बंगाल में सीजेपी कार्यकर्ता के पिता पर भीड़ का हमला, हुई मौत, 8 लोग अरेस्ट

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को सामने लाने का दावा करने वाले एक CJP कार्यकर्ता और उसके पिता पर कथित तौर पर भीड़ ने हमला कर दिया. हमले में गंभीर रूप से घायल पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
जानकारी के मुताबिक, 25 वर्षीय शेख अब्दुल हफीज सीजेपी के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत एक सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंचे थे. आरोप है कि स्कूल की खराब स्थिति को सामने लाने के बाद स्थानीय लोगों के एक समूह ने उन्हें और उनके पिता जनाब मफीक को निशाना बनाया. शनिवार को मफीक ने सिर में गंभीर चोटों के चलते दम तोड़ दिया.
सीजेपी का आरोप है कि कुछ हथियारबंद लोग हफीज के घर में जबरन घुस गए. आरोपियों ने उनसे स्कूल की स्थिति को लेकर वीडियो बनाकर माफी मांगने के लिए दबाव डाला. हफीज के ऐसा करने से इनकार करने पर कथित तौर पर परिवार के साथ मारपीट की गई.
मामले में हफीज की पत्नी हसीना बेगम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने अब तक कम से कम आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें स्थानीय बीजेपी बूथ अध्यक्ष अष्टम माझी और बीजेपी संयोजक अवनी माझी के नाम भी शामिल हैं.
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि संगठन डरने या चुप रहने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि बेहतर स्कूलों के लिए अभियान जारी रहेगा और संगठन अब्दुल हफीज तथा उसके परिवार के साथ खड़ा है. CJP ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है.
बीजेपी ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, बीजेपी की ओर से हमले में पार्टी की संलिप्तता से इनकार किया गया है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि घटना में बीजेपी का कोई संबंध नहीं है और आरोपियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने भी कहा कि किसी भी हमले के आरोप की पुलिस को जांच करनी चाहिए और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई होनी चाहिए.
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया. उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में हत्या, हत्या के प्रयास, गंभीर मारपीट, दंगा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं.
हालांकि, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्णानु रॉय ने कहा कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे किसी राजनीतिक संबंध के संकेत नहीं मिले हैं. पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर घटना के वास्तविक कारण और हमले के पीछे की वजह की जांच कर रही है.
इधर, CJP की राष्ट्रीय कार्यसमिति का एक प्रतिनिधिमंडल सह-संयोजक आशुतोष रांका के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल जाने की तैयारी में है. संगठन का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनके साथ एकजुटता जताएगा और न्याय तथा जवाबदेही की मांग करेगा.



