डांगावास केस | dangawas case 11 साल बाद 40 आरोपी बरी हुए तो भड़का दलित समाज, चंद्रशेखर रावण ने सरकार को दिया अल्टीमेटम

Last Updated:August 21, 2026, 21:06 IST
Dangawas Case : डांगावास मामले में सभी 40 आरोपियों के बरी होने पर चंद्रशेखर आजाद ने राजस्थान सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया. हाईकोर्ट में अपील व विशेष लोक अभियोजक पर सहमति बनी. चंद्रशेखर आजाद के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के गृह सचिव ने आजाद समाज पार्टी और पीड़ित परिवार के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की.
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डांगावास केस: चंद्रशेखर आजाद की चेतावनी, सरकार ने मानी मांग.
जयपुर. नागौर जिले के चर्चित डांगावास प्रकरण में मेड़ता स्थित एससी-एसटी विशिष्ट न्यायालय के फैसले के बाद दलित संगठनों में भारी नाराजगी है. कोर्ट ने इस मामले में सभी 40 आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था. फैसले के विरोध में अब आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राजस्थान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
जयपुर के शहीद स्मारक पर आयोजित महापंचायत में चंद्रशेखर आजाद ने भजनलाल शर्मा सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया. उन्होंने कहा कि तय समयसीमा के भीतर अगर सरकार मेड़ता कोर्ट के फैसले के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में अपील दाखिल नहीं करती और मामले में मजबूती से पैरवी नहीं की जाती, तो राजस्थान की सड़कों पर उग्र और ऐतिहासिक आंदोलन किया जाएगा. आज भी आजाद समाज पार्टी द्वारा जयपुर में प्रदर्शन किया गया है. शहीद स्मारक पर आजाद समाज पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया था. शुरुआत में यह भनक लगी कि कार्यकर्ता विधानसभा की और कूच करेंगे. एक समय के लिए वहां तनाव की स्थिति बनती नजर आ रही थी.
10 दिन में अपील नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
महापंचायत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने साफ कहा कि डांगावास मामले में सरकार को अब जल्द कदम उठाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि मेड़ता कोर्ट के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी जाए और पीड़ित पक्ष की ओर से मजबूत तरीके से मामला रखा जाए. चंद्रशेखर आजाद के विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार के गृह सचिव ने आजाद समाज पार्टी और पीड़ित परिवार के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की. इस वार्ता के बाद डांगावास मामले से जुड़ी मुख्य मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई है.
हाईकोर्ट में अपील और विशेष लोक अभियोजक पर सहमतिवार्ता के बाद यह सहमति बनी कि राज्य सरकार डांगावास मामले में मेड़ता कोर्ट के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए तत्काल अपील याचिका दायर करेगी. इसके साथ ही पीड़ितों की ओर से मामले को मजबूती से रखने के लिए विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति पर भी सहमति जताई गई है. मामले के मुख्य गवाहों और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा को लेकर भी बात हुई. जानकारी के मुताबिक गवाहों और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस व्यवस्था को चाक-चौबंद किया जाएगा.
2015 में जमीन विवाद के बाद भड़की थी हिंसा
डांगावास मामला वर्ष 2015 का है. नागौर जिले के डांगावास गांव में 23 बीघा विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा में पांच दलितों समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच बाद में CBI को सौंपी गई. इसके बाद मामला लंबे समय तक अदालत में चला. करीब 11 साल तक चले ट्रायल के बाद हाल ही में मेड़ता स्थित एससी-एसटी विशिष्ट न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में सभी 40 आरोपियों को बाइज्जत बरी कर दिया.
40 आरोपियों के बरी होने के बाद बढ़ा आक्रोशकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के दलित समाज और मानवाधिकार संगठनों में नाराजगी बढ़ गई. अलग-अलग संगठन इस फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं. जयपुर में आयोजित महापंचायत भी इसी विरोध का हिस्सा रही. चंद्रशेखर आजाद ने साफ किया कि उनकी मांग केवल विरोध तक सीमित नहीं है. वे चाहते हैं कि राज्य सरकार कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी कदम उठाए और हाईकोर्ट में अपील कर मामले में मजबूत पैरवी करे. अब इस पूरे मामले में सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी. वार्ता के बाद हाईकोर्ट में अपील, विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति और गवाहों व पीड़ित परिवारों की सुरक्षा को लेकर सहमति बनने की बात सामने आई है. वहीं चंद्रशेखर आजाद ने 10 दिन की समयसीमा देते हुए साफ कर दिया है कि अगर तय समय में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
August 21, 2026, 21:03 IST



