मोबाइल बनी आफत, आगरा में बढ़े सर्वाइकल और गर्दन दर्द के मरीज, डॉक्टर ने कहा- 20 से 30 मिनट बाद लें ब्रेक

Last Updated:August 04, 2026, 14:33 IST
Agra News: घंटों तक गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे दर्द, अकड़न, सिरदर्द और हाथों में झनझनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसे लेकर डॉक्टर ने अनोखी सलाह दी है, जिसका पालन करना बेहद जरूरी है.
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में सर्वाइकल और गर्दन दर्द के मरीजों की संख्या में अचानक से वृद्धि हुई है. दरअसल अधिक मोबाइल इस्तेमाल करना इस बीमारी की मुख्य वजह बन रहा है. दरअसल आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि घंटों तक गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे दर्द, अकड़न, सिरदर्द और हाथों में झनझनाहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
चिकित्सक ने सलाह दी कि मोबाइल का उपयोग करते समय स्क्रीन को आंखों की सीध में रखें और लगातार 20-30 मिनट से अधिक एक ही स्थिति में न रहें. उन्होंने कहा कि बीच-बीच में गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें और नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं. पर्याप्त नींद लें और लंबे समय तक मोबाइल पर गेम या सोशल मीडिया का उपयोग करने से बचें.
सर्वाइकल दर्द से ऐसे करें बचावउन्होंने कहा कि यदि गर्दन का दर्द लगातार बना रहे या हाथों में कमजोरी महसूस हो, तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लें. उन्होंने कहा कि समय रहते सावधानी बरतकर सर्वाइकल की समस्या से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि कई बार लोग लापरवाही करते हैं और धीरे-धीरे वह सर्वाइकल का शिकार हो जाते हैं और यही कारण है कि सर्वाइकल जैसी बीमारी अब तेजी से लोगो में होने लगी है, इससे बचाव बेहद जरूरी है.
कम उम्र के बच्चे हो रहे हैं सर्वाइकल का शिकारआगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमृत गोयल ने बताया कि अत्यधिक मोबाइल फोन के इस्तेमाल के कारण अब केवल बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि छोटे बच्चे और युवा भी सर्वाइकल की समस्या का तेजी से शिकार हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक गर्दन झुकाकर मोबाइल देखने से रीढ़ की हड्डी और गर्दन की मांसपेशियों पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे गर्दन दर्द, कंधों में जकड़न, सिरदर्द और हाथों में झनझनाहट जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं.
डॉ. गोयल ने सलाह दी कि मोबाइल का उपयोग सीमित समय तक करें और करीब 20-25 मिनट बाद गर्दन व कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें. मोबाइल को हमेशा आंखों की सीध में रखकर देखें और लेटकर या गर्दन झुकाकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने से बचें. बच्चों की स्क्रीन टाइम पर विशेष निगरानी रखें और नियमित व्यायाम और सही बैठने की मुद्रा अपनाएं. यदि गर्दन का दर्द लगातार बना रहे या हाथों में कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत नजदीकी अस्थि रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए.
बड़ी स्क्रीन का करें उपयोगआगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अमृत गोयल ने सलाह दी है कि यदि लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करना जरूरी हो, तो मोबाइल फोन की बजाय कंप्यूटर या लैपटॉप जैसी बड़ी स्क्रीन का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि बड़ी स्क्रीन पर काम करने से गर्दन को बार-बार नीचे झुकाने की आवश्यकता कम पड़ती है, जिससे सर्वाइकल, गर्दन दर्द, कंधों में जकड़न और रीढ़ से जुड़ी अन्य समस्याओं का खतरा घटता है.
20 से 30 मिनट बाद जरूर लें ब्रेकडॉ. अमृत गोयल ने कहा कि लगातार कई घंटों तक स्क्रीन देखने से आंखों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए हर 20 से 30 मिनट बाद कुछ मिनट का ब्रेक लें, गर्दन और कंधों की हल्की स्ट्रेचिंग करें और आंखों को आराम दें. स्क्रीन हमेशा आंखों की सीध में रखें और सही मुद्रा में बैठकर कार्य करें. उन्होंने कहा कि इन छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर सर्वाइकल सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है.
About the Authorआर्यन सेठ
आर्यन सेठ, Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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Location :
Agra,Uttar Pradesh
First Published :
August 04, 2026, 14:20 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



