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परमाणु पनडुब्बी से मिसाइल दागकर चीन ने बढ़ाया एशिया का तनाव, इंडो-पैसिफिक में ड्रैगन की नई दहाड़ से हड़कंप

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परमाणु पनडुब्बी से मिसाइल दागकर चीन ने बढ़ाया एशिया का तनाव

Last Updated:July 06, 2026, 22:52 IST

प्रशांत महासागर एक बार फिर महाशक्तियों की ताकत के प्रदर्शन का गवाह बना है. चीन ने 6 जुलाई को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागकर न सिर्फ अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नई रणनीतिक हलचल भी पैदा कर दी.परमाणु पनडुब्बी से मिसाइल दागकर चीन ने बढ़ाया एशिया का तनावZoomचीन ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया. (फाइल फोटो)

टोक्यो. चीन की सेना ने सोमवार को परमाणु ऊर्जा से चलने वाली एक पनडुब्बी से सफलतापूर्वक प्रशांत महासागर की ओर एक मिसाइल का परीक्षण किया. जापानी मीडिया के मुताबिक, इस परीक्षण के बाद इलाके के कई देशों ने चिंता जताई है. जापान सरकार के प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने बताया कि मिसाइल न तो जापान के क्षेत्र के ऊपर से गुजरी और न ही उसके एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में गई. उन्होंने यह भी कहा कि चीन ने बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने की जानकारी पहले से ही जापान को दे दी थी.

हालांकि, किहारा ने चीन की आलोचना करते हुए कहा कि वह बिना पर्याप्त पारदर्शिता के लगातार तेजी से अपना रक्षा बजट बढ़ा रहा है और इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों समेत अपनी परमाणु मिसाइल क्षमता का तेजी से और बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है. उन्होंने बताया कि इस मिसाइल परीक्षण से जापान के किसी जहाज या विमान को कोई नुकसान नहीं हुआ. साथ ही उन्होंने चिंता जताई और कहा कि जापान पूरी सतर्कता बनाए रखेगा.

जापानी सरकार के मुताबिक, चीन ने सुबह करीब 11:30 बजे मिसाइल परीक्षण की जानकारी दी थी. इसके बाद जापान ने चीन से कहा कि वह ऐसे मिसाइल परीक्षणों पर दोबारा विचार करे ताकि जापान की सुरक्षा को कोई खतरा न हो. जापान ने चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी अपनी गंभीर चिंता जताई. ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय ने भी इस मिसाइल परीक्षण की निंदा की. उनका कहना था कि चीन इस तरह के परीक्षणों के जरिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को डराने की कोशिश कर रहा है और यह कदम दुनिया में शांति और स्थिरता को नुकसान पहुंचाता है.

क्योडो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता कैरेन कुओ ने चीन से संयम बरतने, नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का सम्मान करने और ऐसे गैर-जिम्मेदाराना एकतरफा कदम तुरंत बंद करने की अपील की. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी इस मिसाइल परीक्षण पर प्रतिक्रिया दी. ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम बताया.

वहीं, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री विंस्टन पीटर्स ने कहा कि उनका देश परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइल के इस परीक्षण को लेकर गहरी चिंता में है. पीटर्स ने कहा कि यह परीक्षण चीन के उसी लगातार चल रहे रुख का हिस्सा लगता है, जैसा उसने 2024 में दक्षिणी प्रशांत महासागर में एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण करके दिखाया था.

About the AuthorRakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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