‘जाको राखे साइयां…’, वेनेजुएला में 6 दिन तक मलबे में जिंदा रहा मासूम, वहीं पाकिस्तान में एक झटके में 14 जिंदगी खत्म

Last Updated:July 01, 2026, 20:13 IST
वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद जहां हजारों इमारतें एक साथ मलबे के ढेर में तबदील हो गई थीं, वहीं एक बच्चा इस मलबे में 6 दिन तक जिंदा रहा. लेकिन दूसरी तरफ पाकिस्तान में एक छत गिरने से 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. वेनेजुएला भूकंप (रॉयटर्स)
आपने ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोय,’ की कहावत तो सुनी होगी. वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के छह दिन बाद एक ऐसा ही चमत्कार देखने को मिला. मलबे में दबा तीन साल का मासूम बच्चा जिंदा मिला. इसे बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया. पिछले सप्ताह वेनेजुएला में लगातार 2 झटके महसूस किये गए थे, कुछ ही मिनटों में पूरे देश में तबाही देखने को मिली.
बच्चे का चल रहा है इलाज
जॉर्डन की रेस्क्यू टीम ने बताया कि कलीबर मोरन नाम के इस बच्चे को ला गुआरा राज्य में ढही हुई इमारत के मलबे से निकाला गया. उसे तुरंत शुरूआती इलाज दिया गया और फिर अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने बताया है कि उसकी हालत फिलहाल स्थिर है.
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस बचाव अभियान को पूरे देश के लिए उम्मीद की किरण बताया. वहीं, संसद अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि बच्चे का इलाज राजधानी काराकास के अस्पताल में चल रहा है.
6 दिन बाद मौत पर जीत
एक तरफ से इतने भयानक भूंकप के झटकों के बावजूद 6 दिन बाद बच्चा मौत को हराते हुए बाहर निकला. लेकिन दूसरी तरफ एक इमारत की छत गिरने के कारण 14 बच्चों की मौत हो गई. ये घटना पाकिस्तान की राजधानी लाहौर की है. यहां लाहौर के बस्ती ईदगाह काहना नौ इलाके में घटना घटी है.
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक ये हादसा एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से हुआ है. हादसे के समय इसमें कुल 19 बच्चे थे, लेकिन 14 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई. पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है. इस हादसे के समय ट्यूशन सेंटर चला रही अनीला और उसका बच्चा भी मलबे में दब गए. दोनों गंभीर रूप से घायल हुए. बाद में पुलिस ने अनीला को गिरफ्तार कर लिया. वह मकान मालिक रेहान की पत्नी बताई जा रही है.
चमत्कारी रेस्क्यू के बाद भी फंसे हुए हैं लोग
इस चमत्कारी रेस्कयू के बीच हालात अब भी बेहद गंभीर हैं. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि हजारों लोगों को तुरंत भोजन, पानी और रहने की जगह की जरूरत है. पिछले सप्ताह आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई. अब तक 1943 लोगों की मौत हो चुकी है, 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हैं. हजारों लोग अब भी लापता हैं. इसमें 24 देश अभी रेस्क्यू में जुटे हुए हैं.
About the Authorसज्जन कुमार दड़बीSenior Sub Editor
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