Rajasthan

केवलादेव नेशनल पार्क पर फिल्म ‘उड़ती विरासत’

Last Updated:April 27, 2026, 05:54 IST

Movie on Keoladeo Bird Sanctuary Bharatpur: भरतपुर के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता पर “उड़ती विरासत” नाम से एक विशेष फिल्म बनाई जा रही है. यह फिल्म सारस और अन्य दुर्लभ पक्षियों के जीवन, उनके व्यवहार और प्रवासी पक्षियों की लंबी यात्रा के संघर्ष को पर्दे पर दिखाएगी. फिल्म का उद्देश्य मनोरंजन के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक करना और पक्षी संरक्षण को बढ़ावा देना है. वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को उम्मीद है कि इस फिल्म से भरतपुर के पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी बढ़ेगी.

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Keoladeo Bird Sanctuary Bharatpur: भरतपुर का विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान अब अपनी जैव विविधता और पक्षी संसार की अनकही कहानियों के जरिए बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रहा है. यहाँ आने वाले हजारों प्रवासी पक्षियों और स्थानीय प्रजातियों की अनदेखी दुनिया को एक विशेष फिल्म “उड़ती विरासत” के माध्यम से दुनिया के सामने लाया जाएगा. यह फिल्म न केवल पक्षियों की खूबसूरती को दर्शाएगी, बल्कि उनके जीवन के उन अनछुए पहलुओं को भी उजागर करेगी जो आमतौर पर पर्यटकों और आम लोगों की नजरों से दूर रहते हैं. स्थानीय प्रशासन और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह फिल्म केवलादेव की पहचान को और मजबूत करने का जरिया बनेगी.

फिल्म “उड़ती विरासत” में खासतौर पर सारस जैसे दुर्लभ और आकर्षक पक्षियों की जीवनशैली पर ध्यान केंद्रित किया गया है. इसमें उनके रहन-सहन, भोजन की तलाश, प्रजनन प्रक्रिया और उनके आपसी व्यवहार को बेहद करीब से फिल्माया जाएगा. इसके साथ ही, हर साल कड़ाके की ठंड में सात समंदर पार कर हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके केवलादेव पहुँचने वाले प्रवासी पक्षियों की चुनौतीपूर्ण यात्रा को भी एक सशक्त कहानी के रूप में पेश किया जाएगा. फिल्म निर्माताओं का मुख्य उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना भी है.

पर्यावरण और संरक्षण का संदेशबदलते दौर में जलवायु परिवर्तन और बढ़ते मानवीय हस्तक्षेप के कारण पक्षियों के प्राकृतिक आवास पर गहरा संकट मंडरा रहा है. फिल्म में इन गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा, ताकि दर्शकों को यह समझ आ सके कि इन बेजुबान पक्षियों और उनके घरों को बचाना हमारे पर्यावरण के लिए कितना जरूरी है. भरतपुर की पहचान बन चुके इस अभयारण्य को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में यह फिल्म एक मील का पत्थर साबित हो सकती है.

पर्यटन और जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावास्थानीय प्रशासन और वन विभाग इस फिल्मी पहल को लेकर काफी उत्साहित हैं. अधिकारियों का मानना है कि “उड़ती विरासत” से न केवल भरतपुर में पर्यटन को नई गति मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति आम लोगों की भागीदारी भी मजबूत होगी. यह फिल्म केवल पक्षियों का दस्तावेजीकरण नहीं है, बल्कि प्रकृति और इंसान के बीच के अटूट रिश्ते का एक सशक्त संदेश है. फिल्म के रिलीज होने के बाद केवलादेव की प्राकृतिक सुंदरता और यहाँ की जैव विविधता को एक नया और बड़ा दर्शक वर्ग मिलने की उम्मीद है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

April 27, 2026, 05:54 IST

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