Churu News: चूरू ज्वैलरी चोरी में बड़ा खुलासा, 1000 CCTV फुटेज से ऐसे पहुंची पुलिस, ईरानी गैंग के चार शातिर गिरफ्तार

चूरू. राजस्थान के चूरू में ज्वैलरी शोरूम से लाखों रुपए के जेवरात चोरी करने के मामले में पुलिस ने ओडिशा की ईरानी गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अब जांच तेज कर दी है. चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस अब आरोपियों से चोरी किए गए जेवरात की बरामदगी के साथ गैंग के दूसरे सदस्यों और उनके पुराने आपराधिक मामलों को लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस ने इस वारदात का सुराग लगाने के लिए चूरू से मध्यप्रदेश तक एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली.
साइबर सेल और अभय कमांड सेंटर की मदद से आरोपियों के आने-जाने का रूट ट्रेस किया गया. जांच में सामने आया कि आरोपी पहले से किसी एक शहर को तय नहीं करते थे, बल्कि मौका देखकर भीड़भाड़ वाली या अकेले दुकानदार वाली ज्वैलरी दुकानों को निशाना बनाते थे. कोतवाली सीआई गौरव खिडिया ने बताया कि 22 सितंबर को चूरू के एक ज्वैलरी शोरूम में चोरी की वारदात हुई थी. आरोपी शोरूम से सोने की दो चेन और एक टॉप्स चोरी कर फरार हो गए थे. घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की.
साइबर सेल और अभय कमांड सेंटर की ली गई मदद
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मध्यप्रदेश की ओर जाने के सुराग मिले. इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल से लेकर एमपी सीमा तक अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. पुलिस ने एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की. साइबर सेल और अभय कमांड सेंटर की तकनीकी मदद से आरोपियों के मूवमेंट और रूट को ट्रेस किया गया. आरोपी अजमेर से बाइक के जरिए चूरू पहुंचे थे. वारदात को अंजाम देने के बाद उन्होंने रतनगढ़, अजमेर, उदयपुर, बांसवाड़ा और कोटा होते हुए मध्यप्रदेश की तरफ जाने का रास्ता अपनाया. लगातार तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
एमपी से चार आरोपियों की हुई है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने ओडिशा के रायगढ़ा निवासी असद अली और जाफर अली , कुक्षी निवासी उदय चौहान उर्फ राजू , रतलाम निवासी अमजद अली को मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है. पूछताछ में आरोपियों के गैंग बनाकर चोरी करने की बात सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गैंग में और कितने लोग शामिल हैं और राजस्थान सहित दूसरे राज्यों में उन्होंने कितनी वारदातों को अंजाम दिया है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से शहर या दुकान तय नहीं करते थे. वे ऐसे स्थानों की तलाश करते थे जहां भीड़ अधिक हो या दुकान पर अकेला दुकानदार हो.
मौका मिलने पर आभूषण चोरी कर फरार हो जाते थे. आरोपियों ने नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने की बात भी बताई है. पुलिस टीम में एसआई बलवंत सिंह, हैड कांस्टेबल मोहरपाल सिंह, कांस्टेबल पुष्पेंद्र सिंह, विकास कुमार और प्रमोद कुमार की अहम भूमिका रही. अब सात दिन के रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी के जेवरात की बरामदगी और गैंग की अन्य वारदातों का पता लगाने में जुटी है.



