बीसलपुर पर फिर जगी उम्मीद, त्रिवेणी के तेज बहाव से बढ़ा बांध का जलस्तर, जयपुर-अजमेर-टोंक के लिए बड़ी राहत

Last Updated:August 15, 2026, 15:58 IST
Jaipur Ajmer Tonk Water Supply: राजस्थान में मानसून की सक्रियता के बीच बीसलपुर बांध को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है. त्रिवेणी नदी में तेज बहाव के चलते बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ने लगी है, जिससे बांध के जलस्तर में सुधार की उम्मीद बढ़ी है. बीसलपुर बांध जयपुर, अजमेर और टोंक सहित कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत है. ऐसे में बांध में पानी की बढ़ती आवक इन जिलों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है. लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते प्रवाह पर जलसंसाधन विभाग की नजर बनी हुई है.
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Jaipur News: राजस्थान के सबसे बड़े बांधों में शामिल बीसलपुर बांध को लेकर इस मानसून में एक बार फिर उम्मीद जगी है. चित्तौड़गढ़, राजसमंद और भीलवाड़ा जिलों में हुई जोरदार बारिश का असर अब बांध में साफ दिखाई देने लगा है. कैचमेंट क्षेत्र में बारिश के बाद त्रिवेणी नदी 3.70 मीटर के गेज के साथ बह रही है. इससे बीसलपुर बांध में पानी की आवक तेज हुई है. पिछले 48 घंटों में जलस्तर में करीब 25 सेंटीमीटर से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
आपको बता दें कि बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है. आंकड़ों के अनुसार, बीते गुरुवार शाम तक बांध का जलस्तर बढ़कर 313.82 आरएल मीटर पहुंच गया था. यानी बांध अभी अपनी पूर्ण भराव क्षमता से करीब 1.68 मीटर नीचे है. वर्तमान में बांध करीब 70 फीसदी भरा हुआ है. त्रिवेणी के लगातार बहने से बांध में पानी की आवक जारी है. ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी की उम्मीद बनी हुई है.
इस बार मानसून ने क्यों बढ़ाई चिंता?बीसलपुर के कैचमेंट क्षेत्र भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर और बेंगू में मानसून की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही. बारिश कम होने के कारण सीजन के शुरुआती दौर में बांध में पानी की आवक काफी धीमी रही. अब मानसून के करीब 74 दिन पूरे हो चुके हैं और लगभग 35 दिन का सीजन बाकी है. ऐसे में बांध के लिए आने वाला समय बेहद अहम माना जा रहा है. मौसम विभाग ने अगले करीब दो सप्ताह तक मानसून के कमजोर रहने का अनुमान जताया है. ऐसे में अगस्त के अंत तक बीसलपुर के पूरी तरह लबालब होने की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है. बांध को ओवरफ्लो होने के लिए अभी करीब 300 एमक्यूएम पानी और चाहिए.
8 बार छलक चुका है बीसलपुरसाल 1996 में बने बीसलपुर बांध का इतिहास भी दिलचस्प है. बांध अब तक 8 बार ओवरफ्लो हो चुका है. पहली बार 2004 में बांध के गेट खोले गए थे. इसके बाद 2006, 2014, 2016 में दो बार, 2022 और 2024 में भी बांध छलका. इनमें अगस्त में सबसे ज्यादा छह बार, सितंबर में एक बार और जुलाई में एक बार बांध के गेट खोले गए. पिछले साल अच्छी बारिश के चलते जुलाई में ही बीसलपुर छलक गया था. इस बार तस्वीर अलग है, लेकिन त्रिवेणी के बहने से बांध में पानी की आवक ने उम्मीद जरूर जगा दी है.
जयपुर-अजमेर-टोंक के लिए सबसे बड़ी राहतबीसलपुर बांध सिर्फ एक बांध नहीं, बल्कि जयपुर, अजमेर और टोंक की बड़ी आबादी की लाइफलाइन है. बांध से प्रतिदिन करीब 1100 एमएलडी पानी इन शहरों में सप्लाई किया जाता है. करीब एक करोड़ लोगों की पेयजल जरूरतें इससे जुड़ी हैं. मौजूदा जलभराव के हिसाब से करीब एक साल की सप्लाई के लिए पानी उपलब्ध बताया जा रहा है. ऐसे में बांध में हो रही नई आवक इन शहरों के लिए आने वाले महीनों में बड़ी राहत साबित हो सकती है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Nagaur,Rajasthan
First Published :
August 15, 2026, 15:58 IST



