करौली में सजा भगवान का झूला दरबार, चांदी के विशाल हिंडोलों में विराजे राधा-मदन मोहनजी, दर्शन को उमड़े भक्त

Last Updated:August 15, 2026, 15:15 IST
Karauli Hindi News: करौली में श्रावणी तीज के अवसर पर प्रसिद्ध मदन मोहनजी मंदिर में विशेष झूला झांकी का आयोजन किया गया. इस दौरान राधा-मदन मोहनजी और गोपालजी के विग्रहों को गर्भगृह से बाहर जगमोहन में चांदी के विशाल हिंडोलों में विराजमान कराया गया. भगवान का अभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार और विशेष पोशाक धारण कराई गई. झूला झांकी के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं. मान्यता के अनुसार साल में केवल दो बार श्रावणी तीज और धूलंडी पर हिंडोला झांकी के विशेष दर्शन होते हैं. करौली के गोविंद देवजी, गोपीनाथजी, नवल बिहारीजी, सीतारामजी और गोमती आश्रम सहित अन्य मंदिरों में भी झूला झांकी सजाई गई.
ख़बरें फटाफट
करौली में सजा भगवान का शाही झूला दरबार, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
करौली: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी करौली में श्रावणी तीज का पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है. इस पावन अवसर पर करौली क्षेत्र के प्रसिद्ध आराध्य देव राधा, मदन मोहनजी और गोपालजी चांदी के भव्य हिंडोलों में विराजमान होकर झूल रहे हैं. भगवान के इस अलौकिक और मनमोहक स्वरूप के दर्शन करने के लिए शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है.
मदन मोहनजी मंदिर में श्रावणी तीज के इस विशेष आयोजन का धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है. परंपरा के अनुसार, वर्ष में मात्र दो बार ही भगवान की हिंडोला झांकी के दर्शन होते हैं. पहला श्रावणी तीज के अवसर पर और दूसरा धूलंडी के पावन पर्व पर. साल के इन अवसरों पर भगवान के दर्शन का सौभाग्य पाने के लिए न केवल करौली शहर बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और दूर-दराज के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.
गर्भगृह से जगमोहन तक सजाई गई विशेष झांकीश्रावणी तीज के पावन पर्व पर मंदिर प्रशासन द्वारा अनुष्ठान किए गए. परंपरा का निर्वहन करते हुए राधा-मदन मोहनजी और गोपाल जी के पवित्र विग्रहों को गर्भ गृह से बाहर निकालकर जगमोहन में स्थापित किया. जगमोहन में भगवान के लिए विशेष रूप से चांदी के विशाल हिंडोले सजाए हैं. इन हिंडोलों की चमक और उनकी नक्काशी देखते ही बनती है, जो पूरे मंदिर परिसर के माहौल को भक्तिमय बना रही है.
मनमोहक अभिषेक, श्रृंगार और विशेष पोशाकहिंडोले में विराजमान करने से पूर्व आराध्य देव राधा-मदन मोहन जी का विधि-विधान के साथ पंचामृत अभिषेक किया गया. अभिषेक के पश्चात भगवान का अत्यंत आकर्षक श्रृंगार किया गया. इस विशेष उत्सव के लिए आराध्य देवों को श्रावण मास की थीम के अनुसार हरी और चमकीली विशेष पोशाक धारण कराई गई, जो उनकी सुंदरता में चार चांद लगा रही थी. मनमोहक पोशाक और आभूषणों से सजे भगवान के स्वरूप ने हर दर्शनार्थी का मन मोह लिया.
शहर के अन्य मंदिरों में भी गूंजा हरियाली तीज का उल्लाससिर्फ मदन मोहनजी मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरे करौली शहर के अन्य मंदिरों में भी श्रावणी तीज का पर्व के साथ मनाया जा रहा है. शहर के प्रसिद्ध गोविंद देवजी मंदिर, गोपीनाथजी मंदिर, नवल बिहारीजी मंदिर, सीतारामजी मंदिर और गोमती आश्रम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी झूला झांकी सजाई है. इन सभी मंदिरों में भक्तजन भजन-कीर्तन कर रहे हैं और भगवान को झुलाने का आनंद ले रहे हैं.
रियासत काल से चली आ रही है परंपराकरौली में मंदिरों में हिंडोला झांकी सजाने और श्रावणी तीज मनाने की यह परंपरा बेहद प्राचीन है, जो रियासत काल से अनवरत चली आ रही है. राजा-महाराजाओं के समय से चली आ रही इस सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को आज भी करौली के लोगों ने श्रद्धा और जीवंतता के साथ सहेज रखा है. तीज के इस पर्व पर पूरा शहर कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
और पढ़ेंLocation :
Karauli,Rajasthan
First Published :
August 15, 2026, 15:15 IST



