प्याज की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर, 15 अगस्त के बाद भी क्यों रुकी बुवाई? सामने आई वजह

Last Updated:August 19, 2026, 15:15 IST
Alwar Me Pyaaj Ki kheti : अलवर में किसान 15 अगस्त के बाद प्याज की बुवाई के लिए खेत तैयार कर रहे हैं. अच्छी पैदावार के लिए खुद का बीज (कण) लगा रहे हैं. अब कई किसान अपने खेतों में ही प्याज का बीज तैयार कर रहे हैं. बारिश की कमी से बुवाई में देरी हो रही है. खैरथल और अलवर क्षेत्र में तैयार होने वाला प्याज का बीज राजस्थान के कई जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा तक भेजा जा रहा है
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अलवर. जिले में 15 अगस्त के बाद किसानों ने प्याज की बुवाई के लिए खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है. किसान खेतों से खरपतवार हटाने में जुट गए हैं, ताकि प्याज की अच्छी पैदावार हो सके. किसान अपने खेतों में खुद तैयार किया हुआ प्याज का बीज यानी कण लगा रहे हैं, ताकि बेहतर क्वालिटी की प्याज तैयार हो और बाजार में अच्छा दाम मिल सके.
किशनगढ़ बास के किसान शौकत खान रटावत ने बताया कि इस बार उन्होंने अपने खेत में 15 बिस्वा जमीन में कण लगाया था, जिसमें करीब 35 क्विंटल कण यानी गांठी तैयार हुई. उन्होंने बताया कि पंचगंगा बादशाह किस्म का बीज उन्होंने खुद तैयार किया था. प्याज लगाने का समय 15 अगस्त के बाद शुरू हो जाता है, लेकिन मौसम सही नहीं होने के कारण इस बार प्याज लगाने में देरी हो रही है. हालांकि, किसान खेतों को तैयार करने में जुटे हुए हैं. इसके लिए खेतों की अच्छी तरह जुताई करने, खाद डालने और खरपतवार हटाने का काम किया जा रहा है.
50-60 फीसदी बारिश का इंतजार कर रहे किसानकिसानों ने बताया कि प्याज लगाने से पहले 50-60 फीसदी बारिश की आवश्यकता होती है. अभी बारिश कम होने के कारण प्याज की बुवाई शुरू नहीं हुई है. किसानों का कहना है कि पहले प्याज की गांठ बाहर से आती थी, लेकिन अब किसान खुद प्याज का बीज तैयार कर रहे हैं. इससे क्वालिटी में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है.
अलवर में तैयार बीज से अच्छी होती है प्याज की पैदावार
किसानों के अनुसार, अलवर में तैयार होने वाले बीज से प्याज की अच्छी पैदावार होती है. यही प्याज आगे चलकर बाजार में अलवर की प्याज के नाम से बिकती है. कुछ वर्ष पहले तक जिले के किसान प्याज के बीज के लिए मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा सहित दूसरे राज्यों पर निर्भर थे. अब कई किसान अपने खेतों में ही प्याज का बीज तैयार कर रहे हैं. इससे बाहर से बीज खरीदने का खर्च बचने के साथ स्थानीय स्तर पर तैयार बीज की मांग भी बढ़ी है.
राजस्थान समेत कई राज्यों तक भेजा जा रहा बीज
खैरथल और अलवर क्षेत्र में तैयार होने वाला प्याज का बीज राजस्थान के कई जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और हरियाणा तक भेजा जा रहा है. इससे स्थानीय किसानों को प्याज की खेती के साथ बीज तैयार करने से भी फायदा मिल रहा है.About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
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First Published :
August 19, 2026, 15:15 IST



