Health Tips : लोग पूछेंगे सीक्रेट, बाल हो जाएंगे इतने घने…खरपतवार समझकर न उखाड़ें ये पौधा

Last Updated:September 11, 2026, 17:58 IST
Castor oil benefit : अरंडी का पौधा दिखने में खरपतवार की तरह लगता है. अक्सर ये अपने आप उग आता है. बारिश के दिनों में इसके पौधे हर जगह मिल जाएंगे. गैस, पेट फूलना और भारीपन जैसी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए इसका तेल लाभकारी है. गलत खानपान और देर से भोजन करने की आदत से पेट में गैस बनना आम समस्या है. लोकल 18 से गोंडा की आयुष चिकित्सक डॉ. ऋचा बताती हैं कि अरंडी का तेल आंतों की गतिशीलता को बढ़ाकर गैस को बाहर निकालने में मदद करता है. कुछ लोग घुटनों, हाथ-पैर के जोड़ों या मांसपेशियों में होने वाली परेशानी में इससे मालिश करते हैं. हल्की मालिश और तेल की गर्माहट से अकड़न कम महसूस होती है.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में बारिश के बाद खेतों, खाली पड़ी जमीनों और सड़क किनारे कई तरह के पौधे अपने आप उग आते हैं. इन्हीं में एक पौधा अरंडी का भी होता है, जिसे कई लोग बिना पहचान किए खरपतवार या बेकार पौधा समझकर उखाड़कर फेंक देते हैं. कई जगहों पर इसे बोने की जरूरत भी नहीं पड़ती, बल्कि अनुकूल मौसम और जमीन मिलने पर यह अपने आप उग जाता है.
डॉ. ऋचा बताती हैं कि अरंडी का पौधा देखने में सामान्य जरूर लगता है, लेकिन इससे मिलने वाला तेल कई तरह के घरेलू और औद्योगिक उपयोग में काम आता है. अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑयल खासतौर पर बालों और त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें मौजूद रिसिनोलिक एसिड इसे दूसरे कई वनस्पति तेलों से अलग बनाता है.
डॉ. ऋचा के मुताबिक, अरंडी का तेल सबसे ज्यादा बालों की देखभाल के लिए जाना जाता है. यह गाढ़ा होता है, इसलिए इसे अक्सर नारियल या किसी हल्के तेल के साथ मिलाकर बालों और सिर की त्वचा पर लगाया जाता है. इससे बालों में नमी बनाए रखने और रूखेपन को कम करने में मदद मिलती है. बालों को मुलायम और चमकदार दिखाने के लिए भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं.
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डॉ. ऋचा बताती हैं कि अरंडी के तेल का एक पुराना औषधीय उपयोग कब्ज में भी किया जाता रहा है. कैस्टर ऑयल एक स्टिमुलेंट लैक्सेटिव के तौर पर आंतों की गतिविधि बढ़ाकर मल त्याग में मदद कर सकता है. कब्ज होने पर हर व्यक्ति अपनी मर्जी से अरंडी का तेल पीना न शुरू करे. अधिक मात्रा में तेल पीने पर पेट में दर्द, मरोड़, दस्त और शरीर में पानी की कमी जैसी परेशानी हो सकती है.
डॉ. ऋचा कहती हैं कि फटी एड़ियों और रूखी त्वचा के लिए भी अरंडी का भी इस्तेमाल किया जाता है. इसकी गाढ़ी बनावट त्वचा में नमी बनाए रखने में मदद कर सकती है. रात में पैर साफ करने के बाद एड़ियों पर थोड़ी मात्रा में तेल लगाने से रूखापन कम करने में मदद मिलती है. बालों में लगाने पर यह उन्हें कंडीशन करने में सहायक होता है. नारियल तेल के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से बाल मुलायम और चमकदार दिखाई दे सकते हैं.
डॉ. ऋचा बताती हैं कि गैस, पेट फूलना और भारीपन जैसी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए भी अरंडी का तेल लाभकारी साबित हो सकता है. गलत खानपान और देर से भोजन करने की आदत के कारण पेट में गैस बनना आम समस्या है, जिससे असहजता और दर्द भी हो सकता है. अरंडी का तेल आंतों की गतिशीलता को बढ़ाकर गैस को बाहर निकालने में मदद करता है.
डॉ. ऋचा के मुताबिक, अरंडी के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर जोड़ों और मांसपेशियों की मालिश के लिए भी किया जाता है. इसमें मौजूद रिसिनोलिक एसिड में सूजन कम करने से जुड़े गुण पाए जाते हैं, इसलिए कुछ लोग घुटनों, हाथ-पैर के जोड़ों या मांसपेशियों में होने वाली परेशानी में इससे मालिश करते हैं. हल्की मालिश और तेल की गर्माहट से अकड़न कम महसूस होती है.
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September 11, 2026, 17:58 IST



