सचिन तेंदुलकर के सिंहासन पर जो रूट का कब्जा, 68वीं फिफ्टी जड़कर की महारिकॉर्ड की बराबरी

Last Updated:August 20, 2026, 22:44 IST
Joe Root World Records: हेडिंग्ले टेस्ट में जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ 66 रनों की शानदार पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रच दिया. 35 वर्षीय रूट ने अपने करियर का 68वां अर्धशतक जड़ते हुए महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के सर्वाधिक टेस्ट फिफ्टी के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. इसके साथ ही वह विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में बतौर कप्तान 3,000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने.
लीड्स के हेडिंग्ले मैदान पर गुरुवार का दिन टेस्ट क्रिकेट के सुनहरे पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया. इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) ने पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 66 रनों की बेहद अनुशासित और सूझबूझ भरी पारी खेली. 112 गेंदों की इस पारी के साथ ही रूट ने क्रिकेट के ‘भगवान’ कहे जाने वाले भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 68 अर्धशतक लगाने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. घरेलू दर्शकों के शोर के बीच रूट का बल्ला एक बार फिर मॉडर्न क्रिकेट में उनकी श्रेष्ठता की गवाही दे रहा था.
मैच में पाकिस्तान की पहली पारी को 171 रनों पर समेटने के बाद इंग्लैंड की शुरुआत भी लड़खड़ा गई थी. जब इंग्लैंड का स्कोर महज़ 48 रनों पर दो विकेट था, तब रूट क्रीज पर उतरे. टीम को एक मजबूत साझेदारी और स्थिरता की सख्त दरकार थी. ऐसे नाजुक मोड़ पर अनुभवी रूट ने युवा साथी जॉर्डन कॉक्स के साथ मिलकर पारी को न केवल संभाला, बल्कि पाकिस्तानी गेंदबाजों पर मानसिक दबाव भी बनाया. दोनों के बीच 204 गेंदों पर 150 रनों की लाजवाब साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख पूरी तरह से इंग्लैंड के पक्ष में मोड़ दिया.
अपनी इस 66 रनों की पारी के दौरान 35 वर्षीय रूट ने पारंपरिक टेस्ट बल्लेबाजी का उत्कृष्ट नमूना पेश किया. उन्होंने अपनी पारी में 10 नफीस चौके जड़े. पाकिस्तानी तेज गेंदबाज मोहम्मद अली और खुर्रम शहजाद की ढीली गेंदों को उन्होंने बेहतरीन ड्राइव और लेट कट के जरिए सीमा रेखा के पार भेजा. जब सीम गेंदबाजों ने कसी हुई लाइन पकड़ी, तो रूट ने जोखिम लेने के बजाय अपने ट्रेडमार्क ‘ग्लाइड डाउन टू थर्ड मैन’ शॉट का सहारा लेकर स्ट्राइक रोटेट की और स्कोरबोर्ड को निरंतर गतिमान रखा.
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रूट की इस शानदार पारी का अंत बेहद नाटकीय अंदाज में हुआ. पाकिस्तानी पेसर खुर्रम शहजाद की एक अंदर आती तेज गेंद रूट के बल्ले का अंदरूनी किनारा छकाते हुए सीधे उनके पैड के नी-रोल पर जा लगी. रूट उस वक्त गेंद को मिडविकेट की दिशा में फ्लिक करना चाहते थे. मैदानी अंपायर के आउट दिए जाने के बाद रूट ने रिव्यू का विकल्प चुना, लेकिन बॉल-ट्रैकिंग तकनीक में तीनों ‘रेड्स’ नजर आए और रूट को पवेलियन लौटना पड़ा. हालांकि, तब तक वह इंग्लैंड को एक मजबूत बढ़त की स्थिति में पहुंचा चुके थे.
