के अनुसार-

राजस्थान में कुल 64,484 राजकीय विद्यालय हैं.
2,047 विद्यालय ऐसे हैं, जहां बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
1,049 सरकारी स्कूलों में पेयजल की सुविधा नहीं.
प्रदेश में 611 सरकारी स्कूल भवन विहीन हैं. यानी इन स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है.

टीकाराम जूली ने पूछा था कार्य योजना का सवालनेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में सरकार से पूछा था कि क्या विद्यालयों में भवन, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने कोई कार्य योजना तैयार की है. इस सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि स्कूलों की स्थिति सुधारने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में प्रावधान किया गया है. सरकार के अनुसार माध्यमिक शिक्षा के तहत वर्तमान सरकार ने बजट घोषणा के जरिए विद्यालयों की मरम्मत और जीर्णोद्धार के लिए 550 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान रखा है.

भवन विहीन और जर्जर स्कूलों के लिए 450 करोड़ का प्रावधानसरकार ने अपने जवाब में यह भी बताया कि भवन विहीन और जर्जर विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए 450 करोड़ रुपए की लागत से काम करवाने का प्रावधान रखा गया है. यानी एक तरफ सरकार ने माना है कि प्रदेश में 611 स्कूलों के पास भवन नहीं है, जबकि कई स्कूलों में बच्चों को शौचालय और पीने के पानी जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं. दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि इन कमियों को दूर करने के लिए बजट के जरिए मरम्मत, जीर्णोद्धार और नए भवन निर्माण की योजना बनाई गई है.

शिक्षा की बुनियादी जरूरतों पर फिर उठा सवालविधानसभा में सरकार के इस जवाब के बाद सरकारी स्कूलों की हालत एक बार फिर चर्चा में आ गई है. खास तौर पर शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. बच्चों के लिए ये सामान्य जरूरतें हैं, लेकिन सरकार के अपने आंकड़े बता रहे हैं कि हजारों स्कूलों में इनकी कमी बनी हुई है. अब सरकार ने 550 करोड़ रुपए से स्कूलों की मरम्मत और जीर्णोद्धार, जबकि 450 करोड़ रुपए से भवन विहीन और जर्जर स्कूलों के भवन निर्माण का प्रावधान किया है. ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि यह बजट जमीन पर कब तक काम के रूप में दिखाई देता है और 611 भवन विहीन स्कूलों के साथ शौचालय व पेयजल सुविधा से वंचित स्कूलों की स्थिति में कितना सुधार होता है.

About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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Jaipur,Jaipur,Rajasthan

First Published :

August 22, 2026, 21:47 IST

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