राजस्थान वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 69 IFS के तबादले; 14 को अतिरिक्त पदभार

जयपुर. राजस्थान सरकार ने वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के 69 अधिकारियों के तबादले और पदस्थापन किए हैं. इनमें 14 अधिकारियों को अतिरिक्त पदभार भी सौंपा गया है. यह बदलाव कई अधिकारियों के प्रमोशन के बाद किए गए हैं. कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर उप वन संरक्षक स्तर तक के अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं. कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण वन्यजीव, टैरिटोरियल, प्रोजेक्ट, प्रोटेक्शन, अनुसंधान, इको-टूरिज्म और प्रशासनिक पदों पर नई जिम्मेदारी दी गई है.
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सभी तबादले और पदस्थापन राज्यहित में तत्काल प्रभाव से लागू होंगे. प्रमोशन के बाद अधिकारियों को नई पोस्टिंग देने के साथ कई पदों पर अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है. इससे वन विभाग के मुख्यालय के साथ-साथ अलग-अलग जिलों और वन्यजीव क्षेत्रों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है.
वरिष्ठ अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी
तबादला सूची में वरिष्ठ स्तर पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. डॉ. वेंकटेश शर्मा को राजस्थान राज्य वन विकास निगम लिमिटेड, जयपुर के प्रबंध निदेशक के पद से हटाकर अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, कार्य आयोजना एवं वन बंदोबस्त, जयपुर की जिम्मेदारी दी गई है. उदय शंकर को अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, संरक्षण एवं प्रबोधन के पद पर लगाया गया है. वहीं राजेश कुमार गुप्ता को अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक, एनटीएफपी एवं उत्पादन, जयपुर की जिम्मेदारी मिली है. वहीं विजय एन. को शासन सचिव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पदेन सदस्य सचिव, एसईआईएए राजस्थान के पद से हटाकर मुख्य वन संरक्षक, संस्थापन, जयपुर लगाया गया है. वहीं शैलजा देवल को शासन सचिव, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा पदेन सदस्य सचिव, एसईआईएए राजस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वन्यजीव और इको-टूरिज्म पर भी फोकस
वन्यजीव और इको-टूरिज्म से जुड़े पदों पर भी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. अनूप के.आर. को मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव एवं इको-टूरिज्म, जयपुर लगाया गया है. वहीं सुगना राम जाट को मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, कोटा एवं क्षेत्र निदेशक, मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व, कोटा की जिम्मेदारी दी गई है. सुधीराम यादव को मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव, उदयपुर से मुख्य वन संरक्षक, बीकानेर लगाया गया है. महेश चंद गुप्ता को मुख्य वन संरक्षक, अजमेर की जिम्मेदारी मिली है. इसके अलावा वन्यजीव, टैरिटोरियल और प्रोटेक्शन से जुड़े कई पदों पर भी अधिकारियों को बदला गया है.
जिलों में भी बदले कई अफसर
तबादला सूची में उप वन संरक्षक स्तर के अधिकारियों की पोस्टिंग भी बदली गई है. अजय चित्तौड़ को उप वन संरक्षक, उदयपुर उत्तर से वन संरक्षक, जोधपुर लगाया गया है. हरि किशन सारस्वत को टैरिटोरियल दौसा से वन संरक्षक, प्रोटेक्शन, जयपुर की जिम्मेदारी दी गई है. देवेंद्र प्रताप जागावत को जयपुर-उत्तर से वन संरक्षक, कार्य आयोजना एवं वन बंदोबस्त, जयपुर लगाया गया है. राजेंद्र कुमार हुड्डा को उप वन संरक्षक, अलवर से वन संरक्षक, जयपुर की जिम्मेदारी मिली है. इसी तरह मुकेश सैनी को उप वन संरक्षक, उदयपुर से वन संरक्षक, वन्यजीव, उदयपुर और विजय शंकर पांडे को उप वन संरक्षक, नागौर से उप वन संरक्षक, टैरिटोरियल, उदयपुर लगाया गया है. कई अन्य अधिकारियों को पाली, अजमेर, भरतपुर, श्रीगंगानगर, चित्तौड़गढ़, ब्यावर और अन्य स्थानों पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं.
प्रमोशन के बाद मिली नई पोस्टिंग
इस फेरबदल में भारतीय वन सेवा के कई ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें प्रमोशन के बाद नई पोस्टिंग दी गई है. इसके साथ ही 14 अधिकारियों को अतिरिक्त पदभार सौंपा गया है. यानी इन अधिकारियों को अपने मूल पद के साथ विभाग के दूसरे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी. सरकार के इस फैसले से राजस्थान के वन प्रशासन में बड़े स्तर पर जिम्मेदारियां बदली है. वन्यजीव संरक्षण, टाइगर रिजर्व, वन प्रबंधन, परियोजना क्रियान्वयन और विभागीय प्रशासन से जुड़े कामों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा. आदेश में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से संभालने के निर्देश दिए गए हैं.



