पहली बारिश में स्कूल बना तालाब, घंटों फंसे रहे बच्चे, वायरल हुआ VIDEO

Last Updated:July 08, 2026, 10:13 IST
Jodhpur Ground Report: जोधपुर के लूणी क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश ने सरकारी स्कूलों की तैयारियों की पोल खोल दी. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जलभराव होने से छुट्टी के बाद भी छात्र-छात्राएं घंटों स्कूल परिसर में फंसे रहे. पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण अभिभावकों को भी बाहर खड़े होकर बच्चों का इंतजार करना पड़ा. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. यह मामला सरकारी स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है. स्थानीय लोगों ने स्कूल परिसर में जलनिकासी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है.
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जोधपुर. ब्लू सिटी जोधपुर में मानसून की पहली बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं लूणी क्षेत्र के एक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में यही बारिश मासूम बच्चों के लिए परेशानी का कारण बन गई. स्कूल परिसर में जलभराव होने और पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने से छात्र-छात्राएं घंटों तक स्कूल परिसर में ही फंसे रहे. छुट्टी होने के बाद भी बच्चे पानी कम होने का इंतजार करते नजर आए. कई अभिभावक भी स्कूल के बाहर खड़े होकर अपने बच्चों के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार करते रहे. स्कूली बच्चों का बाहर खड़े रहकर इंतजार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वीडियो हुआ था.
यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं की हकीकत भी बयां करती है. हर साल बारिश से पहले तैयारियों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में कई सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीर सामने आ जाती है. कहीं जर्जर भवन, कहीं जलभराव तो कहीं मूलभूत सुविधाओं का अभाव इन सबके बीच सबसे ज्यादा खतरा उन मासूम बच्चों की सुरक्षा पर मंडराता है, जो हर दिन पढ़ने के लिए स्कूल पहुंचते हैं.
कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी?
राजस्थान के झालावाड़ में हुए दर्दनाक स्कूल हादसे के बाद उम्मीद थी कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति की गंभीरता से समीक्षा होगी, लेकिन लूणी के इस विद्यालय की तस्वीरें बता रही हैं कि आज भी कई स्कूल जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से दूर हैं. सवाल यही है कि क्या व्यवस्था किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है, या फिर समय रहते बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे स्कूलों की हालत सुधारी जाएगी.
बारिश ने खोली तैयारियों की पोल
बारिश का मौसम अभी शुरू ही हुआ है और पहली ही बरसात ने सरकारी स्कूलों की तैयारियों की सच्चाई सामने ला दी है. यदि समय रहते जलनिकासी, भवनों की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं. शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को समय रहते ध्यान देना चाहिए कि कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाए, क्योंकि स्कूल शिक्षा का मंदिर होता है, जहां नौनिहालों का भविष्य गढ़ा जाता है.
About the Authordeep ranjan
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
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Location :
Jodhpur,Rajasthan



