Delhi police pellet gun FIR Details। Jantar Mantar protest। राहुल गांधी की जिद्द पर दर्ज जंतर-मंतर ‘पैलेट गन’ मामले की FIR में क्या-क्या लिखा है?

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राहुल गांधी की जिद्द पर दर्ज ‘पैलेट गन’ मामले की FIR में क्या-क्या लिखा है?
Last Updated:August 21, 2026, 21:15 IST
Delhi police pellet gun FIR Details: राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पैलेट गन (धातु के छर्रे) की घटना में एफआईआर दर्ज कर ली है. संसद मार्ग थाने में धारा 118(1) और 125 बीएनएस के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. 20 वर्षीय छात्र साहिल की शिकायत के अनुसार, 20 जुलाई को लाठीचार्ज के दौरान नीली पोशाक पहने शख्स ने पैलेट गन चलाई, जिससे उसकी आंख की रोशनी चली गई और शरीर में 200 से अधिक छर्रे धंसे हैं.दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.
दिल्ली के संसद मार्ग थाने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के धरने के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस झुकी. जंतर-मंतर पैलेट गन मामले में एक FIR दर्ज कर ली गई है. यह मुद्दा आज सुबह से ही गरमाया रहा. सत्ता पक्षा और विपक्ष की तरफ से पैलेट गन विवाद पर बयानबाजी हुई. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 118(1) (खतरनाक हथियारों या साधनों से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया है.
एफआईआर में क्या लिखा गया है?
प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR No. 0085) के मुताबिक यह मामला नई दिल्ली जिले के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में 21 अगस्त 2026 को शाम 18:09 बजे दर्ज किया गया.
घटना की तारीख और समय: 20 जुलाई 2026, दोपहर 12:00 बजे से शाम 17:00 बजे के बीच.
• घटना का स्थान: जंतर-मंतर, नई दिल्ली.• शिकायतकर्ता का विवरण: 20 वर्षीय साहिल (पुत्र दीपक), जो दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) का छात्र है और नजफगढ़, दिल्ली का निवासी है.• आरोपी: अज्ञात व्यक्ति.
पीड़ित छात्र के बयान और घटनाक्रम की पूरी कहानी
शिकायतकर्ता साहिल ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि वह 20 जुलाई 2026 को नीट पेपर लीक और परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन में शामिल होने गया था. दोपहर के समय जब लाठीचार्ज और भगदड़ मची तो वह भी अन्य छात्रों के साथ भागते हुए कनाट प्लेस क्षेत्र की ओर बढ़ा. जब वह भीड़ में आगे पहुंचा तो उसके हाथ में तिरंगा था. उसी दौरान आंसू गैस और लाठीचार्ज के बीच किसी अज्ञात नीली पोशाक पहने व्यक्ति ने बड़ी बंदूक से उस पर मेटल पैलेट (धातु के छर्रे) चला दिए.
गंभीर चोटें और डॉक्टरों की रिपोर्ट
साहिल के शरीर पर चार से पांच बार धातु के पैलेट चलाए गए. इससे उसके चेहरे, आंख, हाथ और छाती से खून बहने लगा और उसकी दाहिनी आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई.• अस्पताल में इलाज: उसे तुरंत सफदरजंग और फिर एम्स (AIIMS) के आरपीसी आई सेंटर और ट्रॉमा सेंटर भेजा गया.• ऑपरेशन और सीटी स्कैन: 22 जुलाई 2026 को उसकी आंख का पहला ऑपरेशन हुआ. एम्स के CT Scan में सामने आया कि उसके शरीर में 200 से अधिक धातु के छर्रे (पैलेट) मौजूद हैं जो आंख, गर्दन, छाती (दिल के पास), जबड़े और बाजू में धंसे हुए हैं.• आंख की रोशनी जाने का खतरा: डॉक्टरों के अनुसार दाहिनी आंख के गड्ढे में सबसे गहरे धंसे पैलेट को नस के पास होने के कारण निकाला नहीं जा सकता और आंख की रोशनी वापस आने की संभावना 1 प्रतिशत से भी कम है.
4 हफ्ते की देरी और कानूनी मोड़पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा कि चार हफ्ते बीत जाने के बाद भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी जिसके बाद उसे पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने पड़े. राहुल गांधी के हस्तक्षेप और थाने के बाहर धरने पर बैठने के बाद संसद मार्ग थाने के ड्यूटी ऑफिसर ने मामले में संज्ञान लेते हुए उप-निरीक्षक (SI) मोहित वर्मा को जांच अधिकारी (I.O.) नियुक्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
August 21, 2026, 21:10 IST



