Rajasthan

जयपुर का सबसे ऊंचा शिव मंदिर, 900 फीट की चढ़ाई के बाद होते हैं केदारनाथ के दर्शन

Last Updated:August 18, 2026, 11:36 IST

Kedarnath Temple In Jaipur: जयपुर के खो नागोरियान की अरावली पहाड़ियों पर 900 फीट की ऊंचाई पर स्थित करीब 1000 साल पुराना केदारनाथ शिव मंदिर अपनी प्राचीन मान्यताओं, रहस्यमयी इतिहास और कठिन चढ़ाई के लिए प्रसिद्ध है. सावन में यहां दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं.

सावन के महिने में जयपुर के प्राचीन शिव मंदिरों में भक्तों की जमकर भीड़ उमड़ रही हैं, लेकिन कुछ एक ऐसे शिव मंदिर हैं जो अपनी खास मान्यताओं और इतिहास की चलते यहां भक्तों की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती हैं. ऐसे ही जयपुर के खो नागोरियान इलाके में स्थित अरावली पर्वतमाला की लिन्री हिल की 900 फीट की ऊंचाई पर स्थित जयपुर का सबसे ऊंचा और रहस्यमय मंदिर हैं. 1 हजार वर्ष पुराना केदारनाथ मंदिर जो जयपुर का एकमात्र ऐसा अनोखा प्राचीन शिव मंदिर हैं, जो दुर्गम पत्थरों और झाड़ियों के बीच 900 फीट की ऊंचाई पर बना हैं.

जयपुर के खो नागोरियान की पहाड़ी पर स्थित यह केदारनाथ शिव मंदिर 1102 ईस्वी में चांदा मीना नाम के शासक ने इस मंदिर की स्थापना करवाई थी, इस मंदिर का प्राचीन शिव लिंग, माता पार्वती और नंदी की प्रतिमा के साथ केदारनाथ धाम (उत्तराखंड) से लेकर आए थे और इस पहाड़ी पर मंदिर बनवाकर स्थापित करवाया था और इसके बाद दूसरे शिवलिंग की प्रतिष्ठा आनंशी महाराज ने करवाई थी, जिसमें शिव पंचायत विराजमान है, इसलिए यह मंदिर जयपुर का सबसे प्राचीन शिव मंदिर माना जाता हैं.

मंदिर के पुजारियों के अनुसार, इस मंदिर के बारे में कहा जाता हैं कि तीन किलोमीटर के कठिन रास्ते को चढ़कर जो भक्त यहां तक पहुचता हैं, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इसी कारण से सावन के महिने में दर्शनों के लिए श्रद्धालु यहां दूर-दूर से आते हैं. अरावली पर्वत माला पर यह मंदिर खड़ी पहाड़ी पर बना हुआ हैं, जहां तक पहुंचने के लिए भक्तों को काफी परेशानी होती हैं. फिर भी भक्त कठिन रास्ता तय कर दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन इस मंदिर में वृद्धजन और बच्चों को पहुंचने में सबसे ज्यादा परेशानी होती हैं.

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केदारनाथ शिव मंदिर में विशेष रूप से हर पूजा केदारनाथ धाम के अनुसार ही की जाती हैं, यह मंदिर जयपुर का पहला शिवालय है इसलिए यहां विशेष रूप से नियमित पूजा होती हैं. सामान्य दिनों में यहां भक्तों की संख्या बिल्कुल नहीं रहती, यहां सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में भक्त आते हैं क्योंकि मंदिर के आसपास का प्राकृतिक सौंदर्य का मनमोहक दृश्य लोगों को सबसे ज्यादा पंसद आता हैं. साथ ही पहाड़ी से दूर-दूर तक सुंदर हरियाली का दृश्य देखने लायक होता हैं.

अगर आप भी सावन के महिने में केदारनाथ शिव मंदिर के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो सबसे खास बात यह हैं की मंदिर में अकेले नहीं जाए बल्कि ग्रुप में जाए, क्योंकि पहाड़ी पर चढ़ते समय कोई समस्या हो तो एक दूसरे का साथ दे सकते हैं. साथ ही मंदिर जाते समय आपके पास पानी की बोतल जरूर रखनी है क्योंकि इतनी उंचाई तक जाते-जाते पास को पानी की जरूरत पड़ सकती है. पहाड़ी पर चढ़ने के लिए आपके पास अच्छे जूते होने चाहिए क्योंकि पहाड़ी ढ़लान होने से फिसलने का डर रहता हैं.

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August 18, 2026, 11:33 IST

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