मुसीबत में कौन आएगा? कोटा के आर्यन और उनकी टीम ने बनाया ‘मेरा साथी’, एक क्लिक पर मिलेगी मदद

कोटा. मुश्किल वक्त में सही मदद मिल जाए तो बड़ी परेशानी भी आसान हो जाती है. सड़क पर अचानक गाड़ी खराब हो जाए, टायर पंचर हो जाए या घर में बिजली, पानी, एसी और फ्रिज जैसी किसी चीज में खराबी आ जाए, तो सबसे बड़ी दिक्कत सही मैकेनिक या सेवा देने वाले व्यक्ति को ढूंढने की होती है. इसी समस्या को आसान बनाने की कोशिश कोटा के युवा आर्यन सिंह और उनकी टीम ने की है. टीम ने ‘मेरा साथी’ नाम से एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है. इसका मकसद जरूरत के समय लोगों को उनके आसपास मौजूद सेवा प्रदाताओं से जोड़ना है.
‘मेरा साथी’ के जरिए लोग अपने आसपास अलग-अलग तरह की सेवाएं देने वाले लोगों की जानकारी हासिल कर सकेंगे. इनमें मैकेनिक, पंचर बनाने वाले, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, एसी और फ्रिज रिपेयर करने वाले तकनीशियन समेत कई तरह के सेवा प्रदाताओं को शामिल करने की योजना है. इसके अलावा आरओ, मोबाइल और कंप्यूटर रिपेयर, बढ़ई, पेंटर, वेल्डर, ड्राइवर और सफाई जैसी सेवाओं को भी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है.
जरूरत के समय मोबाइल से मिलेगी मदद
मान लीजिए किसी व्यक्ति की गाड़ी रास्ते में अचानक बंद हो जाती है. ऐसे समय में उसे मैकेनिक या पंचर वाले की तलाश में इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा. इसी तरह घर की पाइपलाइन खराब होने पर प्लंबर, बिजली की समस्या आने पर इलेक्ट्रिशियन और एसी खराब होने पर तकनीशियन की जानकारी हासिल की जा सकेगी. आर्यन सिंह के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म को तैयार करने के पीछे एक सामान्य लेकिन रोजमर्रा की समस्या है. अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि आसपास भरोसेमंद सेवा देने वाला व्यक्ति कौन है. वहीं दूसरी तरफ कई ऐसे युवा और कामगार हैं, जिनके पास हुनर तो है, लेकिन उनके पास पर्याप्त ग्राहक नहीं पहुंच पाते.
हुनरमंद युवाओं को काम से जोड़ने की कोशिश
‘मेरा साथी’ को सिर्फ ग्राहकों की परेशानी दूर करने वाला प्लेटफॉर्म नहीं बनाया गया है. इसके जरिए स्थानीय युवाओं और हुनरमंद लोगों को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की भी कोशिश की जा रही है. ऐसे कई युवा हैं जो मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, पेंटर या दूसरी तकनीकी सेवाओं का काम जानते हैं, लेकिन उन्हें लगातार काम नहीं मिल पाता. प्लेटफॉर्म के जरिए उनकी जानकारी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने की योजना है. इससे सेवा लेने वाले व्यक्ति को अपने आसपास काम करने वाला व्यक्ति मिल सकेगा और सेवा प्रदाता को नए ग्राहक मिल सकेंगे.
सेवा प्रदाताओं की डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने में मददगार
प्लेटफॉर्म पर सेवा प्रदाताओं की जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है. इसमें उनका संपर्क विवरण, स्थान और प्रस्तावित शुल्क जैसी जानकारियां शामिल करने की योजना है. सेवा लेने के बाद ग्राहक के फीडबैक और रेटिंग की सुविधा भी रखी गई है. इसका मकसद सेवा प्रदाताओं की डिजिटल पहचान तैयार करना है, ताकि लोग किसी सेवा की जरूरत होने पर उपलब्ध विकल्पों की जानकारी ले सकें. साथ ही सेवा देने वाले लोगों को भी अपने काम और सेवाओं को डिजिटल माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का मौका मिले.
कोटा से राजस्थान और फिर देश तक पहुंचाने का लक्ष्य
आर्यन सिंह और उनकी टीम फिलहाल ‘मेरा साथी’ को कोटा से शुरू करने की दिशा में काम कर रही है. इसके बाद इसे राजस्थान के दूसरे शहरों और फिर देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. रास्ते में गाड़ी खराब होने से लेकर घर में अचानक तकनीकी समस्या आने तक, ऐसी स्थिति में लोगों को अक्सर तुरंत मदद की जरूरत होती है. ‘मेरा साथी’ इसी जरूरत को मोबाइल के जरिए पूरा करने की कोशिश कर रहा है. इसका उद्देश्य जरूरतमंद व्यक्ति और सेवा देने वाले व्यक्ति के बीच एक डिजिटल कड़ी तैयार करना है, ताकि सही समय पर सही मदद आसानी से मिल सके.



