Entertainment

लता मंगेशकर-उदित नारायण का वो कालजयी नगमा, जिसे यश चोपड़ा को ‘वीर-जारा’ से करना पड़ा था डिलीट, बेटे आदित्य थे वजह

Last Updated:April 26, 2026, 13:00 IST

हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लोगों की भावनाओं का हिस्सा बन जाती हैं. ऐसी ही फिल्मों में शामिल है ‘वीर-जारा’, जिसे आज भी बॉलीवुड की सबसे यादगार प्रेम कहानियों में गिना जाता है. शाहरुख खान, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा स्टारर ‘वीर जारा’ बॉलीवुड की सबसे क्लासिक रोमांटिक फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल है.

नई दिल्ली. शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की फिल्म सबसे खूबसूरत प्रेम कहानियों में से एक है. इस फिल्म में प्रेम, दर्द, बिछड़न और सरहदों से परे इंसानी रिश्तों को बेहद खूबसूरती से पर्दे पर उतारा गया है. इस फिल्म के गानों ने इसे भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार प्रेम कहानियों में शामिल कर दिया. यश चोपड़ा के निर्देशन में बनी यह फिल्म आज भी दर्शकों के दिलों में उसी गर्माहट के साथ मौजूद है.

यश चोपड़ा की इस टाइमलेस क्लासिक फिल्म से जुड़ा एक ऐसा किस्सा है जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे. फिल्म का एक बेहद खूबसूरत और पॉपुलर गाना थिएटर रिलीज से हटा दिया गया था. फिल्म के बनने के बाद यश चोपड़ा ने इस गाने को डिलीट करने का फैसला किया था.

यह गीत ‘ये हम आ गए हैं कहां’ था जिसे लता मंगेशकर और उदित नारायण ने गाया था. इन दिनों यश चोपड़ा का एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें दिवंगत डायरेक्टर ने फिल्म से गाने को डिलीट करने के बारे में बात की थी.

Add as Preferred Source on Google

इस बातचीत में करण जौहर ने वही सवाल पूछा, जो लंबे समय से कई फिल्म प्रेमियों के मन में था. करण जौहर ने यश चोपड़ा से पूछा था कि आखिर लता मंगेशकर और उदित नारायण का ये सुंदर गाना क्यों हटाया गया था. यश चोपड़ा का जवाब एक निर्देशक की संवेदनशीलता और एक निर्माता की व्यावहारिकता, दोनों को सामने लाता है.

उन्होंने बताया कि इस गाने की शूटिंग पूरी हो चुकी थी और शुरुआत में इसे फिल्म में उसी स्थान पर रखा गया था, जहां कहानी के अनुसार इसकी जरूरत थी. लेकिन जब पूरी फिल्म को एक साथ सिनेमा के रूप में देखा गया, तो उन्हें लगा कि यह गीत कहानी की गति को धीमा कर रहा है.

यश चोपड़ा के लिए यह फैसला आसान नहीं था. उन्होंने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत तौर पर वह इस गाने से बेहद जुड़े हुए थे. एक निर्देशक के रूप में वह इसकी खूबसूरती और भावनात्मक असर को समझते थे, लेकिन एक निर्माता के रूप में उन्हें फिल्म की कहानी को प्राथमिकता देनी थी. यही वो पल था, जहां सिनेमा सिर्फ रचनात्मकता नहीं, बल्कि कठिन निर्णय लेने की कला भी बन जाता है.

इस फैसले में आदित्य चोपड़ा की सलाह भी अहम रही. यश चोपड़ा ने बताया कि आदित्य ने उन्हें समझाया कि अगर यह गाना फिल्म में रहने दिया गया, तो दर्शकों का ध्यान फिल्म की कहानी से भटक सकता है. आखिरकार भारी मन से यश चोपड़ा ने इसे थिएटर रिलीज से हटाने का निर्णय लिया.

हालांकि, उन्होंने दर्शकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए बाद में इसे डीवीडी वर्जन में शामिल किया, ताकि प्रशंसक इस खूबसूरत गीत का आनंद ले सकें. डीवीडी वर्जन में इस गाने को काफी पसंद किया गया और आज भी ये मोस्ट रोमांटिक गानों में शामिल है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।First Published :

April 26, 2026, 13:00 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj