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Jaipur Monsoon 6 Hill Temple Travel | जयपुर के पास 6 पहाड़ी मंदिर जहां मानसून में उमड़ती है भीड़

Last Updated:August 12, 2026, 07:48 IST

Jaipur Monsoon 6 Hill Temple Travel: जयपुर के आसपास स्थित 6 प्रसिद्ध मंदिर मानसून के मौसम में धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के प्रमुख केंद्र बन जाते हैं. अरावली की पहाड़ियों में स्थित सामोद के वीर हनुमानजी, मालेश्वर महादेव, जोबनेर माता मंदिर, सांभर की शाकम्भरी माता, नरैना का दादू पालका धाम और दादर का जगजीवन धाम मानसून में हरियाली, बादलों और ठंडी हवाओं से घिरे नजर आते हैं. सावन में यहाँ शिव भक्तों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जहाँ लोग पूजा-अर्चना के साथ-साथ प्रकृति के नजारों का आनंद भी ले सकते हैं.
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जयपुर और आसपास का इलाका मानसून के दौरान अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए खास पहचान रखता है. बारिश के बाद अरावली की पहाड़ियां हरी चादर ओढ़ लेती हैं और यहां मौजूद कई धार्मिक स्थल प्रकृति के बीच बेहद खूबसूरत नजर आते हैं. पहाड़ियों पर बसे मंदिरों तक पहुंचने का सफर भी इस मौसम में रोमांचक हो जाता है. अगर आप सावन और मानसून के दौरान धार्मिक यात्रा के साथ हरियाली, ठंडी हवाओं और पहाड़ी नजारों का आनंद लेना चाहते हैं, तो जयपुर के आसपास की ये छह जगहें आपके लिए खास हो सकती हैं.

सामोद वीर हनुमानजी: जयपुर ग्रामीण के सामोद में स्थित वीर हनुमानजी मंदिर मानसून के दौरान आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम नजर आता है. पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को सीढ़ियों के रास्ते चढ़ाई करनी पड़ती है. मंगलवार और शनिवार को यहां बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मानसून में पहाड़ी पर छाई हरियाली, बादलों से ढका आसमान और ठंडी हवाएं इस धार्मिक यात्रा को और भी खास बना देती हैं. ऊंचाई की ओर बढ़ते हुए नीचे दिखाई देने वाला सामोद कस्बा और आसपास का प्राकृतिक नजारा बेहद खूबसूरत नजर आता है.

मालेश्वर महादेव: यह मंदिर भी सामोद गांव में स्थित है और पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक वातावरण में भगवान शिव को समर्पित है. यह कांवड़ यात्रियों और शिव भक्तों के लिए राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है. भीड़भाड़ से दूर पहाड़ी क्षेत्र में स्थित यह मंदिर अपने शांत और प्राकृतिक माहौल के लिए जाना जाता है. सावन के दौरान यहां शिवभक्त पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं. बारिश के बाद पहाड़ियों से बहता पानी, चारों तरफ फैली हरियाली और बादलों से घिरा आसमान मंदिर की खूबसूरती को और बढ़ा देता है.

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दादू पालका धाम: जयपुर ग्रामीण के सांभर क्षेत्र के नरैना में स्थित यह जगह किसी पहाड़ी पर नहीं, बल्कि समतल जमीन पर स्थित है. सावन के महीने में बारिश के बाद यह जगह बेहद सुंदर नजर आती है. दादू पालका धाम संत दादूदयाल की आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा माना जाता है. इस धाम के सामने स्थित सरोवर और आसपास के गांव की प्राकृतिक सुंदरता इसकी खासियत है. दादूदयाल निर्गुण भक्ति परंपरा के प्रमुख संतों में गिने जाते हैं. यही वजह है कि यहां धार्मिक आस्था के साथ शांत और आध्यात्मिक वातावरण भी लोगों को आकर्षित करता है.

जोबनेर माता मंदिर: जयपुर जिले के जोबनेर में पहाड़ी पर स्थित जोबनेर माता मंदिर प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. यहां माता के दर्शन के लिए आसपास के क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं. सावन के महीने में बारिश के बाद यह पहाड़ी बेहद सुंदर नजर आती है. पहाड़ी पर स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर इसे अन्य सामान्य मंदिरों से अलग पहचान देता है. मानसून में पहाड़ी के आसपास उभरने वाली हरियाली और ठंडी हवाएं श्रद्धालुओं की यात्रा को और भी सुहावना बना देती हैं.

सांभर की शाकम्भरी माता: यह मंदिर सांभर क्षेत्र में स्थित है. एक तरफ पहाड़ियां और सामने फैला विशाल नमक का रेगिस्तान इस जगह को बेहद खास बनाता है. नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है. देवी शाकम्भरी को परंपरागत रूप से अन्न और प्रकृति की देवी माना जाता है. मान्यता है कि देवी ने धरती पर अकाल और संकट के समय अन्न और वनस्पति प्रदान कर जीवों का पालन किया था, इसी वजह से उन्हें शाकम्भरी नाम से पूजा जाता है. मानसून के दौरान यहां पहुंचने का रास्ता भी हरियाली से घिरा नजर आता है, जिससे धार्मिक यात्रा के साथ प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद भी लिया जा सकता है.

जगजीवन धाम, दादर: जयपुर के दादर क्षेत्र में स्थित जगजीवन धाम धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है. यहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ शांत वातावरण में समय बिताने के लिए पहुंचते हैं. मानसून के दौरान आसपास हरियाली बढ़ने से धाम और इसके आसपास का वातावरण और भी सुंदर हो जाता है. सावन के समय आयोजित होने वाले धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ जाती है. शहर के शोर-शराबे से कुछ दूरी पर प्रकृति के बीच स्थित होने के कारण यह जगह धार्मिक यात्रा के साथ सुकून और प्राकृतिक खूबसूरती पसंद करने वाले लोगों को भी आकर्षित कर सकती है.

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August 12, 2026, 07:48 IST

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