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BHU Admissions: बीएचयू ने बदल दी एडमिशन पॉलिसी, मेडिकल और एआई के नए पीजी कोर्स की मिलेगी डिग्री – Uttar Pradesh News

Last Updated:January 04, 2026, 12:07 IST

BHU Admissions 2026-27: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बड़े बदलावों की तैयारी कर रहा है. विश्वविद्यालय ने न केवल नए कोर्सेस की घोषणा की है, बल्कि प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सीयूईटी और नीट पीजी के जरिए एडमिशन देने का नोटिस भी जारी किया है.BHU ने बदल दी एडमिशन पॉलिसी, मेडिकल और एआई के नए पीजी कोर्स की मिलेगी डिग्रीBHU Admissions: बीएचयू में नए कोर्सेस लॉन्च किए जा रहे हैं

नई दिल्ली (BHU Admissions 2026). बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एडमिशन के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है. बीएचयू ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एडमिशन पॉलिसी और कोर्सेस में विस्तार की घोषणा की है. बीएचयू में नए विषयों में विशेषज्ञता हासिल करने का मौका मिलेगा. बीएचयू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पीजी स्तर के ज्यादातर कोर्सेस में एडमिशन सीयूईटी पीजी के जरिए होंगे, जबकि चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) के स्पेशलाइज्ड कोर्सेस के लिए नीट पीजी स्कोर को आधार बनाया जाएगा.

बीएचयू के नए पीजी कोर्सेस में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाइब्रिड कृषि तकनीकों जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है. प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए बीएचयू ने अपना नया एडमिशन पोर्टल भी अपडेट किया है. स्टूडेंट्स इस पर पात्रता मानदंड और सीट मैट्रिक्स चेक कर सकते हैं. इस बार बीएचयू ने न केवल एकेडमिक एक्सीलेंस पर फोकस किया है, बल्कि प्रोफेशनल स्किल डेवलपमेंट को भी सिलेबस का हिस्सा बनाया है. इस साल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कई बदलाव देखने को मिलेंगे.

BHU एडमिशन 2026: नए कोर्स और चयन प्रक्रिया में बदलाव

बीएचयू ने इस साल से अपने कई पारंपरिक पीजी डिप्लोमा और वोकेशनल कोर्सेस को भी सीयूईटी पीजी के दायरे में ला दिया है. अब स्टूडेंट्स को अलग-अलग प्रवेश परीक्षाएं देने की जरूरत नहीं होगी. एक इंटीग्रेटेड परीक्षा के जरिए स्टूडेंट्स बीएचयू के मुख्य कैंपस के साथ-साथ उससे संबद्ध कॉलेजों (Affiliated Colleges) में भी आवेदन कर सकेंगे.

मेडिकल कोर्स के लिए जरूरी है नीट पीजी

चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाने वाले स्टूडेंट्स के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) ने एमडी और एमएस के अलावा कुछ नए सुपर-स्पेशलिटी सर्टिफिकेट कोर्सेज की शुरुआत की है. इन कोर्सेज में दाखिला पूरी तरह से नीट पीजी की मेरिट और काउंसलिंग के आधार पर होगा. विश्वविद्यालय ने इस बार रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सुविधाओं में विस्तार की भी योजना बनाई है.

नए जमाने के नए पाठ्यक्रम

सत्र 2026-27 के मुख्य आकर्षणों में ‘एमएससी इन एनवायर्मेंटल सस्टेनेबिलिटी’ और ‘एमए इन डिजिटल ह्यूमैनिटीज’ जैसे विषय शामिल हैं. बीएचयू प्रशासन का मानना है कि इन कोर्सेज से स्टूडेंट्स को न केवल ज्ञान मिलेगा, बल्कि ग्लोबल जॉब मार्केट में उनकी मांग भी बढ़ेगी. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय नए जमाने की जरूरतों के हिसाब से खुद को अपग्रेड कर रहा है.

क्या बीएचयू में रिजर्वेशन मिलता है?

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने ‘पेड सीट’ (Paid Seats) और ‘एंप्लॉई वॉर्ड’ (Employee Ward) कोटे के नियमों में भी कुछ बदलाव किए हैं. अब सभी वर्गों के लिए रिजर्वेशन भारत सरकार के नियमों के अनुसार लागू रहेगा. काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी और उम्मीदवारों को अपने डॉक्यूमेंट्स के डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है.

स्टूडेंट्स NTA की ऑफिशियल वेबसाइट पर सीयूईटी पीजी डिटेल्स चेक कर सकते हैं. बीएचयू का अपना काउंसलिंग पोर्टल रजिस्ट्रेशन के बाद खुलेगा.

About the AuthorDeepali Porwal

With more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academic sys…और पढ़ें

First Published :

January 04, 2026, 12:07 IST

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