Rajasthan

Kota Mallakhamb Players India Got Talent

Last Updated:September 12, 2026, 08:11 IST

Kota Mallakhamb Players India Got Talent: कोटा की हरदोल व्यायामशाला के युवा मलखंभ खिलाड़ियों ने ‘इंडिया गॉट टैलेंट’ के सेमीफाइनल में पहुंचकर राजस्थान और पूरे देश में अपने शहर का नाम रोशन किया है. बिना किसी सरकारी सहायता और सीमित संसाधनों के बावजूद इन बच्चों ने अपनी कड़ी मेहनत से टीवी स्क्रीन पर शानदार प्रदर्शन किया. नेशनल मेडलिस्ट प्रणाली और कोच गोपाल सिसोदिया ने बताया कि अगर सरकार से सही फंडिंग और स्कॉलरशिप मिले, तो ये बच्चे ओलंपिक तक में देश का मान बढ़ा सकते हैं. रोटरी क्लब ने लोगों से आर्थिक मदद की मार्मिक अपील की है.

ख़बरें फटाफट

Kota: राजस्थान के कोटा शहर के युवा और प्रतिभावान मलखंभ खिलाड़ियों ने देश के सबसे बड़े और लोकप्रिय टीवी रियलिटी शो ‘इंडिया गॉट टैलेंट’ के मंच पर अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे देश में कोटा का नाम रोशन कर दिया है. हरदोल व्यायामशाला के इन बच्चों ने अपनी अद्भुत कला और कठिन करतबों के दम पर शो के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया है. इस बड़ी कामयाबी से पूरे अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है. सीमित संसाधनों के बावजूद इन खिलाड़ियों ने जो मुकाम हासिल किया है, वह हर किसी के लिए प्रेरणादायक है.

मलखंभ की नेशनल ब्रॉन्ज मेडलिस्ट खिलाड़ी प्रणाली प्रजापत ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि वह पिछले सात वर्षों से इस पारंपरिक खेल से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने बिहार खेलो इंडिया और 36वें नेशनल गेम्स सहित कई बड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. प्रणाली ने अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकारों द्वारा अन्य खेलों के खिलाड़ियों को कई तरह की स्कॉलरशिप दी जाती है, लेकिन मलखंभ को अभी तक उस स्तर का सरकारी समर्थन नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई है कि यदि सरकार और प्रशासन का सही साथ मिले, तो वे मलखंभ को ओलंपिक तक लेकर जा सकती हैं और देश के लिए मेडल जीत सकती हैं. एक अन्य प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुनीता ने ‘इंडिया गॉट टैलेंट’ के अपने रोमांचक अनुभव को साझा किया. उन्होंने बताया कि स्टूडियो में करीब 15 दिनों तक लगातार कड़ी ट्रेनिंग और अभ्यास किया गया. लेट नाइट तक प्रैक्टिस जारी रखकर उन्होंने शो में ‘अवतार’ मूवी की थीम पर बेहतरीन एक्ट और रोल प्ले किया था. वहां जज के रूप में मौजूद मलाइका अरोड़ा, सांसद और सिद्धू सर ने उनके प्रदर्शन की जमकर सराहना की और उन्हें भरपूर मोटिवेशन व सपोर्ट दिया.

कोच गोपाल सिसोदिया का संघर्ष और सफलता का सफरमलखंभ के राष्ट्रीय रेफरी और कोच गोपाल सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी व्यायामशाला में लगभग 500 से अधिक खिलाड़ी नियमित रूप से मलखंभ का कड़ा अभ्यास करते हैं. इनमें से 50 से अधिक बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता रह चुके हैं. हाल ही में उत्तराखंड में हुए नेशनल ओलंपिक एसोसिएशन के टूर्नामेंट में राजस्थान की रोनक राठौड़ ने इतिहास रचते हुए दो व्यक्तिगत कांस्य पदक अपने नाम किए. इसके अलावा, 17 और 19 वर्ष की आयु वर्ग में राजस्थान की टीम ने पहली बार इतिहास में टीम चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, जिसमें कोटा के 7 बच्चे शामिल थे. कोच सिसोदिया ने गर्व के साथ बताया कि इंडिया गॉट टैलेंट के मंच पर कोटा की व्यायामशाला की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची. हालांकि, उन्होंने यह भी दर्द बयां किया कि इस प्राचीन और भारतीय संस्कृति से जुड़े खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से फिलहाल कोई विशेष फंडिंग या अनुदान नहीं मिलता है. स्थानीय समाजसेवियों, रोटरी क्लब और कुछ चुनिंदा लोगों के आर्थिक सहयोग से ही यह सारा सफर तय हो पा रहा है.

रोटरी क्लब और समाजसेवियों की अपीलरोटरी क्लब की सदस्य श्रद्धा ठाकुर ने बच्चों की इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके क्लब से जुड़ी सभी मलखंभ की प्रतिभाएं बहुत ही निम्न वर्ग के परिवारों से ताल्लुक रखती हैं. इन बच्चों के पास आगे बढ़ने के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं है. इसके बावजूद इन्होंने टीवी के सबसे बड़े मंच के सेमीफाइनल तक का सफर तय करके कोटा का गौरव बढ़ाया है. उन्होंने कोटा वासियों से अपील की है कि वे इन प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव मदद और प्रोत्साहन दें. रोटरी क्लब के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खींची ने भी कहा कि कोटा के इन बच्चों के करतबों को लगातार दो महीनों तक देश-दुनिया ने टीवी के कई एपिसोड्स में देखा है. इसे देखकर हर कोटावासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. अन्य राज्यों में इस प्रकार की कला और प्रतिभाओं को बड़े पैमाने पर फंडिंग मिलती है, लेकिन राजस्थान में फिलहाल वित्तीय सहयोग का भारी अभाव है.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

और पढ़ेंLocation :

Kota,Kota,Rajasthan

First Published :

September 12, 2026, 08:11 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj