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रेप का आरोपी क्रिकेटर टीम कैंप में लौटा, यूपीसीए ने दी खेलने की मंजूरी

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रेप का आरोपी क्रिकेटर टीम कैंप में लौटा, यूपीसीए ने दी खेलने की मंजूरी

Last Updated:September 23, 2026, 09:00 IST

Yash Dayal back UP Ranji Trophy Camp: रेप और पॉक्सो एक्ट के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे तेज गेंदबाज यश दयाल की उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफी कैंप में वापसी हुई है. यूपीसीए ने पिछले साल इन मामलों के कारण उन्हें यूपी टी20 लीग से बाहर कर दिया था. दयाल पर गाजियाबाद और जयपुर में दो अलग-अलग आपराधिक केस दर्ज हैं. हालांकि, इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें एक मामले में आंशिक राहत मिली है, लेकिन वह अभी तक दोषमुक्त नहीं हुए हैं.रेप का आरोपी क्रिकेटर टीम कैंप में लौटा, यूपीसीए ने दी खेलने की मंजूरी Zoomयश दयाल के रणजी ट्रॉफी में खेलने की उम्मीद है.

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट जगत और उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन से एक बड़ी खबर सामने आई है. रेप और पॉक्सो अधिनियम जैसे बेहद गंभीर आरोपों का सामना कर रहे तेज गेंदबाज यश दयाल को उत्तर प्रदेश राज्य के रणजी ट्रॉफी कैंप में शामिल कर लिया गया है. इस फैसले ने खेल जगत में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है, क्योंकि दयाल पर एक नहीं, बल्कि दो अलग-अलग मामलों में आपराधिक केस दर्ज हैं.

यूपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित चटर्जी ने मंगलवार को टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि यश दयाल (Yash Dayal) इस साल राज्य की टीम में चयन के लिए पूरी तरह से उपलब्ध रहेंगे. यह घटनाक्रम इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि पिछले साल अगस्त 2025 में यूपीसीए ने ही यश दयाल को इन गंभीर आरोपों के चलते यूपी टी20 लीग से बाहर का रास्ता दिखा दिया था. उस समय गाजियाबाद और जयपुर में दयाल के खिलाफ दर्ज मामलों ने उनके क्रिकेट करियर पर ब्रेक लगा दिया था. राज्य टीम से बाहर किए जाने के बाद यश दयाल का करियर अधर में लटक गया था. निराश होकर उन्होंने यूपी क्रिकेट बोर्ड से एनओसी की मांग की थी, ताकि वह छत्तीसगढ़ की टीम से जुड़कर अपना घरेलू क्रिकेट जारी रख सकें. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद यूपीसीए के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और दयाल को यह आश्वासन दिया कि उन्हें भविष्य में राज्य के लिए दोबारा खेलने का मौका जरूर मिलेगा. इसी भरोसे के बाद उन्होंने अपनी टीम बदलने का फैसला टाल दिया.

गाजियाबाद में दर्ज हुई थी पहली एफआईआरयश दयाल की कानूनी परेशानियां जुलाई 2025 में तब शुरू हुईं, जब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में उनके खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की गई. एक महिला ने उन पर शादी का झूठा झांसा देकर यौन शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया था. महिला का दावा था कि वह दयाल के साथ पिछले पांच सालों से रिलेशनशिप में थी. हालांकि, तेज गेंदबाज ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उनका कहना था कि यह रिश्ता पूरी तरह से आपसी सहमति से बना था और आईपीएल में मिली शोहरत के बाद यह मामला केवल उनसे पैसे ऐंठने की एक सोची-समझी साजिश है.

जयपुर में पॉक्सो एक्ट के तहत दूसरा मामलाइस विवाद की आंच अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि इसके कुछ ही समय बाद राजस्थान के जयपुर में उनके खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज हो गई. यह मामला पहले वाले से भी ज्यादा गंभीर था क्योंकि इसे पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज किया गया था. इस केस में दयाल पर साल 2023 और फिर अप्रैल 2025 में एक नाबालिग के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अगस्त 2025 में राजस्थान उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया और उन्हें कोई भी अंतरिम राहत देने या उनकी संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया था.

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली आंशिक राहतहालांकि, इस साल जुलाई में यश दयाल को गाजियाबाद वाले पहले मामले में थोड़ी कानूनी राहत मिली. इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की अध्यक्षता वाली एकल पीठ ने क्रिकेटर के खिलाफ निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने का आदेश जारी किया. इस राहत के बावजूद, सच्चाई यह है कि यश दयाल को अभी तक किसी भी मामले में अदालत से क्लीन चिट या दोषमुक्ति नहीं मिली है और दोनों ही मामले फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन हैं.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

September 23, 2026, 09:00 IST

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