घर बारिश में गिर गया तो मिलेगा पैसा, आपदा में मौत पर भी आर्थिक सहायता का प्रावधान, जानें कौन कर सकता है आवेदन

Last Updated:August 20, 2026, 19:49 IST
Natural Disaster Compensation Rajasthan: प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से अलग-अलग परिस्थितियों में राहत देने का प्रावधान है. पात्र परिवारों को चाहिए कि वे घटना के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि नियमानुसार मिलने वाली सहायता का लाभ लिया जा सके.
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प्राकृतिक आपदा में मौत और बारिश से घर ढहने पर कितनी मिलती है आर्थिक मदद
करौली. प्राकृतिक आपदा कभी भी बड़ी परेशानी खड़ी कर सकती है. भारी बारिश, बाढ़, भूकंप, तूफान या अन्य आपदाओं के कारण कई बार लोगों की जान चली जाती है और परिवारों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है. ऐसी स्थिति में सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाती है. लेकिन बहुत से लोगों को इस सहायता की राशि, पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती.
लोकल 18 आज आपको प्राकृतिक आपदा में मिलने वाली आर्थिक सहायता से जुड़ी जरूरी जानकारी बता रहा है. भारत में आपदा से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से प्रावधान किए गए हैं. इसके तहत राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से सहायता दी जाती है.
प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु जिला SDRF टीम के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, प्राकृतिक आपदा के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाती है. यदि परिवार मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना या मुख्यमंत्री आरोग्यम योजना में पंजीकृत है, तो जन आधार कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. ऐसे मामलों में प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया है. यह सहायता प्राकृतिक आपदा के कारण होने वाली मृत्यु के मामलों में दी जाती है. हालांकि, आकाशीय बिजली गिरने से होने वाली मृत्यु के लिए अलग प्रावधान है.
आकाशीय बिजली गिरने से मौत पर अलग नियमआकाशीय बिजली गिरने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर सहायता की प्रक्रिया अलग होती है. इसके लिए डीएमआईएस पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जाता है. नियमों के अनुसार, ऐसे मामले में एसडीआरएफ की ओर से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान है.
मकान क्षतिग्रस्त होने पर भी मिलती है सहायता प्राकृतिक आपदा का असर केवल जान-माल तक ही सीमित नहीं रहता. कई बार भारी बारिश, बाढ़ या अन्य आपदा में लोगों के मकान भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं. ऐसे मामलों में एसडीआरएफ के नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता का प्रावधान है. इसके लिए संबंधित प्राधिकृत अधिकारी की ओर से मकान के क्षतिग्रस्त होने का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. इसके बाद नियमानुसार सहायता दी जाती है. हालांकि, इसके लिए मकान का पहले से विधिवत रूप से बना होना जरूरी है.
प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से अलग-अलग परिस्थितियों में राहत देने का प्रावधान है. पात्र परिवारों को चाहिए कि वे घटना के बाद संबंधित विभाग और प्रशासन से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि नियमानुसार मिलने वाली सहायता का लाभ लिया जा सके.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Karauli,Rajasthan
First Published :
August 20, 2026, 19:49 IST



