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जापान में सार्वजनिक तौर पर शराब पीना कानूनी तौर पर वैध क्यों, बॉस के साथ पीना ‘वफादारी’

जापान में सड़कों पर रात के समय चलते हुए आपको हो सकता है कि लोग शराब पीते हुए नजर आएं. उनके हाथ में जाम का गिलास या बियर की कैन हो सकती है. या हो सकता है कि सड़क के किनारे कार खड़ी खड़ी करके कार – ओ- बार हो रहा हो. भारत और दूसरे किसी देश में अगर आप ऐसा करें तो हवालात की सैर करनी पड़ सकती है., चालान काटा जा सकता है लेकिन जापान में ये पूरी तरह वैध है. जापान में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

आप किसी भी सुविधा स्टोर से चौबीसों घंटे शराब खरीद सकते हैं. पार्क में, सड़क किनारे बेंच पर या चलते-फिरते भी इसका आनंद ले सकते हैं. वहां कुछ मौसम में तो ये आजादी चरम पर होती है, खासकर तब जबकि वहां चेरी ब्लॉसम खिलने का मौसम हो. तब हजारों लोग पेड़ों के नीचे बैठकर शराब पीने के लिए पार्कों में इकट्ठा होते हैं. तब लोग वोदका से लेकर स्कॉच पीते हुए तक दीख जाते हैं.

पर इसकी कुछ शर्तें भी

ये कानूनी है, फिर भी कुछ शिष्टाचार का पालन करना आवश्यक है. ज़ोर से बोलना, शोर मचाना या कूड़ा फैलाना बेहद असभ्य माना जाता है. ये उम्मीद की जाती है कि यदि आप सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते हैं, तो शांत और ज़िम्मेदारीपूर्वक पिएं. हालांकि स्थानीय ट्रेनों के अंदर शराब पीना आमतौर पर मना है लेकिन बुलेट ट्रेन में ऐसा किया जा सकता है.

जापान में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीना कानूनी तौर पर वैध है. लिहाजा अक्सर वहां लोग पार्कों और पब्लिक प्लेसेज पर जाम टकराते दीख सकते हैं.

जापान में कैसे ऐसा होता है

जापान में कानूनों से ज्यादा सामाजिक नियम मजबूत हैं. लोग ज्यादातर जिम्मेदारी से पीते हैं. शराब को नैतिक बुराई नहीं माना जाता. इसे सामाजिक बांडिंग और रिलैक्सेशन का साधन माना जाता है. इसी वजह से सार्वजनिक नशा आम है. हां, अगर ज्यादा शोर-शराबा या परेशानी पैदा की तो फिर ये कानून का मामला हो जाता है. मतलब अगर आप शांति और हल्की बातचीत के साथ पब्लिक में ड्रिंक कर रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं. महिलाओं के लिए पहले पब्लिक ड्रिंकिंग टैबू था, लेकिन अब आम है. वो अब अकेले या दोस्तों के साथ एंजॉय करती हैं.

लोग खुद नियंत्रित रहते हैं

जापान की कम अपराध दर और उच्च सामाजिक अनुशासन के कारण पुलिस को सख्त नियमों की जरूरत नहीं पड़ती. लोग खुद को नियंत्रित रखते हैं. शर्मिंदगी खुद ही सजा का काम करती है. हालांकि विदेशी पर्यटकों को ये बात अजीब लग सकती है. जापान में युवाओं में शराब की उम्र 20 साल है.

पार्क में चादर बिछाई और सुबह से रात तक शराब

जापान में वसंत ऋतु में लाखों लोग पार्कों में चेरी के फूलों के नीचे ब्लू शीट्स बिछाकर दिन भर से रात तक शराब पीते हैं. लोग बढ़िया जगह लेने के लिए सुबह जल्दी आ जाते हैं, इसमें कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर सीईओ तक सब शामिल होते हैं. हालांकि अक्सर लोग ज्यादा शराब पीने के चलते अस्पताल भी पहुंच जाते हैं.

अक्सर रात में ज्यादा पीने के बाद लोग सड़क, स्टेशन या पार्क में सो जाते हैं. लोग उन्हें परेशान नहीं करते. कई बार लोग उनके पास पानी की बोतल रख देते हैं ताकि वे उठकर पी सकें. पुलिस या स्टेशन स्टाफ उन्हें धीरे से जगाकर घर भेज देते हैं. नशे में कोई हंगामा न करे तो अगले दिन सब भूल जाते हैं.

जापान में शराब का कल्चर बहुत अनोखा

जापान में शराब का कल्चर काफी अनोखा है. ये सामाजिक और कामकाजी जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है. यहां शराब केवल नशा नहीं, बल्कि रिश्ते बनाने, तनाव कम करने और संवाद का जरिया है. इसे “नोमुनिकेशन” कहते हैं.

बॉस के साथ ड्रिक करना वफादारी का प्रतीक

जापान की कॉर्पोरेट संस्कृति का ये सबसे बड़ा हिस्सा है. ऑफिस के बाद सहकर्मी और बॉस के साथ इज़ाकाया यानि जापानी पब में साथ ही जाते हैं. ऐसा करके वो हाइयारिकी को थोड़ा ढीला करते हैं, खुलकर बात करते हैं, टीम स्पिरिट बढ़ाते हैं. बॉस के साथ ड्रिंक करना वफादारी का प्रतीक माना जाता है. इनवाइट ठुकराना मुश्किल होता है, हालांकि अब युवा पीढ़ी इसे चैलेंज कर रही है. पार्टी लंबी चलती है. मुख्य पार्टी के बाद “दूसरी पार्टी” और कभी तीसरी भी.

हमारे यहां चखना तो वहां इज़ाकाया कल्चर

हमारे यहां शराब के साथ खाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों को चखना कहते हैं. जापान में इसको इज़ाकाया कहते हैं, जिसमें छोटे-छोटे व्यंजनों को शराब साथ शामिल किया जाता है. लोग खुद का ग्लास खुद नहीं भरते बल्कि दूसरे को भरते हैं. “कंपाई!” कहकर टोस्ट करते हैं. हमारे देश में आमतौर पर ऐसे मौकों पर चीयर्स कहकर टोस्ट किया जाता है.

अंधेरा पक्ष भी है

जापान में ज्यादा पीने से स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं. लीवर डैमेज और अल्कोहल डिपेंडेंस जैसी दिक्कतें सामने आती हैं. युवा पुरुषों में हानिकारक ड्रिंकिंग ग्लोबल औसत से ज्यादा है. हालांकि अब नई जेनरेशन इसे कम कर रही है.

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