अजमेर में फूड सेफ्टी विभाग का बड़ा एक्शन, पिस्ता के नाम पर रंगी मूंगफली मिली, 2 टन सोहन पपड़ी सीज

Last Updated:August 04, 2026, 08:34 IST
Ajmer Food Safety Department Raid: अजमेर में त्योहारी सीजन से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ब्यावर रोड स्थित सोमलपुर की एक सोहन पपड़ी निर्माण इकाई पर छापा मारा. जांच के दौरान करीब 2000 किलो तैयार सोहन पपड़ी सीज कर दी गई और दो नमूने जांच के लिए लिए गए. निरीक्षण में फैक्ट्री में गंदगी, अनहाइजीनिक माहौल और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई. अधिकारियों ने पिस्ता कटिंग के नाम पर हरे रंग से रंगी मूंगफली का इस्तेमाल भी पकड़ा, जिसे मौके पर नष्ट करा दिया गया. विभाग ने निर्माण कार्य बंद कराने के साथ आगे की जांच शुरू कर दी है.
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने अजमेर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 2000 किलो तैयार सोहन पपड़ी सीज कर ली
अजमेर. त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही अजमेर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. विभाग की टीम ने ब्यावर रोड स्थित सोमलपुर में संचालित मैसर्स मुस्कान सोहन पपड़ी निर्माण इकाई पर छापामार कार्रवाई करते हुए करीब 2000 किलो तैयार सोहन पपड़ी सीज कर दी. इसके साथ ही जांच के लिए दो खाद्य नमूने भी लिए गए हैं. प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री में अत्यंत गंदगी, अनहाइजीनिक माहौल और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई है.
यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अजमेर डॉ. ज्योत्सना रांगा के निर्देशों की पालना में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने की. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सोहन पपड़ी का निर्माण बेहद अस्वच्छ वातावरण में किया जा रहा था. फैक्ट्री परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई थी और बड़ी संख्या में मक्खियां भिनभिना रही थीं, जिससे खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन सामने आया.
हरे रंग से रंगी हुई मूंगफली का किया जा रहा था इस्तेमाल
जांच के दौरान अधिकारियों को यह भी पता चला कि सोहन पपड़ी में बड़े पैमाने पर खाद्य रंगों का उपयोग किया जा रहा था. इतना ही नहीं, पिस्ता कटिंग के नाम पर हरे रंग से रंगी हुई मूंगफली का इस्तेमाल किया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर ही इस सामग्री को नष्ट करवा दिया, ताकि इसका उपयोग तैयार उत्पाद में न किया जा सके. कार्रवाई के दौरान खाद्य कारोबारी शाहबाज पुत्र यासीन ने अधिकारियों को बताया कि सोहन पपड़ी के निर्माण में रिफाइंड पामोलिन तेल और वनस्पति का उपयोग किया जा रहा था. जांच में यह भी सामने आया कि इकाई के पास केवल होलसेल श्रेणी का खाद्य लाइसेंस था, जबकि नियमों के अनुसार खाद्य निर्माण इकाई संचालित करने के लिए अलग से मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस होना अनिवार्य है.
जांच के लिए साथ ले गए सोहन पपड़ी के सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सोहन पपड़ी के दो सैंपल जांच के लिए साथ ले गए. वहीं फैक्ट्री में तैयार लगभग 2000 किलो सोहन पपड़ी को सीज कर दिया गया. साथ ही खाद्य कारोबारी को अगले आदेश तक निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं. विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. इस पूरी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी आनंद कुमार, दीपक कुमार, केसरी नंदन शर्मा, राजेंद्र शर्मा तथा सहायक के रूप में राजकुमार इंदौरिया शामिल रहे. खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Location :
Ajmer,Rajasthan
First Published :
August 04, 2026, 08:34 IST



