H5N1 वायरस का इंसानों में बढ़ा खौफ, क्या कच्चा दूध पीने से फैल सकता है बर्ड फ्लू? जानें एक्सपर्ट की राय

Health News: H5N1 एक बार फिर से डराने लगा है. पक्षियों और जानवरों में फैलने वाले वायरस के कुछ लक्षण इंसानों में भी पाए गए हैं. अभी अमेरिका के वॉशिंगटन में संक्रमित गायों के संपर्क में आने से एक व्यक्ति के संक्रमित होने का मामला सामने आया है. तो क्या दूध पीने से भी फैल सकता है संक्रमण? लोगों के मन में H5N1 को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. अब भारत में भी लोगों के मन में डर सताने लगे हैं. तो चलिए इसके बारे में दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता से जानते हैं.
एवियन फ्लू यानी H5N1 संक्रमण को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है. आमतौर पर बर्ड फ्लू के नाम से पहचाना जाने वाला यह संक्रमण पक्षियों में फैलता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह इंसानों और दूसरे जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है. अब अमेरिका के वॉशिंगटन से ऐसा मामला सामने आया है, जहां संक्रमित गायों के संपर्क में आने के बाद एक व्यक्ति के H5N1 से संक्रमित होने की खबर सामने आई है. इस मामले के बाद संक्रमित जानवरों और कच्चे दूध को लेकर भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या गायों से भी बर्ड फ्लू इंसानों में फैल सकता है? क्या कच्चा दूध पीने से संक्रमण का खतरा है? और भारत में रहने वाले लोगों को इससे कितना सावधान रहने की जरूरत है?
क्या है H5N1 और कैसे फैलता है संक्रमण?
H5N1 इन्फ्लूएंजा वायरस का एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है. संक्रमित पक्षियों, उनके स्राव और मल के संपर्क में आने से यह वायरस दूसरे पक्षियों और कुछ परिस्थितियों में इंसानों तक पहुंच सकता है. हालांकि, इंसानों में इसका संक्रमण सामान्य नहीं है, लेकिन जब यह होता है, तो कुछ मामलों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है.
पिछले कुछ समय में संक्रमित पक्षियों के अलावा गायों जैसे स्तनधारी जानवरों में भी H5N1 संक्रमण के मामले सामने आए हैं. संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने वाले लोगों को संक्रमण का जोखिम हो सकता है. यही वजह है कि पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री से जुड़े काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.
इंसानों में भी फैल रहा जानवरों वाला वायरस
वॉशिंगटन में सामने आया मामला भी इसी वजह से चर्चा में है. हालांकि, किसी व्यक्ति के संक्रमित होने की खबर के आधार पर यह नहीं माना जाना चाहिए कि वायरस आम लोगों के बीच आसानी से फैल रहा है. संक्रमण का स्रोत, संपर्क की प्रकृति और आगे इसके फैलने की आशंका का आकलन स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा किया जाता है.
क्या कच्चा दूध पीने से हो सकता है बर्ड फ्लू?
H5N1 संक्रमण को लेकर सबसे बड़ा सवाल दूध की सुरक्षा पर उठ रहा है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, संक्रमित गायों के कच्चे दूध में वायरस मौजूद हो सकता है.
ऐसे में बिना पाश्चुरीकरण वाला दूध पीने से संक्रमण का खतरा हो सकता है.
कच्चा दूध पीने से बचें
पाश्चुरीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें दूध को निर्धारित तापमान पर गर्म करके हानिकारक सूक्ष्म जीवों को निष्क्रिय किया जाता है. इसलिए लोगों को कच्चा या बिना पाश्चुरीकरण वाला दूध पीने से बचना चाहिए. दूध को अच्छी तरह उबालना भी एक महत्वपूर्ण सावधानी है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में मिलने वाला हर दूध संक्रमित है या दूध पीने से बर्ड फ्लू फैल रहा है. लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित और उचित तरीके से प्रोसेस किए गए दूध का सेवन करना चाहिए. संदिग्ध या बीमार जानवरों के दूध का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह का पालन करना चाहिए.
भारत में कितनी चिंता की बात? एक्सपर्ट से जानें
दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अरुण गुप्ता ने इस मामले पर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों से जुड़ा संक्रमण है, लेकिन हाल के मामलों में गायों जैसे दूसरे जानवरों में भी इसका संक्रमण देखा गया है.
डॉ. गुप्ता के मुताबिक, भारत में फिलहाल घबराने जैसी स्थिति नहीं है. हालांकि, लोगों को बीमार जानवरों से दूरी बनाए रखनी चाहिए और उन्हें छूने से बचना चाहिए. अगर किसी जानवर में संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं या उसके बीमार होने का संदेह है, तो उसके सीधे संपर्क में आने से बचें और संबंधित पशु चिकित्सा या स्वास्थ्य अधिकारियों को इसकी जानकारी दें.
उन्होंने यह भी सलाह दी कि जो लोग पालतू जानवरों, मुर्गियों या दूसरे पक्षियों के संपर्क में रहते हैं, उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. पशुपालन और पोल्ट्री से जुड़े लोगों को सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए.
किन बातों का रखें ध्यान?
बीमार या मृत पक्षियों और जानवरों को सीधे न छुएं.
कच्चा या बिना पाश्चुरीकरण वाला दूध पीने से बचें.
दूध और डेयरी उत्पादों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.
पशुपालन या पोल्ट्री के काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपाय अपनाएं.
संक्रमित जानवर के संपर्क में आने के बाद बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी या आंखों में लालिमा जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क करें और संपर्क में आने की जानकारी दें.
इंसानों के लिए भी खतरा
कुल मिलाकर, अमेरिका में सामने आया यह मामला बताता है कि H5N1 केवल पक्षियों तक सीमित नहीं है और संक्रमित स्तनधारी जानवरों से भी इंसानों को खतरा हो सकता है. हालांकि, भारत में आम लोगों को फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. जरूरी है कि वे संक्रमित जानवरों से दूरी रखें, कच्चे दूध से बचें और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें.



