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Jaipur News: अब जयपुर की अवनी लेखरा डब्ल्यूएसपीएस वर्ल्ड चैंपियनशिप में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व

Last Updated:September 05, 2026, 13:42 IST

जयपुर की गोल्डन गर्ल और दो बार की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखरा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहराने को तैयार हैं. दक्षिण कोरिया के चांगवोन में 7 से 16 सितंबर तक होने वाली डब्ल्यूएसपीएस वर्ल्ड चैंपियनशिप में अवनी आर-2 10 मीटर एयर राइफल और आर-8 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. पदक जीतकर वह 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए अपनी दावेदारी और मजबूत करना चाहेंगी.

जयपुर के खिलाड़ी दुनियाभर में अपने खेल से भारत का नाम रौशन कर रहे हैं, ऐसे ही जयपुर की ‘गोल्डन गर्ल’ के नाम से मशहूर अवनी लेखरा 7 से 16 सितंबर तक दक्षिण कोरिया के चांगवोन में होने वाली डब्ल्यूएसपीएस वर्ल्ड चैंपियनशिप में पैरा निशानेबाज के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. दो बार की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखरा एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का तिरंगा लहराएगी. हालही में अवधी लेखराज को सदस्यीय भारतीय पैरा शूटिंग टीम में शामिल किया गया है.

चांगवोन में होने वाली इस प्रतियोगिता में अवनी लेखरा आर-2 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग और आर-8 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में अपनी चुनौती पेश करेंगी. पैरालंपिक में दो स्वर्ण जीतने वाली जयपुर की अवनी से एक बार फिर पदक जीतने की उम्मीदें रहेंगी. अगर अवनी लेखरा इस प्रतियोगिता में मेडल जीतती हैं तो 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की राह उनके लिए आसान होगी और उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक में एक बार फिर भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा, इसलिए डब्ल्यूएसपीएस वर्ल्ड चैंपियनशिप उनके लिए खास हैं.

आपको बता दें, जयपुर में जन्मी अवनी लेखर भारत की सबसे प्रेरणादायी महिला एथलीटों में से एक हैं जिन्होंने लगातार 3 पैरालंपिक ओलंपिक में पदक जीते है.पहली भारतीय महिला एथलीट हैं जिन्होंने लगातार ओलंपिक में 3 पदक जीते हैं. अवनी लेखरा ने अपने सटीकता, एकाग्रता और अनुशासन से निशानेबाजी में इतिहास रचकर जयपुर को हमेशा गौरवान्वित किया हैं. अवनी लेखरा ने 2015 में प्रसिद्ध भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और उनकी बायोग्राफी ‘अ शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर अपने निशानेबाजी खेल की शुरुआत की थी.

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अवनी लेखरा ने जीवन के की बड़े संघर्ष के साथ अपने आप को मजबूत किया हैं केवल 11 साल उम्र में एक कार दुर्घटना में उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई. रीढ़ की हड्डी टूटने के कारण उसे हमेशा से व्हीलचेयर पर बैठना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपनी इस कमजोरी को उन्होंने अपना हथियार बनाया और पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने निशानेबाजी की शुरुआत की. आज अपने जीवन की कहानी को दुनिया के सामने अडिग हौसले, दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता के साथ बुना, आज वह भारत की सर्वश्रेष्ठ पैरा निशानेबाज खिलाड़ी हैं.

अगर बात करें अवनी लेखर की निशानेबाज में उनकी खास उपलब्धियों की तो 2021 में टोक्यो पैरालिंपिक की एक ही स्पर्धा में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पैरालंपियन हैं. इसके अलावा अवनी पैरालंपिक 2024 में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं, ओलंपिक के अवनी लेखरा विश्व कप, एशियाई पैरा खेल, वर्ल्ड पैरा स्पोर्ट्स चैंपियनशिप सहित विभिन्न कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं मेडल जीत चुकी हैं. इसके अलावा कोरिया में आयोजित हुई प्रतियोगिता में उन्होंने 10 मीटर एयर राइफल में 631.7 स्कोर के वह वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी हैं.

अवनी लेखरा के सर्वश्रेष्ठ खेल और ओलंपिक में पदक विजेता के रूप में उन्हें भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा 2022 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका हैं. भारत सरकार के अलावा राजस्थान सरकार द्वारा भी उन्हें कई बार सम्मानित किया जा चुका हैं. देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री तक उन्हें व्यक्तिगत रूप से सम्मानित कर चुके हैं.

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September 05, 2026, 13:42 IST

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