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डॉक्टरों ने किया करिश्मा, मां की कोख में ही बच्चे के ट्यूमर का खात्मा, बिना ऑपरेशन हो गया सब काम, जानें कैसे

Last Updated:October 08, 2026, 18:13 IST

Tumor Removed in Baby from Womb: चीन के डॉक्टरों ने मेडिकल जगत का करिश्मा किया है. इसे सुनकर ही आप हैरान हो जाएंगे. दरअसल, चीनी डॉक्टरों ने मां की कोख में पल रहे एक बच्चे में बने ट्यूमर को पूरी तरह से सिकोड़ दिया है. खास बात यह है कि इस प्रोसेस में डॉक्टरों ने न तो चीरा लगाया न ही कोई ऑपरेशन किया. आधुनिक फेटल थेरेपी और एडवांस मिनिमली इनवेसिव तकनीकों की मदद से मां के पेट के भीतर ही बच्चे का सटीक इलाज किया गया, जिससे जन्म से पहले ही मासूम पर मंडरा रहा जानलेवा खतरा टल गया.Amazon Prime DayTop Deals Insideडॉक्टरों ने किया करिश्मा, मां की कोख में ही बच्चे के ट्यूमर का खात्मा Zoomडॉक्टरों ने कैसे किया चमत्कार. Photo: AI

एक मां की कोख में पल रहे बच्चे का जब अल्ट्रासाउंड किया गया तो पाया गया कि बच्चे में जानलेवा ट्यूमर विकसित हो गया है. इस स्थिति में आमतौर पर क्या किया जाता है. हाल तक अगर गर्भपात की संभावना बनती है तो इसे कर दिया जाता है लेकिन चीनी डॉक्टरों ने ऐसा नहीं किया. उन्होंने मां की कोख में बच्चे के ट्यूमर को खत्म करने की रणनीति बनाई. यह ट्यूमर लंग्स के पास था. डॉक्टरों ने बिना चीरा लगाए इस ट्यूमर को सिकोड़ दिया है. एक तरह से यह ट्यूमर खत्म हो गया. इंडिपेंडेंट की खबर के मुताबिक पेट में जो बच्चा पल रहा था उसे APAM नाम की बीमारी थी. इसमें लंग्स में गड़बड़ी हो जाती है. यह जेनेटिक बीमारी है. करीब 25 से 35 हजार प्रेग्नेंसी में एक बच्चा ऐसा हो जाता है.

क्या होती है CPAM बीमारी

CPAM यानी कंगेनिटल पल्मोनरी एयरवे मालफॉर्मेशन गर्भस्थ शिशुओं में पाया जाने वाला एक ऐसा ट्यूमर है जो जन्म से पहले, यानी गर्भ में विकास के दौरान उनके फेफड़ों में बनता है. आमतौर पर यह बीमारी जानलेवा नहीं होती, लेकिन कुछ मामलों में यह ट्यूमर बहुत तेजी से और काफी बड़ा हो सकता है. जब यह बहुत बड़ा हो जाता है, तो गर्भस्थ शिशु के दिल और फेफड़ों पर भारी दबाव डालता है. इसके कारण शिशु के पेट में खतरनाक तरीके से तरल पदार्थ जमा होने लगता है. इस कारण गर्भ में ही बच्चे की जान जाने का जोखिम पैदा हो जाता है. वर्तमान में इस स्थिति के लिए कोई एक तय मानक इलाज उपलब्ध नहीं है. कुछ मामलों में ट्यूमर का आकार छोटा करने के लिए प्रेग्नेंट मां को स्टेरॉयड दवाएं दी जाती हैं, जबकि बड़े सिस्ट होने पर मां के पेट के जरिए एक ट्यूब डालकर तरल निकाला जाता है. हालांकि फेटल लोबेक्टॉमी जैसी बड़ी सर्जरी में जोखिम बहुत अधिक होता है और शोध के अनुसार ऐसे मामलों में आधे बच्चों के ही बचने की संभावना रहती है.

माइक्रोवेव एब्लेशन तकनीक से हुआ अनोखा इलाज

लेकिन चीन के डॉक्टरों ने माइक्रोवेव एब्लेशन के माध्यम से इसका इलाज किया है. अल्ट्रासाउंड इन ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी डॉक्टरों ने गर्भ में पल रहे बच्चे के ट्यूमर को ठीक करने के लिए एक बेहद आधुनिक और कम जोखिम वाली (मिनिमली इनवेसिव) तकनीक का सफल इस्तेमाल किया है. यह मामला एक 40 वर्षीय गर्भवती महिला का था, जिनके 22 हफ्ते के गर्भस्थ शिशु के फेफड़े में 5 सेंटीमीटर बड़ा ट्यूमर हो गया था. इस ट्यूमर ने बच्चे के दिल और फेफड़ों को दबा दिया था और उसके पेट में पानी भर गया था. इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों ने एक बारीक सुई को मां के पेट के रास्ते से शिशु के फेफड़े के ट्यूमर तक पहुंचाया. इसके बाद उस सुई के माध्यम से माइक्रोवेव ऊर्जा भेजी गई. इस ऊर्जा ने ट्यूमर के अंदर मौजूद पानी के अणुओं में कंपन पैदा करके तेज गर्मी पैदा की, जिससे ट्यूमर अंदर ही अंदर जलकर नष्ट हो गया.

मेडिकल जगत मील का पत्थर

इस अत्याधुनिक प्रक्रिया का असर बेहद सकारात्मक और तेज देखने को मिला. इलाज के महज तीन दिनों के भीतर ट्यूमर का आकार काफी छोटा हो गया और बच्चे के पेट में जमा पानी पूरी तरह गायब हो गया. इसका मतलब हुआ कि ट्यूमर का खात्मा हो गया. इसके बाद, गर्भावस्था के 37वें सप्ताह में सिजेरियन डिलीवरी के जरिए एक हेल्दी बच्चे का जन्म हुआ, जिसका वजन लगभग 2.9 किलोग्राम था. डॉक्टरों ने इस सफल इलाज को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में मील का पत्थर करार दिया है क्योंकि यह गर्भस्थ शिशु के CPAM ट्यूमर के इलाज के लिए माइक्रोवेव एब्लेशन तकनीक का दुनिया में पहला मामला है. हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यह तरीका बेहद आशाजनक है, लेकिन सिर्फ एक मामले के आधार पर इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता का अंतिम दावा नहीं किया जा सकता. यदि आगे के अध्ययनों में यह तरीका सुरक्षित और प्रभावी साबित होता है तो यह CPAM के गंभीर मामलों के इलाज के लिए एक क्रांतिकारी विकल्प बन सकता है.

About the AuthorLakshmi Narayan

मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता के हर विधा में माहिर हैं. भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांपने की अद्भुत कला उनके अंदर समाहि…

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October 08, 2026, 18:13 IST

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