Indian Railway | Sambhar Lake

Last Updated:August 25, 2026, 21:48 IST
Sambhar Lake View With Train : सांभर में 820 करोड़ रुपये की लागत से 64 किमी लंबा हाई स्पीड रेल टेस्ट ट्रैक बन रहा है. दिवाली के बाद 250 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रेनों का परीक्षण होगा. यहां हाइस्पीड रोलिंग स्टॉक और आधुनिक रेलवे तकनीकों का परीक्षण होगा. ट्रेनों को 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ाकर उनकी क्षमता, स्थिरता और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को परखा जा सकेगा.
सांभर की पहचान सिर्फ अपनी ऐतिहासिक विरासत और झील तक सीमित नहीं रहने वाली है. इसे जल्द ही देश में हाई स्पीड रेल परीक्षण के लिए भी जाना जाएगा. सांभर झील के किनारे आधुनिक टेस्ट ट्रैक बन रहा है. यह जगह रेलवे की तकनीकी क्षमता का नया केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है. यहां दिवाली के बाद करीब 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों के परीक्षण की तैयारी है.
उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक पंकज शर्मा ने जोधपुर मंडल के डीआरएम और रेलवे अधिकारियों के साथ फुलेरा जंक्शन, सांभर रेलवे स्टेशन तथा गुढ़ा-ठठाना-मीठड़ी के बीच विकसित किए जा रहे टेस्ट ट्रैक का निरीक्षण किया है. यहां करीब 64 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है. यह टेस्ट ट्रैक सामान्य रेलवे लाइन से अलग कई मायनों में खास होगा. यहां तेज गति से चलने वाली ट्रेनों के संचालन के साथ उनकी सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और अलग-अलग तरीके की टेस्टिंग भी की जाएगी.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अभी ट्रैक निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. इसके अलावा पटरियों को बिछाना भी शुरू कर दिया है. इसके अलावा तकनीकी संरचनाओं को लेकर भी काम जारी है. महाप्रबंधक ने भी निरक्षण के दौरान बाकी कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर पूरा करने और गुणवत्ता व सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए है. यहां पारकरीब 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर ट्रेनों का परीक्षण किया जाएगा.
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हाई स्पीड ट्रेनों के परीक्षण के कारण रेलवे की गतिविधियां बढ़ेंगी और आधुनिक तकनीक से जुड़े कामकाज को गति मिलेगी. सांभर पहले से ही अपनी ऐतिहासिक सांभर झील के कारण देश-विदेश में पहचान रखता है. अब रेलवे का यह अत्याधुनिक प्रोजेक्ट इस क्षेत्र की पहचान में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. बड़ी संख्या में पर्यटक यहां प्राकृतिक सौंदर्य, नमक उत्पादन और प्रवासी पक्षियों को देखने पहुंचते हैं
आपको बता दें कि करीब 820 करोड़ रुपए की लागत से 63.56 किलोमीटर लंबे ट्रायल ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है. यहां हाइस्पीड रोलिंग स्टॉक और आधुनिक रेलवे तकनीकों का परीक्षण होगा. ट्रेनों को 250 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ाकर उनकी क्षमता, स्थिरता और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को परखा जा सकेगा. ट्रैक में अलग-अलग परीक्षण क्षेत्रों के साथ कर्व और क्विक टेस्टिंग के लिए भी विशेष हिस्से विकसित किए जा रहे हैं.
ऐसे में हाई स्पीड रेल टेस्ट ट्रैक के विकसित होने से क्षेत्र में रेलवे और पर्यटन दोनों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बेहतर रेल सुविधाएं, अधिक ट्रेनों के ठहराव और पर्यटन विकास के कारण सांभर को नई पहचान मिलेगी. दिवाली के बाद जब इस ट्रैक पर 250 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रेनों के परीक्षण की शुरुआत होगी, तब सांभर का नाम देश की आधुनिक रेल तकनीक से जुड़ जाएगा.
एक तरफ झील, नमक और प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध सांभर होगा, तो दूसरी तरफ उसी धरती पर अत्याधुनिक रेलवे तकनीक की परीक्षा होती दिखाई देगी. यही बदलाव सांभर को आने वाले समय में पर्यटन स्थल से हाई स्पीड रेल परीक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान दिखाएगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है और शेष तकनीकी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं. ऐसे में कुछ महीनों में ट्रायल गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद है.
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August 25, 2026, 21:48 IST



