बीकानेर से कम उद्यम फिर भी रोजगार में आगे निकला सीकर, 3.28 लाख कामगार जुड़े

Last Updated:September 25, 2026, 14:44 IST
Sikar Employment Data News: केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार सीकर जिले में 1.73 लाख असंगठित उद्यमों से 3.28 लाख कामगार जुड़े हैं. असंगठित क्षेत्र में रोजगार देने के मामले में सीकर ने बीकानेर समेत कई बड़े जिलों को पछाड़ दिया है. हालांकि बीकानेर में उद्यमों की संख्या सीकर से अधिक है, लेकिन कामगारों की संख्या में सीकर आगे है. रोजगार देने के मामले में सीकर प्रदेश में चौथे स्थान पर है. जिले में खुदरा व्यापार, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ साबित हो रहे हैं.
सीकर जिले ने असंगठित क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में प्रदेश के कई बड़े जिलों को पीछे छोड़ा है. केंद्रीय सांख्यिकी मंत्रालय की जिला स्तरीय रिपोर्ट के अनुसार, सीकर में 1 लाख 73 हजार 82 असंगठित उद्यम संचालित हो रहे हैं, जिनसे 3 लाख 27 हजार 999 कामगार जुड़े हुए हैं. कामगारों की संख्या के आधार पर सीकर राजस्थान में चौथे स्थान पर है.
सीकर की तुलना बीकानेर से करें तो यहां असंगठित उद्यमों की संख्या भले ही कम है, लेकिन इनसे जुड़े कामगारों की संख्या अधिक है. रिपोर्ट के अनुसार, बीकानेर में 1 लाख 80 हजार 41 असंगठित उद्यम संचालित हो रहे हैं, जिनमें 3 लाख 10 हजार 363 कामगार जुड़े हुए हैं. वहीं, सीकर में 3 लाख 27 हजार 999 कामगार असंगठित क्षेत्र में रोजगार पा रहे हैं, जो बीकानेर के मुकाबले 17 हजार 636 अधिक हैं.
रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, सीकर में खुदरा कारोबार, छोटे स्तर के विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और स्थानीय व्यवसाय बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दे रहे हैं. जिले में छोटे स्तर पर संचालित ये उद्यम स्थानीय अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं. इन व्यवसायों से जुड़े कामगारों की बड़ी संख्या से पता चलता है कि असंगठित क्षेत्र सीकर में रोजगार का एक महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है.
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प्रदेश में असंगठित उद्यमों और उनसे जुड़े कामगारों की संख्या के मामले में जयपुर सबसे आगे है. आंकड़ों के अनुसार, जयपुर में 4 लाख 84 हजार 873 असंगठित उद्यम संचालित हो रहे हैं, जिनसे 10 लाख 15 हजार 884 कामगार जुड़े हुए हैं. वहीं, चूरू 3 लाख 18 हजार 817 उद्यमों और 6 लाख 31 हजार 828 कामगारों के साथ दूसरे स्थान पर है. इसके बाद बीकानेर और सीकर का स्थान है.
कामगारों की संख्या के मामले में सीकर के बाद उदयपुर का स्थान है. उदयपुर में 1 लाख 54 हजार 460 असंगठित उद्यम संचालित हो रहे हैं, जिनसे 3 लाख 6 हजार 916 कामगार जुड़े हुए हैं. वहीं, जयपुर ग्रामीण में 1 लाख 34 हजार 320 उद्यमों से 2 लाख 56 हजार 782 और कोटा में 1 लाख 54 हजार 325 उद्यमों से 2 लाख 52 हजार 930 कामगार रोजगार से जुड़े हैं.
रिपोर्ट में असंगठित क्षेत्र में बाहरी कामगारों की हिस्सेदारी से जुड़े आंकड़े भी सामने आए हैं. इसके अनुसार, नीमकाथाना में बाहरी कामगारों वाले उद्यमों की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत दर्ज की गई है. इसके बाद जयपुर में 20.71 प्रतिशत, जोधपुर में 20.01 प्रतिशत और कोटा में 12.93 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. ये आंकड़े बताते हैं कि इन क्षेत्रों के असंगठित उद्यमों में स्थानीय कामगारों के साथ बाहरी कामगार भी रोजगार से जुड़े हुए हैं.
महिला स्वामित्व वाले प्रोपराइटी उद्यमों की हिस्सेदारी के मामले में झुंझुनूं प्रदेश में सबसे आगे है. जिले में ऐसे उद्यमों की हिस्सेदारी 37.11 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि जयपुर में यह आंकड़ा 24.87 प्रतिशत है. रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि सीकर में असंगठित क्षेत्र का दायरा केवल उद्यमों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि इन उद्यमों से जुड़े रोजगार के लिहाज से भी जिला प्रदेश के प्रमुख जिलों में शामिल है.
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September 25, 2026, 14:44 IST



