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100 लीटर दूध क्यों न हो, शनिवार को नहीं बेच सकते… कच्चे घर, पक्के नियम; एकदम अनोखा है राजस्थान का देवमाली गांव!

Last Updated:April 30, 2026, 21:08 IST

Rajasthan Devmali Vilage Story: आपने कई अनोखे गांवों के बारे में सुना होगा. हर किसी की कुछ-न-कुछ कहानी है. लेकिन राजस्थान का यह गांव सबसे अनोखा है. गांव का नाम है देवमाली. यहां खसरा निकलवाएंगे तो किसी के नाम पर जमीन है ही नहीं. गांव में सारी जमीन मंदिर के नाम मानी जाती है, लोग खुद को एक परिवार मानते हैं, कच्चे घर में रहते हैं. मांस शराब का सेवन बिल्कुल नहीं करते. सबसे अनोखी बात कि यहां शनिवार को दूध बेचने पर रोक है.100 लीटर दूध, लेकिन नहीं बेच सकते; कच्चे घर, पक्के नियम; एकदम अनोखा है ये गांवZoomराजस्थान का देवमाली गांव

Unique Village Of India: आपने कई गांवों के बारे में सुना होगा, जहां अपनी-अपनी परंपराएं और नियम होते हैं. लेकिन राजस्थान का एक गांव ऐसा भी है, जिसकी कहानी सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं. यह गांव सिर्फ अपनी परंपराओं के लिए नहीं, बल्कि अपने अलग ढंग के जीवन के लिए भी जाना जाता है. यहां के नियम लिखित नहीं हैं, लेकिन हर कोई उन्हें मानता है.

इस गांव का नाम है देवमाली. यह गांव राजस्थान के ब्यावर जिले में है. यह गांव अपने आप में एक अलग दुनिया जैसा लगता है. यहां पहुंचते ही सबसे पहले जो चीज ध्यान खींचती है, वो है यहां का माहौल और लोगों की सादगी. गांव के लोग आज भी पुराने तौर-तरीकों को पूरी तरह निभाते हैं और आधुनिक चीजों से दूरी बनाए रखते हैं.

एक जैसा परिवार, मंदिर के नाम पर जमीनदेवमाली गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां करीब 400 घर हैं, लेकिन लोग खुद को एक ही परिवार मानते हैं. यहां किसी के बीच जमीन का झगड़ा नहीं होता, क्योंकि पूरे गांव की जमीन किसी व्यक्ति के नाम पर नहीं है. यह जमीन मंदिर के नाम दर्ज मानी जाती है.

गांव के सभी घर कच्चे बने हुए हैं. यहां पक्के मकान बनाने की परंपरा नहीं है. लोग मानते हैं कि इसी तरीके से रहना उनकी पुरानी परंपरा का हिस्सा है. यही वजह है कि आज भी यहां का नजारा बाकी गांवों से बिल्कुल अलग दिखता है.

गांव में है अनोखा नियम, मांस और शराब से दूरीदेवमाली गांव में एक और खास नियम है, जो इसे और अलग बनाता है. यहां कोई भी व्यक्ति मांस या शराब का सेवन नहीं करता. गांव वालों का मानना है कि अगर कोई ऐसा करता है तो उसे कोई न कोई बीमारी हो जाती है. यह बात डर से ज्यादा विश्वास का हिस्सा बन चुकी है.

इतना ही नहीं, यहां शनिवार के दिन कोई भी व्यक्ति दूध नहीं बेचता. चाहे उसके पास 10 लीटर हो या 100 लीटर, उस दिन दूध बेचने की मनाही है. यह नियम हर घर में मान लिया गया है और कोई इसे तोड़ने की कोशिश नहीं करता.

एक ही दिशा में झुकी हैं चट्टानेंगांव की एक और दिलचस्प बात यह भी बताई जाती है कि यहां की चट्टानें एक ही दिशा, यानी पश्चिम की ओर हैं. यह बात भी गांव को अलग पहचान देती है. देवमाली एक ऐसा गांव है जहां लोग अपने नियम खुद बनाते हैं और पूरी सच्चाई से उन्हें निभाते हैं. यहां की जिंदगी साधारण है, लेकिन सोच और परंपराएं इसे खास बना देती हैं. यही वजह है कि इस गांव की चर्चा दूर-दूर तक होती है.

About the AuthorAnand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें

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Location :

Ajmer,Ajmer,Rajasthan

First Published :

April 30, 2026, 20:58 IST

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