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Kishangarh Marble Handicrafts Global Demand

Last Updated:May 07, 2026, 15:40 IST

Kishangarh Marble Handicrafts Global Demand: राजस्थान के किशनगढ़ की मार्बल हैंडीक्राफ्ट कला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा रही है. यहाँ के सफेद संगमरमर से बनी मूर्तियां, फाउंटेन और सजावटी सामान अपने बारीक काम और मजबूती के लिए दुनिया भर में पसंद किए जा रहे हैं. करीब 300 प्रकार की हैंडमेड डिजाइनों के साथ किशनगढ़ के कारीगरों की कला अब विदेशों तक एक्सपोर्ट हो रही है. लग्जरी घरों और होटलों के इंटीरियर के लिए यह कला पहली पसंद बन गई है, जिससे स्थानीय हुनर को ग्लोबल पहचान मिल रही है.

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अजमेर. राजस्थान का अजमेर जिला अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, लेकिन यहाँ का किशनगढ़ कस्बा आज एक नई वैश्विक पहचान बना चुका है. किशनगढ़ का नाम सुनते ही सबसे पहले जेहन में दूध जैसे सफेद और चमकदार संगमरमर (Marble) की छवि उभरती है. लेकिन अब यह केवल एक मार्बल मंडी तक सीमित नहीं रह गया है. यहाँ के कुशल कारीगरों ने इस कठोर पत्थर को अपनी छेनी और हथौड़े से जीवंत कलाकृतियों में बदल दिया है. किशनगढ़ की मार्बल हैंडीक्राफ्ट कला आज देश की सीमाओं को लांघकर विदेशों में भी अपनी चमक बिखेर रही है.

किशनगढ़ की कलात्मकता का अंदाज़ा यहाँ की दुकानों पर सजे उत्पादों को देखकर लगाया जा सकता है. किशनगढ़ स्थित ‘अनमोल हैंडीक्राफ्ट’ के संचालक ने बताया कि उनके पास करीब 200 से 300 प्रकार की अलग-अलग वैरायटी उपलब्ध है. इन उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये पूरी तरह से हैंडमेड (हस्तनिर्मित) होते हैं. कारीगर मार्बल के टुकड़ों पर इतनी बारीक नक्काशी और आकर्षक डिजाइन उकेरते हैं कि देखने वाले मंत्रमुग्ध हो जाते हैं. यहाँ छोटे से लेकर विशाल आकार तक की देवी-देवताओं की मूर्तियां, राजसी एलीफैंट डिजाइन, फाउंटेन (फव्वारे), और घरों की शोभा बढ़ाने वाले कई सजावटी आइटम्स तैयार किए जाते हैं.

घरों और लग्जरी रिसॉर्ट्स की पहली पसंदकिशनगढ़ के मार्बल हैंडीक्राफ्ट की बढ़ती मांग का एक प्रमुख कारण इनकी शुद्धता और मजबूती है. दुकानदार बताते हैं कि ये उत्पाद घर के इंटीरियर को एक खास और शाही लुक देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. संगमरमर की उच्च गुणवत्ता और बेहतरीन फिनिशिंग के कारण इन उत्पादों की आयु बहुत लंबी होती है, जिससे समय के साथ इनकी चमक कम नहीं होती. यही कारण है कि आज लग्जरी घरों, बड़े रिसॉर्ट्स और होटलों में किशनगढ़ के हैंडीक्राफ्ट की मांग सबसे अधिक रहती है.

वैश्विक बाजार और स्थानीय रोजगारकिशनगढ़ का मार्बल उद्योग अब स्थानीय बाजार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहुंच बना चुका है. यहाँ तैयार किए गए मंदिर, मूर्तियां और सजावटी फाउंटेन अब विदेशों तक एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं. स्थानीय कारीगर अपनी पारंपरिक कला को आधुनिक डिजाइनों के साथ जोड़कर लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादों की लोकप्रियता दिन-दूनी रात-चौगुनी बढ़ रही है. यह केवल व्यापार नहीं बल्कि कला, गुणवत्ता और परंपरा का एक अनोखा संगम है, जिसने स्थानीय कारीगरों को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी प्रदान किए हैं. किशनगढ़ आज विश्व पटल पर मार्बल हैंडीक्राफ्ट की एक बड़ी और विश्वसनीय पहचान बन गया है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें

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Kishangarh,Ajmer,Rajasthan

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