Rajasthan

2 साल पहले खिड़की से कूदकर भाग गया था इंस्पेक्टर धनराज मीणा, अब फिर कस गया फंदा, जानें क्या है पूरी कहानी

Last Updated:June 24, 2026, 15:42 IST

Rajasthan Police Inspector Dhanraj Meena Story : दो साल पहले तीन लाख रुपये के रिश्वत कांड में सुर्खियों में रह चुके राजस्थान पुलिस के इंस्पेक्टर धनराज मीणा एक बार फिर चर्चा में हैं. इसके पीछे वजह है उनके खिलाफ कोर्ट में पेश की गई क्लोजर रिपोर्ट को एसीबी की ओर से वापस लेना. केस के जांच अधिकारी ने मीणा को क्लीन चिट देकर उनके केस में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी. लेकिन एसीबी के आलाधिकारियों को जब इसका पता चला तो वे गुस्सा गए. उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद अब एसीबी ने कोर्ट से अपनी क्लोजर रिपोर्ट को वापस ले लिया है. अब मीणा के खिलाफ फिर से डिटेल जांच होगी. जानें क्या है पूरा मामला.2 साल पहले खिड़की से कूदकर भाग गया था इंस्पेक्टर धनराज मीणा, फिर कस गया फंदाZoomइंस्पेक्टर धनराज मीणा फिलहाल कोटा ग्रामीण पुलिस लाइन में पदस्थापित हैं.

कोटा. तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोपी कोटा जिले के कैथून थाने के तत्कालीन सीआई (इंस्पेक्टर) धनराज मीणा की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. रिश्वत कांड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पहली बार कोर्ट में पेश की गई अपनी क्लोजर रिपोर्ट को वापस ले लिया है. अब इस मामले में आरोपी धनराज मीणा के खिलाफ नए सिरे से जांच शुरू होगी. एसीबी की टीम ने पहले कैथून के तत्कालीन थानाप्रभारी धनराज मीणा के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मानते हुए उनको क्लीन चिट दे दी थी. उसके बाद कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट भी पेश कर दी थी. इस केस में इंस्पेक्टर मीणा एसीबी के हत्थे नहीं चढ़ पाये थे. वे एसीबी की कार्रवाई के दौरान क्वार्टर की खिड़की खोलकर कूदकर फरार हो गए थे.

सहायक निदेशक अभियोजक एसीबी कोर्ट जया गौतम के अनुसार यह मामला करीब दो साल पुराना है. अगस्त 2024 में एसीबी को रिपोर्ट मिली थी कि कैथून थानाप्रभारी सीआई धनराज मीणा जमीन विवाद के एक मामले में कब्जा दिलाने के लिए परिवादी से तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है. इसके लिए रुपये कांस्टेबल भरत के जरिए लेना तय हुआ था. उसके बाद परिवादी दीपक सोनी को 17 अगस्त 2024 को तीन लाख रुपये लेकर थाने के पीछे स्थित क्वार्टर में बुलाया गया. दीपक वहां रुपये लेकर पहुंच गया.

कांस्टेबल पकड़ा गया और इंस्पेक्टर भाग गया था
वहां कांस्टेबल भरत कुमार ने परिवादी से रुपये ले लिए. उसी दौरान वहां जाल बिछाकर बैठी कोटा एसीबी की टीम पहुंच गई. उसने सीआई धनराज मीणा के लिए 3 लाख की रिश्वत लेते पुलिस कांस्टेबल भरत कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. उस दौरान वहां इंस्पेक्टर धनराज मीणा भी वहां मौजूद थे. लेकिन कार्रवाई के दौरान हुए हो हल्ला को सुनकर वे समझ गया कि मामला गड़बड़ हो गया है. उसके बाद एसीबी CI धनराज मीणा को गिरफ्तार कर पाती उससे पहले ही वे क्वार्टर की खिड़की खोलकर भागने में सफल हो गए. बाद में इस मामले में कांस्टेबल भरत कुमार और सीआई धनराज मीणा दोनों को सस्पेंड कर दिया गया था.

उच्चाधिकारियों ने इसे गंभीर माना और दुबारा जांच के आदेश दिएपहले एसीबी ने अपनी रिपोर्ट में सीआई मीणा को आरोपी बनाया था. लेकिन उसने कोर्ट में चालान केवल रंगे हाथ पकड़े गए कांस्टेबल भरत कुमार के खिलाफ ही पेश किया. एसीबी के जांच अधिकारी ने मीणा के खिलाफ पर्याप्त सबूतों की कमी का हवाला देते हुए उनको क्लीन चिट दे दी. फिर मीणा के मामले में कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी. लेकिन जब यह बात उच्चाधिकारियों तक यह बात पहुंची तो उन्होंने ऐसे गंभीर माना और दोबारा जांच के आदेश दिए. इसके बाद जांच अधिकारी ने कोर्ट में अर्जी लगाकर अपनी क्लोजर रिपोर्ट वापस ली और इसे मुख्यालय भेज दिया. अब नए सिरे से सीआई के खिलाफ फिर से जांच शुरू होगी.

About the AuthorSandeep Rathore

संदीप राठौड़ वर्तमान में न्यूज18 इंडिया में क्लस्टर हेड राजस्थान (डिजिटल) पद पर कार्यरत हैं। राजनीति, क्राइम और सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग में रूचि रखने वाले संदीप को पत्रकारिता का ढाई दशक से ज्यादा का अनुभव…और पढ़ें

न्यूजलेटर

अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज

खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में

सबमिट करें

Location :

Kota,Kota,Rajasthan

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj