Bikaner News: सिर्फ 10 दिन का कारोबार, करवा चौथ पर बीकानेर की चीनी के करवे की धूम, 5 हजार पीस का मिला ऑर्डर

Last Updated:October 27, 2026, 18:35 IST
Bikaner News: करवा चौथ से पहले बीकानेर में चीनी के करवे बनाने का काम तेज हो गया है, इस बार करीब 5 हजार करवे का ऑर्डर मिला है. 30 रुपए में मिलने वाले ये करवे राजस्थान के साथ पंजाब और हरियाणा तक भेजे जा रहे हैं.
बीकानेर. करवा चौथ का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है, अखंड सुहाग और पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर महिलाएं इस दिन व्रत-पूजन करती हैं. इस पर्व पर मिट्टी के करवे के साथ चीनी से बने करवे का भी विशेष आकर्षण रहता है. बीकानेर में इन दिनों चीनी के करवे बनाने का काम तेजी से चल रहा है, इनकी खास बात यह है कि इनका उपयोग साल में सिर्फ एक बार करवा चौथ के पूजन में किया जाता है. पर्व से करीब दस दिन पहले बनने शुरू होने वाले ये करवे राजस्थान के कई जिलों के अलावा पंजाब और हरियाणा तक भेजे जाते हैं.
हर साल कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाए जाने वाले इस पर्व पर महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जल और निराहार व्रत रखती हैं. चंद्रोदय के बाद चंद्रमा का षोडशोपचार पूजन कर अर्घ्य दिया जाता है और कथा सुनने के बाद व्रत का पारणा किया जाता है. इस बार 29 अक्टूबर को करवा चौथ मनाया जाएगा, ऐसे में पर्व से पहले बीकानेर में चीनी के करवे बनाने और बाजार तक पहुंचाने का काम जोर पकड़ रहा है.
करीब पांच हजार पीस का मिला ऑर्डर
चीनी के करवे बनाने वाले दुकानदार विवेक अग्रवाल ने बताया कि करवा चौथ पर पूजन के लिए चीनी से बने करवे का इस्तेमाल शगुन के रूप में किया जाता है. इनकी मांग को देखते हुए हर साल पर्व से करीब दस दिन पहले इन्हें तैयार करने का काम शुरू किया जाता है. इस बार भी चीनी के करवे बनाने के लिए करीब पांच हजार पीस का ऑर्डर मिला है, मांग को पूरा करने के लिए रोजाना एक से दो हजार करवे तैयार किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि एक चीनी का करवा बनाने में लगभग 15 मिनट का समय लगता है. बाजार में एक करवे की कीमत करीब 30 रुपए है. इन्हें बनाने के लिए सबसे पहले चीनी को पिघलाया जाता है. इसके बाद तैयार मिश्रण को करवे के आकार के सांचे में डाला जाता है. कुछ समय तक सुखाने के बाद चीनी जमकर करवे का आकार ले लेती है. इस तरह पूजन में इस्तेमाल होने वाला चीनी का करवा तैयार हो जाता है.
पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में भी इनकी मांग
बीकानेर में तैयार होने वाले चीनी के करवे की मांग केवल शहर तक सीमित नहीं है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा राजस्थान के कई जिलों में इनकी आपूर्ति की जाती है. पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में भी इनकी मांग बनी रहती है. करवा चौथ नजदीक आते ही इन करवे को तैयार करने वाले व्यवसायियों की व्यस्तता बढ़ जाती है. समय पर ऑर्डर पूरा करने के लिए कारीगर लगातार काम में जुटे रहते हैं. चीनी के उत्पाद तैयार करने वाले व्यवसायियों ने बताया कि बीकानेर में हर साल करवा चौथ के अवसर पर करीब आधा दर्जन कारखानों में पांच टन से अधिक चीनी से करवे तैयार किए जाते हैं. इन्हें बनाने के लिए चीनी की चाशनी तैयार कर सांचों में भरी जाती है. इसके बाद इन्हें सुखाकर उपयोग के लिए तैयार किया जाता है. करवा चौथ पर चीनी के करवे के साथ मिट्टी से बने करवे का भी विशेष महत्व है. व्रत रखने वाली महिलाएं पूजन के दौरान इनका उपयोग करती हैं. पर्व के दिन घर-घर में करवे की मांग रहती है और बाजारों में इनकी खरीदारी होती है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Bikaner,Rajasthan
First Published :
October 27, 2026, 18:35 IST



