Health Tips: खाने में कसैला जरूर है यह हर्ब्स, लेकिन हड्डियों के दर्द को चूसकर बाहर निकाल देता है, विज्ञान ने भी माना लोहा

Last Updated:September 21, 2026, 16:02 IST
Boswellia Health Benefits: भारत एक से बढ़कर एक अनमोल हर्ब्स भरे पड़े हैं. सदियों से इन हर्ब्स से कई तरह की बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है. इन्हीं में से एक महागुणी हर्ब्स है बोसवेलिया यानी लोबान या गुगूल जड़ी-बूटी. आजकल यह कैप्सूल में भी आने लगा है. लोबान ऐसा हर्ब्स है जो हड्डियों से दर्द को चूसकर बाहर निकाल देता है. इसके पेड़ की छाल, राख के रंग की होती है. इसके पत्ते नीम के पत्ते की तरह होते हैं. इसलिए इसका स्वाद थोड़ा कसैला होता है लेकिन गुणों में खान होता है. आइए इसके फायदों के बारे में जानते हैं.लोबान के फायदे.
Loban Health Benefits: लोबान का नाम आपने सुना ही होगा. अगर नहीं सुना है तो आपने पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाले धूप तो जरूर जलाए होंगे. यही है लोबान या शालाकी. इसे सालई, सलई गूगुल या लबान भी कहते हैं. यह बेशकीमती हर्ब्स है. सदियों से जोड़ों का दर्द के लिए इसका इस्तेमाल होता रहा है. अब विज्ञान ने भी इसे प्रमाणित किया है. इसका एक रूप धूप है जो खुशबू देता है दूसरा इसकी छाल से दवाई बनाई जाती है. पिछले कुछ सालों से लोबान को लेकर कई रिसर्च हुई हैं. रिसर्च के अनुसार लोबान ऑस्टियोऑर्थराइटिस, रुमेटॉयड अर्थराइटिस, अस्थमा और इंफ्लामेटरी बाओल डिजीज के लिए बेस्ट हर्ब्स है. कुछ रिसर्च के मुताबिक लोबान में ल्यूकेमिया और ब्रेस्ट कैंसर को भी ठीक करने की क्षमता है लेकिन अभी यह रिसर्च शुरुआती चरण में है. इसलिए लोबा
क्या कहता है विज्ञान
हेल्थलाइन की साइंटिफिक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक जो लोबान को लेकर रिसर्च हुई है उसमें पाया गया है कि लोबान में बोसवेलिक एसिड होता है. यह शरीर में ल्यूकोट्रायनेस कंपाउड को बनने से रोकता है. ल्यूकोट्राइमस ही वह विलेन है जिसकी वजह से शरीर में इंफ्लामेशन यह सूजन बनती है. इंफ्लामेशन के कारण शरीर में कई तरह की दर्द वाली बीमारियां होती है जिनमें गठिया प्रमुख है. इसी कारण अस्थमा भी होता है. लोबान की छाल में चार तरह के मुख्य एसिड होते हैं जिनमें एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होता है. इससे शरीर में सूजन वाली बीमारी का खतरा कम हो जाता है. 2003 में फायटोमेडिसीन जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्टियोअर्थराइटिस से पीड़ित 30 लोगों पर स्टडी की गई. ये लोग घुटनों के दर्द से बुरी तरह प्रभावित थे. जब एक महीने तक इन लोगों ने लोबान का सेवन किया तो जो पहले चल नहीं पा रहे थे वे अब आराम से टहलने लगे.
आईबीडी का इलाज
आईबीडी मतलब इंफ्लामेटरी बाओल डिजीज. यह पेट से संबंधित बीमारी है जिसकी वजह से पाचन संबंधी दिक्कतें होती है और पेट में दर्द होता है. आईबीडी के कारण आंत में सूजन हो जाती है. 2001 में इसे लेकर स्टडी हुई थी. चूंकि लोबान में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होता है. इसलिए इसके टैबलेट को कुछ दिनों तक क्रोन्स, अल्सराइटिव कोलाइटिस जैसी आंत की बीमारियों में इस्तेमाल किया. इसका शानदार रिजल्ट मिला. इसके बाद कई अध्ययनों में लोबान से आईबीडी से संबंधित बीमारियों में बेहतर परिणाम मिले.
अस्थमा में भी कारगर
अस्थमा की बीमारी सूजन की वजह से ही होती है. अध्ययन में पाया गया है कि बोसवेलिया जड़ी-बूटी का सेवन करने से ब्रोंकियल अस्थमा के लक्षणों में राहत मिलती है. शोध के अनुसार इसके इम्यून-बैलेंसिंग गुण अस्थमा के मरीजों में पर्यावरणीय के कारण होने वाली एलर्जी को कम करने में बहुत मदद करता है.
कैंसर में असरदार
लोबान की छाल में पाए जाने वाले बोसवेलिक एसिड कई ऐसे तरीकों से काम करता है जो कैंसर के विकास को रोक सकते हैं. कई स्टडीज में पाया गया कि बोसवेलिक एसिड उन एंजाइमों को बनने से रोक देता है जो डीएनए में होने वाली क्षति के लिए जिम्मेदार है. शोध से यह भी पता चला है कि बोसवेलिया एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं से लड़ सकता है. इसी तरह यह जानलेवा ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर और ब्रेन ट्यूमर की कोशिकाओं के फैलाव को सीमित कर सकता है. एक अन्य अध्ययन में बोसवेलिक एसिड को पैन्क्रियाटिक कैंसर की कोशिकाओं के प्रसार को दबाने में भी प्रभावी पाया गया है. कई अन्य शोध में इसे लेकर बेहतर परिणाम मिले हैं लेकिन अभी इसे क्लीनिकली साबित नहीं किया गया है.
आयुर्वेद में लोबान के कई फायदे
आयुर्वे में लोबान का इस्तेमाल सदिया से किया जाता है. लोबान अब टैबलेट के रूप में भी मिलने लगा है. शालाकी की छाल को पीसकर दाद में लगाने से दाद ठीक होता है. कटे या खुले हुए घाव पर रेशम का पतला कपड़ा रखने के बाद लोबान के फल का चूर्ण छिड़क कर ठीक से बांध दें. इससे घाव जल्दी ठीक हो सकता है. इसी तरह लोबान स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है. लोबान में पित्त शामक, कषाय एवं शीत गुण पाए जाने के कारण यह स्किन को हेल्दी बनाए रखने एवं ठंडक प्रदान करने में मदद करता है.लोबान का सेवन तनाव को भी कम कर सकता है. इसी तरह लोबान पाचन को बेहतर बनाने, पेचिश को ठीक करने, बुखार उतारने, इम्यूनिटी बढ़ाने और कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक होता है.
About the AuthorLakshmi Narayan
मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता के हर विधा में माहिर हैं. भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांपने की अद्भुत कला उनके अंदर समाहि…
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September 21, 2026, 16:02 IST



