Jagannath Rath Yatra chariot wheels Auction। भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया खरीदने का अनोखा मौका, 4 लाख रखिएगा तैयार, अप्लाई करने की लास्ट डेट भी बढ़ी

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भगवान जगन्नाथ के रथ का पहिया खरीदने का अनोखा मौका, 4 लाख रखिएगा तैयार
Last Updated:October 13, 2026, 22:10 IST
Jagannath Rath Yatra chariot wheels Auction: श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने वार्षिक रथ यात्रा में उपयोग होने वाले तीनों रथों के पवित्र हिस्सों और पहियों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 22 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. भगवान जगन्नाथ के रथ के पहिए की कीमत 4 लाख, बलभद्र जी के रथ के पहिए की 3 लाख और सुभद्रा जी के रथ के पहिए की कीमत 2 लाख तय की गई है. इस फैसले से श्रद्धालुओं को बड़ा अवसर मिला है.आवेदन की तारीख को आगे बढ़ाया गया है.
भगवान जगन्नाथ के वार्षिक रथ यात्रा उत्सव को लेकर ओडिशा के पुरी से एक बड़ी और अनूठी खबर सामने आई है. श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने इस बार तीनों भव्य रथों के पवित्र हिस्सों और पहियों को खरीदने के इच्छुक भक्तों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 22 अक्टूबर कर दिया है. मंदिर प्रशासन के इस फैसले से देश-विदेश के उन श्रद्धालुओं को बड़ा राहत भरा अवसर मिला है, जो इस पावन उत्सव के ऐतिहासिक अवशेषों को अपने पास संजोना चाहते हैं. इससे पहले मंदिर प्रशासन ने पिछले महीने की 19 तारीख को इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की थी, जिसकी समय-सीमा अब विस्तारित कर दी गई है.
रथों के पहियों और अन्य हिस्सों की निर्धारित कीमतें
भक्तों की भारी मांग और आस्था को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने रथों के विभिन्न घटकों की मूल्य सूची आधिकारिक रूप से तय कर दी है:
• नंदीघोष (भगवान जगन्नाथ का रथ): इस महाबली रथ के प्रत्येक पहिए की कीमत ₹4 लाख तय की गई है.• तलध्वज (भगवान बलभद्र का रथ): इस दिव्य रथ के प्रत्येक पहिए का मूल्य ₹3 लाख रखा गया है.• दर्पदलन (देवी सुभद्रा का रथ): इस पवित्र रथ के प्रत्येक पहिए की कीमत ₹2 लाख निर्धारित की गई है.
रथ के अन्य महत्वपूर्ण और कलात्मक हिस्सों की कीमतें भी तय की गई हैं, जिनमें प्रत्येक गुजा और अंशुआरी की कीमत 20,000 और प्रत्येक प्रभा का मूल्य 50,000 तय किया गया है.
जेन-जी अपडेट और सांस्कृतिक जुड़ावडिजिटल दौर की युवा पीढ़ी के लिए यह जानना बेहद दिलचस्प है कि कैसे सदियों पुरानी परंपराएं आज आधुनिक प्रशासनिक प्रणालियों और डिजिटल ट्रांसपेरेंसी के साथ मेल खा रही हैं. मंदिर प्रशासन द्वारा आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाए जाने और औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किए जाने से यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो गई है. सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर रथ यात्रा के इन पवित्र अवशेषों को प्राप्त करने की उत्सुकता युवाओं के बीच भी तेजी से बढ़ रही है, जो हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के प्रति डिजिटल युग की नई पीढ़ी के गहरे लगाव को दर्शाती है.
About the AuthorSandeep GuptaChief Sub Editor
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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Delhi,Delhi,Delhi
First Published :
October 13, 2026, 22:10 IST



