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Deshnok Karni Mata Temple: नवरात्रि में करणी माता के दरबार में भक्तों का सैलाब, सफेद चूहों के दर्शन की रहती है आस

Last Updated:October 11, 2026, 18:28 IST

Deshnok Karni Mata Temple: बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. करीब 20 हजार चूहों वाले इस अनोखे मंदिर में सफेद चूहों यानी काबा के दर्शन को शुभ माना जाता है. जानिए मंदिर की खास मान्यताएं, अनूठी परंपराएं और ऐतिहासिक महत्व.Amazon Prime DayTop Deals Insideदुनियाभर में मशहूर है राजस्थान का ये मंदिर, जहां चूहों को कहा जाता है 'काबा'Zoom

बीकानेर. जिले में स्थित देशनोक का करणी माता मंदिर इन दिनों नवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. चूहों वाली देवी के नाम से विश्वभर में प्रसिद्ध इस मंदिर में मां के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. बीकानेर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में सामान्य दिनों में भी भक्तों की आवाजाही रहती है, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है. पश्चिमी राजस्थान सहित बीकानेर के लोगों में करणी माता के प्रति गहरी आस्था है. देशनोक स्थित करणी माता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां रहने वाले चूहे हैं.

मान्यता के अनुसार, मंदिर परिसर में 20 हजार से अधिक चूहे रहते हैं, इन्हें स्थानीय भाषा में ‘काबा’ कहा जाता है. श्रद्धालु मां करणी के दर्शन के साथ इन चूहों को भी प्रसाद चढ़ाते हैं. मंदिर में सफेद चूहों के दर्शन को विशेष रूप से शुभ माना जाता है. यही वजह है कि भक्त मंदिर में सफेद चूहों को देखने के लिए उत्सुक रहते हैं. मंदिर की एक खास परंपरा यह भी है कि सुबह और शाम होने वाली आरती के दौरान बड़ी संख्या में चूहे परिसर में दिखाई देते हैं. इन चूहों को लेकर श्रद्धालुओं की गहरी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं. मान्यता है कि देपावत जाति के लोग मृत्यु के बाद यमलोक जाने के बजाय चूहों के रूप में करणी माता के मंदिर में निवास करते हैं.

संगमरमर के द्वार और चांदी के किवाड़ आकर्षण

करणी माता मंदिर में चूहों के अलावा इसकी भव्य वास्तुकला भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. मंदिर के मुख्य द्वार पर संगमरमर की उत्कृष्ट कारीगरी की गई है. यहां लगे चांदी के बड़े-बड़े किवाड़, माता का सोने का छत्र और चूहों के प्रसाद के लिए रखी गई चांदी की विशाल परात मंदिर की खास पहचान हैं. नवरात्रि के दौरान इन विशेषताओं को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करणी माता को मां जगदम्बा का अवतार माना जाता है. करीब साढ़े छह सौ वर्ष पहले जिस स्थान पर आज भव्य मंदिर स्थित है, वहां एक गुफा में रहकर मां अपने इष्ट देव की पूजा-अर्चना किया करती थी.

यह गुफा आज भी मंदिर परिसर में मौजूद है. मान्यता है कि मां के ज्योतिर्लीन होने के बाद उनकी इच्छानुसार गुफा में उनकी मूर्ति स्थापित की गई. कहा जाता है कि मां करणी के आशीर्वाद से ही बीकानेर राज्य की स्थापना हुई थी. यही धार्मिक विश्वास और अनूठी परंपराएं देशनोक के करणी माता मंदिर को विशेष पहचान दिलाती हैं. नवरात्रि में यहां उमड़ रही भीड़ राजस्थान की धार्मिक विरासत और लोगों की अटूट आस्था को दर्शाती है.

About the Authorमोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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Bikaner,Rajasthan

First Published :

October 11, 2026, 18:28 IST

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