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राजस्थान में आखिरकार हो गई मानसून की एंट्री, अब होगी धमाकेदार बारिश, जानें IMD का अलर्ट

जयपुर. राजस्थान में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है. सामान्य तिथि से करीब 7 दिन की देरी के बाद बुधवार, 2 जुलाई 2026 को मानसून ने राज्य के पूर्वी हिस्सों में प्रवेश कर लिया. जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है. इसके साथ ही प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने लगा है. पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और आगामी दिनों में व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है. मानसून की एंट्री किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अच्छी बारिश का इंतजार किया जा रहा था.

जयपुर मौसम केन्द्र के मुताबिक मानसून के सक्रिय होने के साथ ही पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर तेज होने वाला है. उदयपुर, कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई जिलों में मेघगर्जन के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं कोटा संभाग के कुछ इलाकों में अतिभारी बारिश होने का भी अलर्ट जारी किया गया है. आईएमडी के अनुसार, भीषण गर्मी और उमस से परेशान आम लोगों को भी अब राहत मिलने की उम्मीद है. जयपुर मौसम केन्द्र के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों के दौरान अनुकूल परिस्थितियों के चलते मानसून राजस्थान के और अधिक हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ेगा. इसके साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी और कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है.

राजस्थान में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 7 दिन की देरी के बाद दस्तक दे दी है

एक सप्ताह तक सक्रिय रहेगा मानसून

जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, आगामी एक सप्ताह तक मानसून पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में सक्रिय रहेगा. इस दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कई स्थानों पर भारी और कहीं-कहीं अतिभारी बारिश होने की संभावना है. लगातार बारिश से बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने के साथ किसानों को भी खरीफ फसलों की बुवाई में राहत मिलने की उम्मीद है.

पश्चिमी राजस्थान में भी बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान के लिए भी राहत भरी खबर दी है. जोधपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है. हालांकि यहां बारिश का असर पूर्वी राजस्थान की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहेगा, लेकिन तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.

मानसून ने राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में प्रवेश कर उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है

मेघगर्जन और वज्रपात का अलर्ट

मानसून के आगे बढ़ने के साथ जयपुर मौसम विज्ञान केन्द्र ने लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है. आगामी दिनों में कई जिलों में मेघगर्जन, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की संभावना है. ऐसे में खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.

किसानों और आमजन को राहत

मानसून की एंट्री से प्रदेश में लंबे समय से पड़ रही गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर हुई बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी. वहीं जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के राजस्थान के और अधिक हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं. ऐसे में प्रदेश के अधिकांश इलाकों में जल्द ही मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है.

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