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Cancer: क्या सच में ओरल सेक्स सिगरेट-तंबाकू से ज्यादा खतरनाक है? गले का कैंसर इसी से होता है? डॉक्टर से जानिए सच्चाई

Oral Sex and Throat Cancer : सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि ओरल सेक्स तंबाकू से ज्यादा खतरनाक हो गया है. कुछ रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि पहले 70 से 90 प्रतिशत गले के कैंसर में तंबाकू या तंबाकू जनित पदार्थ प्रमुख कारण होता था लेकिन अब ओरल सेक्स के कारण ज्यादा गले के कैंसर के मरीज आ रहे हैं. वैज्ञानिकों को पहले से ही पता है कि ओरल सेक्स से ओरल कैंसर यानी गले के कैंसर का खतरा है लेकिन ओरल सेक्स गले के कैंसर के लिए तंबाकू से ज्यादा खतरनाक होगा, मेडिकल जगत में इस बात की कोई चर्चा नहीं है. इसलिए हमने इस विषय पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल में गला, नाक एवं कान विभाग के प्रमुख डॉ. रवि मेहर से बात की.

क्या सच में ओरल सेक्स ज्यादा खतरनाक है (Is Oral Sex More Dangerous than Tobacco)

डॉ. रवि मेहर ने बताया कि गले के कैंसर के लिए सबसे बड़ा कारण तंबाकू या तंबाकू जनित चीजें हैं लेकिन पिछले कुछ दशकों से ह्यूमन पैपिलोमावायरस HPV की भी एंट्री हुई है. परीक्षणों में ह्यूमन पैपिलोमावायरस HPV के स्ट्रेन 16 यानी HPV-16 गले के कैंसर के सैंपल में मिले हैं. इसका मतलब यह हुआ कि अब गले के कैंसर के लिए HPV-16 भी जिम्मेदार है. हालांकि अब तक कोई ऐसा डेटा नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि ओरल सेक्स से तंबाकू की तुलना में अधिक मुंह का कैंसर होता हो. डब्ल्यूएचओ का अब भी यही मानना है कि पूरे मुंह के कैंसर के लिए सबसे ज्यादा तंबाकू, सिगरेट, खैनी, गुटखा और शराब का सेवन ही जिम्मेदार है. लेकिन इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि एचपीवी के कारण भी गले के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि पक्के तौर पर ये सबूत नहीं है कि ओरल सेक्स से तंबाकू से अधिक कैंसर होता है. इसके लिए आपको यह समझना होगा कि ओरल कैंसर होता क्यों है.

ओरल कैंसर होता क्या है (What is Oral Cancer)

जब सिर के मुख्य भाग को छोड़कर मुंह, गाल, जीभ और गले के अंदर या बाहर कैंसर कोशिकाएं फैलने लगे तो ये सब ओरल कैंसर की श्रेणी में आते हैं. गले से लेकर मुंह तक कई तरह के ओरल कैंसर होते है. इसे मेडिलक टर्म में नेजोफेरिंजल कैंसर,ओरोफेरिंजल कैंसर, हाइपोफेरिंजल कैंसर, ग्लॉटिक कैंसर आदि नामों से जाना जाता है. ज्यादातर कैंसर का प्रभाव जीभ, मसूड़ों और गालों के अंदरूनी हिस्सों में होता है. इसे ओरल कैविटी कैंसर कहा जाता है. इसका 70-80% से अधिक कारण तंबाकू और बीड़ी, सिगरेट, गुटखा होता है. अगर गले के पिछले हिस्से, टॉन्सिल और जीभ के निचले हिस्से में कैंसर हो तो इसे ओरोफेरींजल कैंसर कहा जाता है.

ओरल सेक्स से कैंसर कैसे होता है (How Oral Sex Cause of Throat Cancer)

ओरिफेंजल कैंसर के कुछ मामलों में ह्यूमन पैपिलोमावायरस को जिम्मेदार पाया गया है. ओरल सेक्स के माध्यम से यह वायरस गले तक पहुंच सकता है. यह होता कैसे है, इसे समझिए.ह्यूमन पैपिलोमावायरस सेक्सुअली ट्रांसमीटेड डिजीज में सबसे आम वायरस है. दरअसल, महिला-पुरुष दोनों के जननांगों में 30 प्रकार के एचपीवी वायरस मौजूद रहते हैं. इनमें से अधिकांश खतरनाक नहीं होते. लेकिन इसका एक स्ट्रेन HPV-16 खतरनाक होते हैं. जब महिला या पुरुष में से कोई भी जननांगों के आसपास अपने मुंह या जीभ को संपर्क में लाता है तो HPV-16 उसके मुंह के अंदर प्रवेश कर सकता है और गले, टॉन्सिल या जीभ में के किसी कोने में पहुंच जाते हैं. इनमें से भी अधिकांश HPV संक्रमण एक-दो साल के भीतर अपने आप खत्म हो जाते हैं. लेकिन कुछ मामलों में HPV कई दशकों तक गले के पिछले हिस्सों में बिना किसी लक्षण के मौजूद रह सकता है. समय के साथ वायरस अपनी संख्या बढ़ाता है और कोशिकाओं में ऐसे बदलाव कर सकता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं.

गले के कैंसर के लक्षण (Symptoms of Throat Cancer)

मुंह या गले में जब कैंसर होता है तो इसका पहला संकेत यह है कि गले में कहीं न कहीं गांठ या हार्डनेस निकल आता है. इसके बाद कान में दर्द होने लगता है और कुछ भी खाने या निगलने में दिक्कत होती है. इसके बाद आवाज में भारीपन या बदलाव भी एकदम शुरुआती लक्षण है.अगर दो सप्ताह तक आवाज में यह बदलाव ठीक नहीं हुआ तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. गले के कुछ कैंसर में कफ भरा रहता है. अगर ज्यादा दिनों तक कफ रहे तो इसे नजरअंदाज न करें. किसी भी कैंसर में अगर मामला बिगड़ता है तो वजन अचानक से कम होने लगता है. इसलिए यदि बिना वजह वजन में अचानक कमी हो जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

गले के कैंसर के कारण (Cause of Throat Cancer)

अब तक ज्ञात कारणों में सबसे ज्यादा तंबाकू ही गले के कैंसर के लिए जिम्मेदार है. इसके बाद ह्यूमन पैपिलोमा वायरस है. वहीं ज्यादा शराब पानी, इप्सटीन बैर वायरस इंफेक्शन, ज्यादा टॉक्सिक सब्सटांसेज से संपर्क और ज्यादा प्रोसेस्ड मीट खाने के कारण भी गले का कैंसर हो सकता है.

गले के कैंसर के खतरे को कैसे कम करें (How to lower your risk)

गले के कैंसर को कम करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि आप सिगरेट पीना छोड़ दें. तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन न करें. ओरल सेक्स न करें. यदि करें तो इसके लिए कंडोम और डेंटल डैम का इस्तेमाल करें. कम उम्र में HPV वैक्सीन लगाएं. शराब से दूर रहें और प्रोसेस्ड मीट का सेवन न करें. इसके साथ ही हरी सब्जियों, फल और सीड्स का सेवन करें.

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