टेस्ट क्रिकेट में अर्धशतकों की बात करें तो सचिन तेंदुलकर ने अपने 200 टेस्ट मैचों की 329 पारियों में 68 अर्धशतक और 51 शतक जड़े थे. वहीं, जो रूट ने अपने 167वें टेस्ट की 305वीं पारी में ही सचिन के इस आंकड़े को छू लिया. यानी रूट ने सचिन की तुलना में 33 टेस्ट मैच पहले ही 68 अर्धशतकों का मील का पत्थर हासिल कर लिया. वर्तमान में 14,180 से अधिक टेस्ट रन बना चुके रूट के नाम अब 41 शतक और 68 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनके निरंतर प्रदर्शन का प्रमाण है.
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची अब क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े दिग्गजों का संगम नजर आती है. इस सूची में शीर्ष पर सचिन और रूट (68-68 अर्धशतक) संयुक्त रूप से काबिज हैं. उनके पीछे वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल (66), भारत के राहुल द्रविड़ (63), ऑस्ट्रेलिया के एलन बॉर्डर (63) और रिकी पोंटिंग (62) जैसे महान नाम मौजूद हैं. वहीं जैक्स कैलिस (58), एलेस्टेयर कुक (57), कुमार संगकारा (52) और महेला जयवर्धने (50) भी इस एलीट क्लब की शान बढ़ाते हैं.
रूट के इस रिकॉर्ड तक पहुंचने का सफर बेहद दिलचस्प रहा है. अपने टेस्ट करियर के शुरुआती और मध्य दौर में रूट अक्सर अर्धशतक को शतक में तब्दील करने में चूक जाते थे, जिसे लेकर उनकी काफी आलोचना होती थी. लेकिन बीते कुछ वर्षों में उन्होंने अपनी तकनीक में सूक्ष्म बदलाव किए और मानसिक एकाग्रता को नए स्तर पर पहुंचाया. इस तकनीकी अनुशासन का ही नतीजा है कि उन्होंने अपने ‘कन्वर्जन रेट’ को तेजी से सुधारा और अब उनके खाते में 41 टेस्ट शतक भी दर्ज हो चुके हैं.
जून 2026 में बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद जो रूट को एक बार फिर इंग्लैंड की टेस्ट कप्तानी सौंपी गई. इस जिम्मेदारी को उन्होंने नए कीर्तिमान के साथ शुरू किया. हेडिंग्ले टेस्ट के दूसरे दिन के दूसरे सत्र में रूट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के इतिहास में बतौर कप्तान 3,000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए. इस मैच से पूर्व उन्हें इस जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए 42 रनों की जरूरत थी, जिसे उन्होंने अपनी इस संयमित पारी के दौरान पूरा कर लिया.
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत कप्तानों के प्रदर्शन की बात करें तो रूट 34 मैचों की 63 पारियों में 50 से अधिक की औसत और 8 शतकों के साथ 3,000 रन बनाकर शीर्ष पर हैं. इस सूची में दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के ही पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स हैं, जिन्होंने 40 मैचों में 2,182 रन बनाए. वहीं श्रीलंका के पूर्व कप्तान दिमुथ करुणारत्ने 24 टेस्ट में 2,160 रनों के साथ तीसरे पायदान पर हैं. इसके बाद वेस्टइंडीज के क्रैग ब्रैथवेट (1,994 रन) और पाकिस्तान के बाबर आजम (1,918 रन) का नाम आता है.
एक के बाद एक कीर्तिमान अपने नाम करने के बाद जो रूट की निगाहें अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग के एक और बड़े रिकॉर्ड पर टिकी हैं. पोंटिंग ने अपनी घरेलू सरजमीं पर खेले 92 टेस्ट मैचों में कुल 7,578 रन बनाए थे. वहीं जो रूट अब तक घरेलू पिचों पर 7,542 से अधिक रन जुटा चुके हैं. पोंटिंग के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त करने के लिए रूट को अब केवल कुछ रनों की दरकार है, जिसे वह इसी सीरीज के दौरान पार कर एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने के बेहद करीब हैं.
First Published :
August 20, 2026, 22:44 IST



