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Space Mystery: Milky way Birth| Stars Age| अंतरिक्ष में आया भूचाल तो बौखलाकर टकराई आकाशगंगा पैदा हुए करोड़ों तारे वैज्ञानिक ने खोला अरबों साल का राज

Last Updated:August 10, 2026, 16:31 IST

Milky Way Birth Mystery: हमारे आसपास या इस पूरे ब्रह्मांड में क्या चल रहा है, ये हमें पता नहीं है. दरअसल ये सब कुछ इतना विशाल है कि इसके हर छोर तक नहीं पहुंचा जा सकता. बावजूद इसके अगर हम विज्ञान का इस्तेमाल करते हैं तो अरबों साल पहले के रहस्य भी सुलझाए जा सकते हैं. कुछ ऐसे ही रहस्य या फिर कहें कि कॉस्मिक जन्मकुंडलियां अमीना हेल्मी नाम की साइंटिस्ट ने खोला है. Amazon Prime DayTop Deals Insideअंतरिक्ष में आया भूचाल तो बौखलाकर टकराई आकाशगंगा, पैदा हुए करोड़ों तारेZoomआकाश गंगा शांत नहीं तूफान का परिणाम है.

Cosmic Mystery Revealed: जितना रहस्य समुद्र के अंदर है, उतना ही अंतरिक्ष में भी है. इनमें से कुछ रहस्यों के बारे में तो हम अच्छी तरह जानते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें हम अब तक पहचान नहीं पाए हैं. नीदरलैंड की ग्रोनिंगन यूनिवर्सिटी में खगोलशास्त्री अमीना हेल्मी का पूरा करियर हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे के रहस्यों को समझने में बीता है. तारों की दुनिया को करीब से समझने वाली हेल्मी को हाल ही में प्रतिष्ठित कावली पुरस्कार से सम्मानित किया गया है क्योंकि उन्हें अरबों साल पुराना एक रहस्य सुलझाया है.

अर्जेंटीना में जन्मी 55 वर्षीय हेल्मी को गैलेक्टिक आर्कियोलॉजी यानी आकाशगंगा की पुरानी कहानी खोजने के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख वैज्ञानिकों में गिना जाता है. वैज्ञानिक, तारों को एक तरह के जीवाश्म मानकर उनका अध्ययन करते हैं. हेल्मी के मुताबिक किसी तारे के अंदर मौजूद रासायनिक तत्व उसके जन्म की कहानी बताते हैं. उनसे हमेशा ही पता लगाया जा सकता है कि तारा किस वातावरण में पैदा हुआ, वहां की परिस्थितियों की कुछ निशानियां उसके भीतर हमेशा बनी रहती हैं.

तारों की भी होती है जन्मकुंडली 

हेल्मी जीवाश्मों में मौजूद रसायन को इंसान के डीएनए जैसा मानती हैं. तारों की रासायनिक संरचना देखकर वैज्ञानिक यह पता लगा सकते हैं कि वे कहां और किस माहौल में पैदा हुए थे. हेल्मी का काम सिर्फ दूरबीन से आसमान देखने तक सीमित नहीं है. वे बड़ी मात्रा में उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़ों को स्टडी करती हैं. इन आंकड़ों में कभी-कभी अरबों रिकॉर्ड होते हैं, जिनमें तारों की गति, स्थिति और दूसरी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होती हैं.

यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने जारी की तस्वीर.

मिल्की-वे टकराने से हुआ तारों का जन्म 

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के गाइया मिशन ने हेल्मी के रिसर्च को एक नई दिशा दी. इस मिशन ने करीब डेढ़ अरब तारों की गति और स्थिति को बेहद सटीक तरीके से दर्ज किया. इन आंकड़ों की मदद से हेल्मी और उनकी टीम ने मिल्की वे के अतीत की एक बेहद रोमांचक कहानी सामने रखी.
करीब 10 अरब साल पहले, जब हमारा सूर्य और आज दिखाई देने वाले कई तारे भी अस्तित्व में नहीं आए थे, तब एक छोटी आकाशगंगा का मिल्की वे से टकराव हुआ था. इस छोटी आकाशगंगा को Gaia-Enceladus कहा जाता है.
टकराने के बाद दोनों आकाशगंगाएं आपस में मिल गईं. इस टक्कर के बाद कई नए तारों का निर्माण हुआ और मिल्की वे की संरचना में भी बड़ा बदलाव आया. आज हमारी आकाशगंगा के चारों ओर मौजूद तारों का एक बड़ा समूह इसी बेहद प्राचीन घटना के निशान समेटे हुए है.

आकाशगंगा नहीं तूफान कहिए 

इस खोज ने वैज्ञानिकों की पुरानी सोच को बदल दिया. पहले माना जाता था कि मिल्की वे धीरे-धीरे और लगातार विकसित हुई होगी, लेकिन हेल्मी और उनकी टीम के शोध से पता चला कि हमारी आकाशगंगा का निर्माण दूसरी छोटी आकाशगंगाओं के साथ हुई कई टक्करों और उनके मिल जाने की प्रक्रिया से हुआ. इसी महत्वपूर्ण खोज के लिए अमीना हेल्मी को वासिली बेलोकुरोव और रोड्रिगो इबाता के साथ कावली पुरस्कार दिया गया. 10 लाख डॉलर है राशि वाले इस सम्मान के मिलने पर हेल्मी ने कहा कि वह कुछ समय के लिए बिल्कुल स्तब्ध रह गई थीं क्योंकि ये उनके क्षेत्र के नोबल जैसा है. दिलचस्प बात यह है कि मिल्की वे का अतीत जितना उथल-पुथल भरा था, उसका वर्तमान उतना ही शांत दिखाई देता है. हेल्मी के मुताबिक आकाशगंगा ने अपनी हाहाकारी रूप करीब 10 अरब साल पहले देखा था और अब वह एक शांत वयस्क अवस्था में है.

About the AuthorPrateeti Pandey

में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…

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August 10, 2026, 16:30 IST

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