नारियल ₹20 से पहुंचा ₹40 लेकिन राखी की खरीदारी में नहीं आई कमी, जानें झालावाड़ बाजार का हाल

Last Updated:August 27, 2026, 14:31 IST
Jhalawar Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन से पहले झालावाड़ के बाजार राखियों से सजे हैं. बारिश के बाद भी दुकानों पर महिलाओं और बच्चों की अच्छी भीड़ देखने को मिल रही है. इस बार महंगी डिजाइनर राखियों की बजाय सस्ती, सुंदर और मोती जड़ी राखियां पसंद की जा रही हैं. बच्चों में डोरेमोन, शिनचैन और छोटा भीम वाली राखियों का क्रेज है. वहीं नारियल और खोपरा गोले के बढ़ते दामों का असर भी खरीदारी पर दिखाई दे रहा है.
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रक्षाबंधन से पहले झालावाड़ के बाजार राखियों से सजे
झालावाड़: भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक पवित्र त्योहार रक्षाबंधन को लेकर पूरे देश के साथ-साथ झालावाड़ जिले में भी तैयारियां अपने चरम पर हैं. शहर के बाजारों में इन दिनों जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है. आसमान से हल्की बारिश का लगातार हो रही है, लेकिन इसके बाद भी मौसम की यह ठंडक खरीदारी के लिए निकले लोगों के उत्साह को बिल्कुल भी कम नहीं कर पाई है. शहर के बाजारों और सजावटी दुकानों पर महिलाओं और बच्चों की भीड़ नजर आ रही है. हर कोई अपने भाई की कलाई को सजाने के लिए सुंदर और प्यारी राखी की तलाश में जुटा हुआ है.
त्योहार के एक दिन पहले शहर के बाजारों में राखियों की दुकानें पूरी तरह सज चुकी हैं. दुकानों पर पारंपरिक डिजाइनों का सुंदर संग्रह देखने को मिल रहा है. इस बार महिलाओं की पहली पसंद बहुत अधिक महंगी डिजाइनर या चांदी की राखियां नहीं हैं, बल्कि वे परंपरागत मोती जड़ी किनारी वाली और हल्की फैंसी राखियों की खरीदारी पर ज्यादा जोर दे रही हैं. यह देखा जा रहा है कि आम जनता बजट को ध्यान में रखते हुए कम कीमत वाली सुंदर राखियों को अधिक प्राथमिकता दे रही है, जिससे दुकानों पर इन पारंपरिक वैरायटी की मांग सबसे ज्यादा बनी हुई है.
बच्चों की पसंद बने कार्टून कैरेक्टरइस पावन त्योहार पर खरीदारी का रंगीन और दिलचस्प हिस्सा बच्चों का उत्साह है. बाजार में बच्चों के लिए आकर्षक विकल्प मौजूद हैं. इस बार छोटे बच्चों में टेलीविजन और कॉमिक्स के लोकप्रिय कार्टून किरदारों वाली राखियों का जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है. बच्चे अपनी कलाई पर पारंपरिक धागों की बजाय डोरेमोन, शिन-चैन और छोटा भीम जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली रंग-बिरंगी राखियां बड़े चाव से खरीद रहे हैं. बच्चों की यह मासूम जिद और खरीदारी का उनका यह अंदाज बाजारों की रौनक को और अधिक बढ़ा रहा है.
महंगाई की मार, लेकिन कम नहीं हुआ बहनों का उत्साहभले ही बाजारों में उत्साह का माहौल है, लेकिन इस बार हर चीज की बढ़ती कीमतों का असर रक्षाबंधन के पर्व पर भी साफ महसूस किया जा रहा है. महंगाई के कारण पूजा और परंपरा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी सामग्री के दाम बढ़ गए हैं. खास तौर पर नारियल और खोपरा गोले की कीमतों में भारी उछाल आया है. पिछले साल जो नारियल आसानी से बीस रुपए में मिल जाता था, वह अब बढ़कर पैंतीस से चालीस रुपए तक पहुंच गया है. इसके अलावा खोपरा गोला और चीनी के दामों में हुई बढ़ोतरी के कारण मिठाइयों की कीमतों में भी तेजी आई है. इसके बावजूद, इन तमाम आर्थिक और महंगाई संबंधी अड़चनों के बीच भाई-बहन के इस पवित्र और पावन रिश्ते की मिठास और बहनों का उत्साह पूरी तरह बरकरार है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Jhalawar,Rajasthan
First Published :
August 27, 2026, 14:31 IST



