Honey Trehan: कौन हैं ‘सतलुज’ के डायरेक्टर? विशाल भारद्वाज का करीबी, कास्टिंग डायरेक्टर जो बना मास्टरमाइंड फिल्ममेकर

Last Updated:July 09, 2026, 12:20 IST
Who Is Satluj Director Honey Trehan: बॉलीवुड में कुछ फिल्ममेकर ऐसे भी हैं, जिनकी पहचान स्टारडम से नहीं बल्कि उनकी नजर और सोच से बनी है. उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों के लिए ऐसे कलाकार चुने, जो बाद में उन किरदारों की पहचान बन गए. सालों तक एक नामी निर्देशक के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया, लेकिन जब खुद निर्देशन की कमान संभालने का मौका आया तो कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. अब उनकी नई फिल्म ‘सतलुज’ सेंसरशिप और कंटेंट को लेकर छिड़ी बहस के बीच चर्चा में है. ऐसे में हर कोई जानना चाहता है कि आखिर इस चर्चित फिल्म के पीछे खड़ा यह फिल्ममेकर कौन है. चलिए आपको भी बताते हैं कि आखिर कौन हैं हनी त्रेहन…
नई दिल्ली. एक वक्त था जब बॉलीवुड की कई यादगार फिल्मों के पीछे उनकी मेहनत तो होती थी, लेकिन चेहरा शायद ही कोई पहचानता था. बड़े पर्दे पर कौन-सा कलाकार किस किरदार में सबसे बेहतर लगेगा, इसका फैसला करने में उनका बड़ा योगदान रहा. करीब दो दशक तक उन्होंने हिंदी सिनेमा के एक दिग्गज निर्देशक के सबसे भरोसेमंद सहयोगी के रूप में काम किया और ‘मकबूल’, ‘ओमकारा’, ‘कमीने’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई. निर्देशन में कदम रखने का सपना भी देखा, लेकिन पहली ही फिल्म बीच रास्ते में अटक गई. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और बाद में बतौर निर्देशक अपनी नई शुरुआत की. अब मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा पर बनी फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में है. क्या आप जानते हैं कि आखिर कौन हैं ‘सतलुज’ के डायरेक्टर?
दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ ने मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की कहानी के जरिए सेंसरशिप और आर्टिस्टिक फ्रीडम पर नई बहस छेड़ दी है. इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘जी5’ पर रिलीज के महज दो दिन के भीतर हटा दिया गया, जिसने फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान को अचानक सुर्खियों में ला दिया है. क्या आप जानते हैं कि ‘सतलुज’ के डायरेक्टर पहले कास्टिंग डायरेक्टर हुआ करते थे.
फिल्म निर्देशन की दुनिया में कदम रखने से बहुत पहले ही हनी त्रेहान को बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक बेहद कद्दावर और बारीक नजर वाले ‘कास्टिंग डायरेक्टर’ के रूप में जाना जाता रहा है. हनी त्रेहन बॉलीवुड में लंबे समय से एक्टिव हैं, लेकिन दर्शक उन्हें आमतौर पर पोस्टर पर नाम पढ़कर नहीं पहचानते थे. वे इंडस्ट्री के उन गुमनाम हीरों में से एक हैं जिन्होंने कई यादगार फिल्मों की कास्टिंग की. फोटो साभार- रेडिट
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हनी त्रेहन 4 अक्टूबर 1978 को मध्य प्रदेश के सागर में पैदा हुए. उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में करियर शुरू किया, लेकिन कास्टिंग डायरेक्टर बनकर अपनी पहचान बनाई. विशाल भारद्वाज की कई फिल्मों में उन्होंने कास्टिंग और डायरेक्शन असिस्टेंस दी. ‘मकबूल’, ‘ओमकारा’, ‘कमीने’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसी फिल्मों में उनकी कास्टिंग की तारीफ हुई. विशाल भारद्वाज के साथ उनका साथ 20 साल तक चला.
हनी त्रेहान और विशाल भारद्वाज की जोड़ी साल 2017 में फिल्म ‘सपना दीदी’ के दौरान टूट गई. हुसैन जैदी की किताब ‘माफिया क्वींस ऑफ मुंबई’ पर आधारित इस गैंगस्टर ड्रामा से हनी त्रेहान बतौर निर्देशक डेब्यू करने वाले थे, जिसमें दीपिका पादुकोण और दिवंगत इरफान खान मुख्य भूमिकाओं में थे. हालांकि, दिसंबर 2017 में दोनों ने क्रेएटिव मतभेदों के कारण आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया. बाद में इरफान खान की बीमारी, उनके दुखद निधन और महामारी के कारण यह प्रोजेक्ट रुक गया, जो सालों बाद शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के साथ ‘ओ’रोमियो’ के रूप में आगे बढ़ा. फोटो साभार- रेडिट
विशाल भारद्वाज से अलग होने के बाद हनी त्रेहान ने बड़े बजट की फिल्मों का इंतजार करने के बजाय साल 2020 में थ्रिलर फिल्म ‘रात अकेली है’ से अपना सफल निर्देशन डेब्यू किया. इसके साथ ही उन्होंने फिल्म निर्माण में भी कदम रखा और दिग्गज एक्टर ऋषि कपूर की आखिरी फिल्म ‘शर्माजी नमकीन’ के निर्माण से जुड़े.
हाल ही में आई उनकी फिल्म ‘सतलुज’ को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के साथ करीब तीन साल तक कानूनी और सेंसरशिप की लड़ाई लड़नी पड़ी. सेंसर बोर्ड द्वारा भारी कट्स मांगे जाने के बाद आखिरकार यह फिल्म बिना किसी कट के नए नाम ‘सतलुज’ के साथ ओटीटी पर आई थी, लेकिन कथित तौर पर सरकारी दबाव के चलते इसे दो दिन में ही हटा लिया गया. फाइल फोटो.
हनी त्रेहन का सफर कास्टिंग, प्रोडक्शन और डायरेक्शन का अनोखा मिश्रण है. उन्होंने इंडस्ट्री में बिना चमक-दमक के काम किया और अब अपनी फिल्मों से चर्चा में हैं. ‘सतलुज’ जैसी फिल्में साबित करती हैं कि वे कहानियां चुनते हैं जो सोसाइटी को सोचने पर मजबूर करें. फोटो साभार- रेडिट
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