पुराने टायर समझकर फेंकने की गलती न करें, भरतपुर के किसान ने कबाड़ से ऐसा फार्म हाउस सजाया कि देखने वाले हैरान

Last Updated:August 12, 2026, 19:57 IST
भरतपुर जिले में एक किसान ने अपनी सोच और रचनात्मकता से यह साबित कर दिया है.कि अगर इरादा मजबूत हो तो बेकार समझा जाने वाला सामान भी किसी काम की अनमोल चीज बन सकता है.किसान कमल मीणा ने अपने फार्म हाउस को सजाने के लिए एक अनोखी पहल की है.जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.
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भरतपुर: भरतपुर जिले में एक किसान ने अपनी सोच और रचनात्मकता से यह साबित कर दिया है कि अगर इरादा मजबूत हो तो बेकार समझा जाने वाला सामान भी किसी काम की अनमोल चीज बन सकता है. किसान कमल मीणा ने अपने फार्म हाउस को सजाने के लिए एक अनोखी पहल की है.जो अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. कमल मीणा ने अपने फार्म पर पड़ी बेकार और अनुपयोगी सामग्री का इस्तेमाल कर उसे नया रूप दिया है. खास बात यह है कि उन्होंने पुराने ट्रैक्टर के टायरों को रंग-रोगन कर उन्हें बाउंड्री वॉल के रूप में इस्तेमाल किया है. इन टायरों को खूबसूरती से सजाकर फार्म की चारदीवारी तैयार की गई है. जो देखने में बेहद आकर्षक लगती है और साथ ही मजबूत भी है.
इतना ही नहीं किसान ने अन्य कबाड़ सामग्री जैसे लोहे के टुकड़े पुराने ड्रम और लकड़ी के बेकार हिस्सों का भी उपयोग कर कई सजावटी और उपयोगी वस्तुएं तैयार की हैं.इनसे उन्होंने फार्म हाउस के अलग-अलग हिस्सों को सजाया है.जिससे पूरा परिसर एक अलग ही पहचान बना रहा है.कम लागत में इस तरह की सजावट न केवल आर्थिक रूप से फायदेमंद है.बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सराहनीय कदम है
फार्म हाउस को आकर्षक और अनोखा बना दियाकमल मीणा की इस पहल से यह संदेश भी मिलता है कि कबाड़ को फेंकने की बजाय उसका सही उपयोग किया जाए तो वह हमारे काम आ सकता है. जहां एक ओर लोग अपने फार्म या घर की सजावट के लिए महंगे साधनों का सहारा लेते हैं. वहीं कमल मीणा ने बेहद कम खर्च में अपने फार्म हाउस को आकर्षक और अनोखा बना दिया है.
किसानों और लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र आज उनका यह फार्म हाउस आसपास के किसानों और लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन चुका है. कई लोग यहां आकर इस अनोखी बाउंड्री वॉल और सजावट को देख रहे हैं और इससे प्रेरित होकर अपने स्तर पर भी ऐसे प्रयोग करने की सोच रहे हैं.कमल मीणा की यह पहल न सिर्फ उनकी रचनात्मक सोच को दर्शाती है.बल्कि यह भी बताती है कि नवाचार के जरिए खेती और फार्म को नई पहचान दी जा सकती है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
August 12, 2026, 19:57 IST



